खाने के पैकेट पर लिखे 14 नंबर पढ़ना सीखिए, FSSAI का है ये राज

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FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक बार फिर खबरों में है. दरअसल, FSSAI ने नेस्ले इंडिया के तीन बेबी फूड प्रोडक्टस से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इनमें एक फॉलो-अप फॉर्मूला के सैंपल में बायोटिन यानी विटामिन बी7 की मात्रा तय मानक से कम पाई गई,...

FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक बार फिर खबरों में है. दरअसल, FSSAI ने नेस्ले इंडिया के तीन बेबी फूड प्रोडक्टस से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इनमें एक फॉलो-अप फॉर्मूला के सैंपल में बायोटिन यानी विटामिन बी7 की मात्रा तय मानक से कम पाई गई, जबकि नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजन प्रो 1 के प्रचार से जुड़े दावों को लेकर भी सवाल उठे हैं. 

FSSAI का नाम सामने आते ही अब लोगों का ध्यान उस नंबर पर भी जा रहा है, जो खाने के पैकेट पर अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. जब भी हम बाजार से पैकेज्ड फूड खरीदते हैं, तो कीमत, एक्सपायरी डेट और दूसरी जानकारियां जरूर देखते हैं, लेकिन पैकेट पर लिखे 14 अंकों वाले FSSAI नंबर को अक्सर नहीं पढ़ते. 

क्या आपने कभी सोचा है कि इन 14 नंबरों का मतलब क्या होता है? यह सिर्फ एक पहचान संख्या नहीं है, बल्कि इसके अलग-अलग हिस्सों में खाद्य कारोबार के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी होती है. आइए समझते हैं कि इन 14 अंकों में क्या छिपा होता है.

14 अंकों के नंबर में क्या जानकारी होती है?

पहला अंक बताता है लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन: FSSAI के मुताबिक 14 अंकों वाला नंबर अगर 1 से शुरू होता है तो यह FSSAI लाइसेंस को दर्शाता है, जबकि 2 से शुरू होने पर यह FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर होता है. यानी नंबर का पहला अंक देखकर आप समझ सकते हैं कि संबंधित खाद्य कारोबार लाइसेंस के तहत है या रजिस्ट्रेशन के तहत.

दूसरे और तीसरे अंक से पता चलता है राज्य या केंद्र: नंबर के दूसरे और तीसरे अंक राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या केंद्रीय लाइसेंसिंग अथॉरिटी से जुड़े कोड को दर्शाते हैं. यानी इन दो अंकों से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि संबंधित फूड बिजनेस किस क्षेत्र से जुड़ा है.

चौथे और पांचवें अंक में साल की जानकारी: 14 अंकों के नंबर में चौथा और पांचवां अंक उस वर्ष को दर्शाता है, जिसमें लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया गया था. यानी इस हिस्से से लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन जारी होने के साल की जानकारी मिलती है.

छठे से आठवें अंक में डेजिग्नेटेड ऑफिसर का कोड: इसके बाद आने वाले तीन अंक संबंधित डेजिग्नेटेड ऑफिसर यानी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार अधिकारी के कोड से जुड़े होते हैं. FSSAI के दस्तावेज में इन्हें डीओ कोड कहा गया है.

आखिरी छह अंक होते हैं यूनिक नंबर: 14 अंकों के नंबर के आखिरी छह अंक उस खास लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की अलग पहचान के लिए दिए जाते हैं. इन्हें सीरियल नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह पूरा 14 अंकों का नंबर किसी खाद्य कारोबार के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की पहचान करने में मदद करता है.

ग्राहक के लिए क्यों जरूरी है FSSAI नंबर?

खाने का पैकेट खरीदते समय FSSAI नंबर देखना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे ग्राहक को यह समझने में मदद मिलती है कि संबंधित खाद्य कारोबार FSSAI की लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के तहत दर्ज है या नहीं. हालांकि सिर्फ FSSAI नंबर देखकर किसी उत्पाद को पूरी तरह सुरक्षित या अच्छा मान लेना सही नहीं है. यह नंबर मुख्य रूप से Food Business के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की पहचान से जुड़ा है.

पैकेज्ड फूड खरीदते समय FSSAI नंबर के साथ पैकेट पर दी गई दूसरी जरूरी जानकारियां भी जरूर पढ़ें. इनमें बनाने की तारीख, एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर डेट, सामग्री, बैच नंबर और शाकाहारी या मांसाहारी निशान शामिल हैं. अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है, तो पैकेट पर दी गई एलर्जी संबंधी जानकारी भी ध्यान से देखें. यानी अगली बार जब आप कोई पैकेज्ड फूड खरीदें, तो सिर्फ ब्रांड और कीमत पर नजर न डालें, बल्कि उस छोटे से FSSAI नंबर को भी जरूर देखें.

Original Source
https://www.aajtak.in/trending/story/fssai-14-digit-number-on-food-packets-license-registration-meaning-tstf-dskc-2647074-2026-09-19?utm_source=rss
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