पत्नी और 3 बेटियों की हत्या, फिर मंदिर-मंदिर भटका, खुदकुशी की कोशिश की, खाटूश्यामजी में ऐसे पकड़ा गया
जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या के बाद आरोपी राहुल झा घर से फरार तो हुआ, लेकिन सीधे कहीं छिपने नहीं गया. परिवार को खत्म करने के बाद वह एक के बाद एक मंदिरों में पहुंचता रहा. पुलिस के मुताबिक, उसका मन शांत नहीं हुआ तो उसने सड़क पर वाहन के आगे जाकर खुदकुशी करने की कोशिश भी की, लेकिन डर के कारण पीछे हट गया. इसके बाद वह बस में बैठकर खाटूश्यामजी के लिए निकल गया. वहीं सादा वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में पुलिस के सामने इस हत्याकांड से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, राहुल झा ने बताया कि वह अक्सर ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे सीरियल देखता था. पुलिस का दावा है कि इसी वजह से उसने जांच से बचने के लिए डिजिटल स्ट्राइक का इस्तेमाल किया.
पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच के मुताबिक, राहुल पिछले दो-तीन महीनों से पत्नी और अपनी बड़ी बेटी को लेकर तनाव में था. उसे शक था कि बड़ी बेटी का किसी युवक से अफेयर चल रहा है. राहुल पत्नी से बेटी को समझाने के लिए कहता था, लेकिन पत्नी बेटी का पक्ष लेती थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. आरोपी को शक था कि रात के समय कोई युवक उसकी बेटी से मिलने घर आता है. पुलिस के मुताबिक, उसने बेटी को अनजान लोगों के संपर्क से दूर रहने के लिए कई बार समझाया था. इसी तनाव के बीच राहुल ने पत्नी और बड़ी बेटी को खत्म करने की योजना बनाई. लेकिन उसके दिमाग में एक और सवाल चल रहा था. अगर पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या के बाद वह जेल चला गया तो उसकी छोटी बेटियों की देखभाल कौन करेगा. पुलिस के मुताबिक, इसी सोच के चलते उसने पूरे परिवार को खत्म करने का फैसला कर लिया.
पुलिस के अनुसार, राहुल ने सबसे पहले अपनी पत्नी की हत्या की. इसके बाद नीचे कमरे में सो रही बड़ी बेटी और दोनों छोटी बेटियों को भी मार डाला. हालांकि, घर में मौजूद उसके 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता को उसने हाथ तक नहीं लगाया. पुलिस के मुताबिक, घर से निकलने से पहले राहुल ने पिता के लिए गर्म चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाई. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसके पिता को करीब 33 हजार रुपये महीने की पेंशन मिलती थी. उसे लगा कि परिवार खत्म होने के बाद उसका भाई पिता को अपने साथ रख लेगा और उनकी देखभाल कर सकेगा. इसी वजह से उसने पिता की जान बख्श दी.
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के मुताबिक, राहुल झा ने सुबह करीब 5 बजे पत्नी और तीनों बेटियों की हत्या की. इसके बाद वह बाथरूम में गया, नहाया और कपड़े बदले. करीब 7 बजे उसने दूध वाले से दूध लिया. घर पर चाय बनाई और पिता के साथ बैठकर चाय पी. इसके बाद वह घर से निकल गया. उस समय उसकी जेब में करीब 800 रुपये थे. सुबह करीब 8:10 बजे वह घर से बाहर निकला और ई-रिक्शा से झोटवाड़ा कांटा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचा. पुलिस के मुताबिक, राहुल वहां करीब डेढ़ घंटे तक बैठा रहा.
हनुमान मंदिर से निकलने के बाद राहुल अंबाबाड़ी स्थित माताजी मंदिर पहुंचा. वहां उसने दर्शन किए और कुछ समय रुका. इसके बाद वह पापड़ वाले हनुमान जी मंदिर गया. लगातार मंदिरों में जाने के बाद भी उसका मन शांत नहीं हुआ. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने सड़क पर किसी वाहन के आगे जाकर खुदकुशी करने की कोशिश की, लेकिन डर के कारण पीछे हट गया. इसके बाद राहुल बस में बैठकर खाटूश्यामजी के लिए निकल गया. रास्ते में किराए और खाने में उसके पैसे खर्च हो गए.
खाटूश्यामजी पहुंचने के बाद राहुल ठहरने और छिपने के लिए जगह तलाशता हुआ इधर-उधर घूम रहा था. इसी दौरान सादा वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई. पुलिस ने राहुल झा को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पूछताछ में परिवार के भीतर चल रहे तनाव, हत्या की कथित योजना, हत्या के बाद उसके मंदिरों में भटकने और आत्महत्या की कोशिश से जुड़ी जानकारी सामने आई. पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राहुल पिछले कुछ समय से पत्नी और बड़ी बेटी को लेकर तनाव में था. बड़ी बेटी के रिश्ते को लेकर उसका पत्नी से विवाद होता था. इसी तनाव के बीच उसने परिवार को खत्म करने का फैसला किया. हत्या के बाद वह खुद भी बेचैन रहा और आखिरकार मंदिरों की ओर निकल गया, लेकिन खाटूश्यामजी पहुंचने से पहले ही पुलिस की नजर उस पर पड़ गई.


