2 करोड़ वाली ‘हनुमान अंश’ का तूफान! 44 दिन बाद भी जनता की पहली पसंद, कुणाल-करीना कर रहे स्ट्रगल
नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म हनुमान अंश का नाम हिंदी सिनेमा में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा. इसने साबित किया कि किसी भी फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के लिए 100 करोड़ जितने बजट की जरूरत नहीं होती. अगर आपकी कहानी में दम हो, तो मात्र 2 करोड़ में भी एक ब्लॉकबस्टर फिल्म बन सकती है.
हनुमान अंश बीते 44 दिनों से थिएटर्स में लगी हुई है, और हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रही है. इसने इसी साल आई धुरंधर, बॉर्डर 2, जैसी बड़ी हिंदी फिल्मों को पछाड़ा. धुरंधर जहां अपने 6वें हफ्ते में आकर धीमी पड़ी उसके सामने हनुमान अंश धूम मचा रही है. ये अपने सामने हर उस फिल्म की मुश्किल बढ़ा रही है, जो नए हफ्ते में रिलीज हो रही है. पिछले हफ्ते हैवान रिलीज हुई, जो डिजास्टर की तरफ बढ़ रही है. अब इस हफ्ते दायरा और वाइब हैं, जिन्हें हनुमान अंश के तूफान का सामना करना पड़ रहा है.
करीना कपूर स्टारर दायरा और कुणाल खेमू की कॉमेडी मूवी वाइब, 18 सितंबर को सिनेमाघरों में लगी. ये दोनों ही फिल्में देखा जाए, तो हनुमान अंश से बजट और स्टारकास्ट में बड़ी है. लेकिन तब भी ऑडियंस की पहली पसंद नीम करोली बाबा वाली फिल्म रही है.
सबसे पहले अगर बात हनुमान अंश की करें, तो सैकनिल्क की रिपोर्ट अनुसार इसने अपने 44वें दिन यानी शनिवार को भी 9.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. फिल्म ने अपने नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज किया है. आज से पहले किसी भी बॉलीवुड फिल्म ने 40 दिनों के बाद भी इतने पैसे नहीं कमाए हैं. बस धुरंधर और पठान ने ही 2 करोड़ के आसपास कमाई की थी. 44 दिन बाद, हनुमान अंश का टोटल नेट कलेक्शन 258.13 करोड़ रुपये पहुंच चुका है.
क्या है कुणाल-करीना की फिल्मों का हाल?
वहीं दायरा और वाइब की बात करें, तो करीना और कुणाल की फिल्म को पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ का भरपूर फायदा मिला है. दायरा के देशभर में 2000 के आसपास शोज लगे थे, जिसमें इसकी नेट कमाई 1.6 करोड़ रुपये रही. शुक्रवार को धीमी शुरुआत के बाद, करीना की फिल्म ने एक अच्छा जंप देखा. दूसरी तरफ वाइब ने भी शनिवार को बड़ा जंप लिया. पहले दिन के मुकाबले, दूसरे दिन इसके शोज कम हुए मगर तब भी फिल्म ने नेट 2.65 करोड़ रुपये कमाए. कुणाल की फिल्म का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिलहाल 4.35 करोड़ रुपये पहुंच चुका है.
देखा जाए, तो लोग दायरा और वाइब दोनों ही फिल्मों को पसंद कर रहे हैं और मौके भी दे रहे हैं. बस फर्क सिर्फ इतना है कि इन्हें चमकने का मौका इसलिए नहीं मिल रहा क्योंकि इनके सामने हनुमान अंश जैसी दमदार फिल्म खड़ी है. जो इतने दिनों बाद भी जनता की इकलौती पसंद बनी हुई है.

