गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए छुट्टी मांगी, बदले में मांग ली 25 हजार की रिश्वत... अधिकारी गिरफ्तार
गुजरात के सूरत में रिश्वतखोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में तैनात एक सिक्योरिटी ऑफिसर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोप है कि अधिकारी ने अपने ही विभाग के एक कर्मचारी से उसकी गर्भवती पत्नी को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए ड्यूटी से छुट्टी देने के बदले रिश्वत मांगी थी.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेष मणीलाल पारेख के रूप में हुई है. वह वर्ग-3 सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में तापीपुरा स्थित कार्यालय में तैनात था.
पत्नी की मेडिकल जांच के लिए छुट्टी मांगी थी ACB के मुताबिक शिकायतकर्ता भी सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में काम करता है. उसकी पत्नी गर्भवती हैं और गर्भावस्था के दौरान उन्हें नियमित रूप से डॉक्टर और अस्पताल जाना पड़ता था. पत्नी की मेडिकल जरूरतों के चलते कर्मचारी को कई बार ड्यूटी के दौरान उनके साथ अस्पताल जाना पड़ता था.
आरोप है कि इसी को लेकर सिक्योरिटी ऑफिसर शैलेष पारेख ने कर्मचारी से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. कथित तौर पर अधिकारी ने कहा कि रकम देने के बाद उसे ड्यूटी के दौरान बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी. साथ ही उसकी गैरहाजिरी दर्ज नहीं की जाएगी और न ही इस संबंध में कोई मेमो जारी किया जाएगा.
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था. इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी और आरोपी अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
ACB ने बिछाया जाल और चेंबर में पकड़ा शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की प्राथमिक जांच की. इसके बाद आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई. 28 सितंबर 2026 को ACB की टीम ने तय योजना के मुताबिक कार्रवाई शुरू की.
शिकायतकर्ता आरोपी सिक्योरिटी ऑफिसर के संपर्क में पहुंचा और दोनों के बीच रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई. ACB के अनुसार, बातचीत के बाद शैलेष पारेख ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार कर ली. जैसे ही उसने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से तैयार ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया.
चेंबर से बरामद हुई रिश्वत की पूरी रकम ACB की यह कार्रवाई सूरत महानगरपालिका के तापीपुरा स्थित मुख्य कार्यालय में सिक्योरिटी ऑफिसर के चेंबर में की गई. ट्रैप के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम यानी 25 हजार रुपये बरामद कर ली गई.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस पूरे ट्रैप ऑपरेशन को सूरत ग्रामीण ACB पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एस.डी. धोबी की अगुवाई में अंजाम दिया गया.
क्या पहले भी मांगी थी रिश्वत? ACB अब मामले की आगे जांच कर रही है. जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी सिक्योरिटी ऑफिसर ने इससे पहले भी महानगरपालिका के किसी कर्मचारी से इसी तरह रिश्वत की मांग की थी.
फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है. इस कार्रवाई के बाद सूरत महानगरपालिका के वॉच एंड वार्ड विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.


