'मुख्यमंत्री को कैसे पता चले आंकड़े?', 1.27 करोड़ हिंदुओं के वोट कटने के दावे पर अखिलेश यादव का सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से नाम कटने के मुद्दे पर BJP और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरा है. उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के नाम मतदाता सूची से गायब हो गए हैं. अखिलेश यादव ने पूछा कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि वोटर लिस्ट से गायब हुए नाम हिंदुओं के ही हैं.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर लोगों को डराया गया और कुछ लोगों के वोट देने के अधिकार पर सवाल खड़े किए गए. उन्होंने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल लोगों को समाज में बदनाम करने के लिए किया गया.
मुख्यमंत्री को कैसे पता कि हिंदुओं के ही वोट कटे हैं?
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि 30 तारीख को उन्होंने 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के नाम मतदाता सूची से गायब होने की बात कही थी. अखिलेश ने कहा कि इस बयान की रिकॉर्डिंग कई चैनलों के पास मौजूद होगी.
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मतदाता सूची से इतने नाम गायब हुए हैं, तो मुख्यमंत्री को कैसे पता कि ये सभी हिंदुओं के ही नाम हैं.
अखिलेश ने कहा कि सवाल लोगों के वोट देने के अधिकार का है. उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के नाम पर लोगों को डराने और उनके वोट के अधिकार को छीनने की कोशिश की गई.
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अखिलेश यादव ने SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े फॉर्म-7 का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि PDA प्रहरियों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 के जरिए वोट काटने की कोशिशों को रोका.
उन्होंने कहा कि समाजवादी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ऐसे मामलों को पकड़ा, जिनमें कथित तौर पर गलत तरीके से लोगों के वोट काटने के लिए फॉर्म-7 भरे जा रहे थे.
अखिलेश ने नंदलाल निषाद का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वह दस्तखत करना नहीं जानते थे, लेकिन उनके दस्तखत करवाकर फॉर्म-7 भरवाया जा रहा था. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी कार्यकर्ताओं ने इस तरह की कोशिशों को रोका और इसके बाद उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 भरना बंद हो गया.