20 लाख रुपये है हर महीने की कमाई, लेकिन बचते हैं केवल 2-3 लाख रुपये, जिम ओनर ने शेयर किया वीडियो
बिजनेस बाहर से जितना चमकदार दिखता है, उसे चलाने का खर्च कई बार उतना ही ज्यादा होता है. फरीदाबाद के एक जिम मालिक ने सोशल मीडिया पर अपने कारोबार की कमाई और खर्च का हिसाब शेयर किया है. उनका कहना है कि जिम में हर महीने करीब 20 लाख रुपये की बिक्री होती है, लेकिन स्टाफ की सैलरी, किराया, बिजली और लोन की किस्त चुकाने के बाद उनके पास सिर्फ 2 से 3 लाख रुपये ही बचते हैं. वीडियो में शख्स ने आगे कहा कि कई लोगों को लगता है कि जिम खोलने के बाद हर महीने अच्छी कमाई हो सकती है. हालांकि, इस बिजनेस की असली तस्वीर इतनी आसान नहीं है.
फरीदाबाद के जिम संचालक नितेश यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने बताया कि जिम शुरू करने में करीब 3 करोड़ रुपये का निवेश किया था. इसमें मशीनें और अन्य उपकरण, इंटीरियर, तीन महीने का एडवांस किराया, मेंटेनेंस और मार्केटिंग का खर्च शामिल है. नितेश के मुताबिक, उनके जिम में करीब 700 एक्टिव मेंबर हैं. यहां हर महीने की मेंबरशिप फीस 6,000 रुपये है. उन्होंने अपने वीडियो में जिम की औसत मासिक कमाई 2 लाख से 8 लाख रुपये के बीच बताई. वहीं, 20 लाख रुपये की मासिक बिक्री के उदाहरण से उन्होंने कारोबार का खर्च समझाया.
नितेश ने बताया कि जिम चलाने में सबसे बड़ा खर्च स्टाफ की सैलरी और किराये का है. वीडियो में उन्होंने आगे बताया कि हर महीने कर्मचारियों की सैलरी पर करीब 6 से 7 लाख रुपये खर्च होते हैं. वहीं, किराया जीएसटी सहित करीब 4 लाख रुपये बैठता है. इसके अलावा बिजली का बिल 70 हजार से 1 लाख रुपये तक आता है. इसके बाद अन्य छोटे-बड़े खर्चों पर हर महीने 1 से 3 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं. इसके बाद उनके पास 5 से 6 लाख रुपये बचते हैं लेकिन यह उनकी आखिरी बचत नहीं है.
जिम शुरू करने के लिए किए गए निवेश के चलते नितेश को हर महीने करीब 3 लाख रुपये की EMI भी चुकानी पड़ती है. इस किस्त के बाद उनके पास करीब 2 से 3 लाख रुपये बचते हैं. इसके बाद घर और निजी जरूरतों के खर्च भी होते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जिम को बाजार में बनाए रखने के लिए लगातार निवेश करना पड़ता है. केवल मशीनें खरीदकर या जिम खोलकर काम खत्म नहीं हो जाता. ग्राहकों की उम्मीदों और बाजार में प्रतिस्पर्धा के मुताबिक सुविधाओं और उपकरणों को अपग्रेड करते रहना पड़ता है.
नितेश ने अपनी पोस्ट में बताया कि जिम के कारोबार में नए ग्राहक जोड़ने के साथ पुराने मेंबर्स को बनाए रखना भी जरूरी है. उनके मुताबिक, जिम की कमाई में से किराया, स्टाफ की सैलरी और मेंटेनेंस जैसे खर्च घटाने के बाद ही असली मुनाफे का अंदाजा लगाया जा सकता है. उनकी कहानी दिखाती है कि ज्यादा बिक्री का मतलब उतनी ही ज्यादा बचत होना नहीं है. किसी भी बिजनेस में शुरुआती निवेश के साथ-साथ हर महीने होने वाले खर्च और लोन की किस्त का हिसाब रखना भी जरूरी है.


