राजा भइया के गढ़ में धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा, कुंडा में जुटेंगे 2 लाख श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का कुंडा एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर चर्चा में है. यहां बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया के यहां बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्री रामकथा आयोजित कराने की तैयारी की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, राजा भइया अपने गढ़ कुंडा में यह भव्य धार्मिक आयोजन कराने जा रहे हैं. हालांकि अभी आयोजन की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन अंदरखाने तैयारियां शुरू होने की बात सामने आ रही है.
सूत्रों के अनुसार, श्री रामकथा के आयोजन को लेकर राजा भइया के करीबियों ने बागेश्वर धाम सरकार से संपर्क किया है. कथा की तारीखों को लेकर बातचीत और मंथन चल रहा है. सूत्रों की मानें तो इसी साल नवंबर में 17, 18 और 19 तारीख को कथा आयोजित की जा सकती है. यानी तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन की तैयारी को लेकर कुंडा में हलचल शुरू हो गई है. हालांकि इन तारीखों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जनसत्ता दल की ओर से आयोजन को लेकर औपचारिक ऐलान होना बाकी है.
कथा के आयोजन के लिए कुंडा के बेती स्थित राजमहल परिसर या किसी बड़े मैदान को संभावित जगह के तौर पर देखा जा रहा है. जानकारी के मुताबिक राजा भइया खुद भी अपने शुभचिंतकों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं. उनके जनसत्ता दल की साइट पर निरीक्षण से जुड़ी तस्वीरें भी अपलोड की जा चुकी हैं. इससे संकेत मिल रहा है कि प्रस्तावित कथा को लेकर तैयारियां केवल चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आयोजन स्थल और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर भी काम आगे बढ़ रहा है.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा को लेकर कुंडा और आसपास के इलाकों में लोगों की दिलचस्पी दिखाई दे रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आयोजन में करीब दो लाख लोगों की भीड़ जुट सकती है. प्रतापगढ़ के अलावा प्रयागराज और कौशांबी से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का अनुमान है. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के चलते यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. राजा भइया के समर्थकों में भी प्रस्तावित कथा को लेकर उत्साह बताया जा रहा है. कुंडा में इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजन का अपना अलग प्रभाव माना जा रहा है.
राजा भइया पहले भी बड़े धार्मिक आयोजन कराते रहे हैं. उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह भी धार्मिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं. ऐसे में धीरेंद्र शास्त्री की श्री रामकथा को लेकर राजा भइया के गढ़ कुंडा में होने वाला यह आयोजन धार्मिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. यही वजह है कि प्रस्तावित आयोजन को लेकर अभी से लोगों की नजरें टिकी हुई हैं.
धार्मिक आयोजन के साथ इसे राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कथा के जरिए राजा भइया एक बार फिर अपनी हिंदुत्ववादी छवि और जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में बड़ी भीड़ जुटने की वजह से कुंडा में प्रस्तावित आयोजन को क्षेत्र का बड़ा धार्मिक कार्यक्रम माना जा रहा है. जानकारों का यह भी मानना है कि अगर अनुमान के मुताबिक करीब दो लाख लोग जुटते हैं तो आयोजन का असर कुंडा के साथ आसपास के जिलों तक दिखाई दे सकता है.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल आयोजन की आधिकारिक तारीख और स्थान को लेकर है. सूत्रों के मुताबिक 17, 18 और 19 नवंबर को कथा होने की संभावना है, लेकिन जनसत्ता दल की ओर से अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. फिलहाल इतना साफ है कि राजा भइया के करीबियों की ओर से बागेश्वर धाम सरकार से संपर्क किया गया है और कथा की तारीखों को लेकर मंथन चल रहा है. आयोजन स्थल को लेकर भी निरीक्षण हो चुका है. अगर प्रस्तावित कार्यक्रम तय होता है तो नवंबर में कुंडा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्री रामकथा बड़ा धार्मिक आयोजन बन सकती है. फिलहाल श्रद्धालुओं और राजा भइया के समर्थकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.
