उस वक्त भी ऐसा ही हुआ था... 27 साल पहले भी हुआ था इजरायल प्लेन जैसा हादसा! तब क्या हुआ था?
इजरायल जा रही एक फ्लाइट में को-पायलट और कैप्टन के बीच चाकूबाजी की घटना की खबर ने विमान में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. लेकिन उड़ान के दौरान कॉकपिट में चाकू पहुंचने और पायलट पर हमला होने का मामला नया नहीं है. करीब 27 साल पहले जापान में भी ऐसा ही एक खौफनाक वाकया हुआ था. तब एक यात्री चाकू लेकर कॉकपिट में घुस गया था. उसने कैप्टन की हत्या कर दी और कुछ देर के लिए विमान का कंट्रोल भी अपने हाथ में ले लिया.
यह घटना 24 जुलाई 1999 की है. जापान की एयरलाइन All Nippon Airways (ANA) की एक Boeing 747 फ्लाइट टोक्यो से उत्तरी जापान के होक्काइडो जा रही थी. विमान में 503 यात्री और 14 क्रू मेंबर सवार थे. उड़ान को अभी कुछ ही समय हुआ था कि एक यात्री चाकू लेकर कॉकपिट में पहुंच गया. इसके बाद विमान के अंदर ऐसा हंगामा मचा कि यात्रियों को लगा, अब शायद वे सुरक्षित घर नहीं लौट पाएंगे.
चाकू लेकर कॉकपिट में घुसा यात्री द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर की पहचान युजी निशिजावा के रूप में हुई थी. यात्रियों के मुताबिक, उसके बाल बिखरे हुए थे और उसने सफेद दस्ताने पहन रखे थे. उसके पास करीब आठ इंच लंबा चाकू था. उसने कॉकपिट में जाने की मांग की और वहां पहुंचने के बाद को-पायलट को बाहर कर दिया.
इस दौरान कॉकपिट में धक्का-मुक्की हुई और विमान जोर-जोर से हिलने लगा. निशिजावा ने कैप्टन से विमान का रास्ता बदलकर अमेरिकी सैन्य अड्डे योकोटा की ओर ले जाने को कहा. लेकिन उसका इरादा सिर्फ विमान का रास्ता बदलवाना नहीं था.
कैप्टन पर चाकू से हमला, विमान तेजी से नीचे आने लगा करीब आधे घंटे बाद निशिजावा ने कैप्टन नाओयुकी नागाशिमा की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया. इसके बाद उसने ऑटोपायलट बंद करने की कोशिश की. विमान का कंट्रोल बिगड़ने लगा और वह तेजी से नीचे उतरने लगा.
यात्रियों ने बताया था कि उस वक्त विमान जमीन के बेहद करीब पहुंच गया था. एक यात्री यासुहिरो फुकुदा ने बाद में कहा कि उसने जमीन को इतनी नजदीक से पहले कभी नहीं देखा था और उसे लगा कि अब सब खत्म होने वाला है.
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, निशिजावा ने पुलिस को बताया था कि वह विमान को टोक्यो के रेनबो ब्रिज के नीचे से उड़ाना और हवा में करतब दिखाना चाहता था. वह फ्लाइट-सिम्युलेटर वीडियो गेम का शौकीन था और असली विमान उड़ाने की इच्छा रखता था.
को-पायलट और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को पकड़ा विमान के अंदर हालात बिगड़ते देख को-पायलट और क्रू के दूसरे सदस्यों ने दोबारा कॉकपिट में घुसकर हमलावर का सामना किया. इस दौरान यात्रियों ने भी मदद की. आखिरकार निशिजावा को काबू कर लिया गया. उसे यात्रियों की बेल्ट और दूसरी चीजों से बांध दिया गया.
इसके बाद क्रू ने विमान का कंट्रोल संभाला और ANA Flight 61 को वापस टोक्यो के हनेडा एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया. विमान में सवार किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन कैप्टन नागाशिमा की चाकू के कई घावों के कारण मौत हो चुकी थी. जापान के परिवहन मंत्रालय ने इस घटना को देश में विमान अपहरण से जुड़ी पहली ऐसी घटना बताया, जिसमें किसी की जान गई थी.
सुरक्षा जांच पर उठे था सवाल घटना के बाद जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री कीजो ओबुची ने कैप्टन की मौत पर शोक जताया और जांच के आदेश दिए. सबसे बड़ा सवाल यही था कि एक यात्री इतना बड़ा चाकू लेकर एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच पार कैसे कर गया.
हनेडा एयरपोर्ट पर सामान की जांच करने वाली मशीनों को बेहतर बनाने का आदेश दिया गया. हालांकि, परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, वहां मौजूद 19 मशीनों में से उस समय सिर्फ पांच को बदला गया था.
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उस वक्त की रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि निशिजावा का हाल में डिप्रेशन का इलाज हुआ था और उसने पहले आत्महत्या की कोशिश की थी. यह जानकारी जांच के दौरान सामने आई थी.
27 साल पहले की घटना से क्या है आज के हादसे की समानता? जापान की ANA Flight 61 की घटना और हाल में इजरायल जा रही फ्लाइट में सामने आई चाकूबाजी की खबर में एक बड़ी समानता है—दोनों मामलों में उड़ान के दौरान कॉकपिट में हिंसा हुई और विमान की सुरक्षा खतरे में पड़ गई. जापान में तो हमलावर ने कैप्टन की हत्या कर दी और कुछ समय के लिए विमान का कंट्रोल भी अपने हाथ में ले लिया था.
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हालांकि, दोनों घटनाओं की परिस्थितियां और उनका पूरा घटनाक्रम अलग-अलग हैं. जापान की घटना में यात्रियों और क्रू की सूझबूझ से विमान सुरक्षित उतर गया, लेकिन कैप्टन की जान नहीं बचाई जा सकी. इस हादसे ने उस दौर में एयरपोर्ट सुरक्षा और कॉकपिट तक पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे—ऐसे सवाल, जो विमानन सुरक्षा में आज भी अहम हैं.


