एक बोल्ट में आई दिक्कत, 28.6 लाख कारों को कंपनी ने बुलाया वापस... क्या है मामला
फॉक्सवैगन ग्रुप ने दुनिया भर में अपनी 28.6 लाख कारों को वापस बुलाया है. इस रिकॉल में फॉक्सवैगन और ऑडी दोनों ही ब्रांड्स की कारें शामिल हैं. इसकी वजह स्टीरियरिंग से जुड़ी एक समस्या है. दरअसल, जंग लगने से स्टीयरिंग-रैक माउंटिंग बोल्ट कमजोर हो सकता है. जहां तक की स्थिति बुरी होने पर स्टीयरिंग से कंट्रोल तक खो सकता है.
इस दिक्कत से प्रभावित होने वाली कारों की लिस्ट में फॉक्सवैगन गोल्फ, गोल्फ वेरिएंट, टाइगुन, टूरैन और कैडी के साथ ऑडी क्यू3 शामिल हैं. कंपनी ने इस गाड़ियों को रिकॉल किया है, जिससे उनमें मौजूद दिक्कत को किसी हादसे से पहले ही ठीक किया जा सके.
वापस बुलाई गई कारों की लिस्ट में 21.6 लाख कारें फॉक्सवैगन की हैं, जबकि 6.96 लाख कारें ऑडी क्यू3 हैं. फॉक्सवैगन की सितंबर 2013 से लेकर जुलाई 2024 के बीच बनी कारों में ये दिक्कत आ सकती है. वहीं ऑडी क्यू 3 की अक्टूबर 2017 से मई 2024 के बीच बनी यूनिट्स प्रभावित हुई हैं.
जर्मनी की फेडरल मोटर ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि फिलहाल मामले से जुड़ा नुकसान का कोई मामला सामने नहीं आया है. फॉक्सवैगन ग्रुप की गाड़ियों की ये समस्या एक बोल्ट से जुड़ी हुई है, जो स्टीयरिंग रैक को फ्रंट सब-फ्रेम से जोड़ता है. कुछ परिस्थितियों में इस बोल्ट में जंग लग सकती है.
अगर जंग बढ़ती है, तो बोल्ट टूट सकता है और स्टीयरिंग रैक हाउसिंग को नुकसान पहुंचा सकता है. इसकी वजह से स्टीयरिंग पर कंट्रोल कम हो सकता है और फिर कंट्रोल खत्म भी हो सकता है. कंपनी का कहना है कि ये एक्शन एहतियातन लिया गया है. संबंधित डीलरशिप पर प्रभावित बोल्ट को ज्यादा कोरोजन रेजिस्टेंट बोल्ट से रिप्लेस किया जाएगा.
ग्लोबल फॉक्सवैगन की लिस्ट में कई कारें मौजूदा हैं, जिनमें से बहुत सी भारत में कभी भी मेनस्ट्रीम प्रोडक्ट नहीं रही हैं. हालांकि, टाइगुन ऐसी कार है, जो सालों से भारतीय बाजार में बिक रही है. वहीं ऑडी ने क्यू3 की कई जनरेशन को यहां बेचा है.
हालांकि, इसका ये मतलब नहीं है कि इस दौरान बनी सभी फॉक्सवैगन टाइगुन और ऑडी क्यू3 प्रभावित होंगी. कंपनी व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर, प्रोडक्शन डेट और कंपोनेंट कॉम्बिनेशन के आधार पर कारों को रिकॉल कर रही है. फिलहाल भारत में फॉक्सवैगन ग्रुप ने कोई जानकारी नहीं दी है.
