म्यांमार सीमा पार से आए बंदूकधारियों का खौफनाक तांडव! मणिपुर के कामजोंग में 4 लोगों की गोलियां मारकर हत्या, 24 घंटे का इमरजेंसी बंद
मणिपुर के कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में गुरुवार को एक हथियारबंद हमले में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक यह हमला दोपहर करीब 4 बजे हुआ. पिलोंग गांव इंडो म्यांमार बॉर्डर पिलर नंबर 95 के पास स्थित है और चासाड पुलिस स्टेशन से करीब 30 किलोमीटर दूर है. पुलिस को शक है कि हमलावर इंडो म्यांमार सीमा पार से आए थे.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमला संभवतः सीमा पार से आए हथियारबंद लोगों ने किया. इस हमले में एक पिता और उनके बेटे समेत चार लोग मारे गए, जबकि अखन कापिंग नाम का एक व्यक्ति किसी तरह बचकर भाग निकला और उसी ने इस घटना की जानकारी दी. चासाड पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की अगुवाई में एक पुलिस टीम स्थानीय लोगों और असम राइफल्स के साथ मिलकर शव और घायल व्यक्ति को लाने के लिए पिलोंग गांव पहुंची.
पुलिस ने अभी तक इस हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन खबरों के अनुसार कुकी नेशनल आर्मी बर्मा यानी केएनए-बी गुट पर शक जताया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम जिंगसुई, बेटरसन जाजो और वारेइशिम जाजो के रूप में की है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है.
कामजोंग जिला म्यांमार सीमा से लगा हुआ है और यहां मुख्य रूप से टांगखुल नागा समुदाय रहता है. इस इलाके में 7 फरवरी से नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव चल रहा है, जो एक शराब पीकर हुए झगड़े से शुरू हुआ था. 13 मई को हुए हमलों में तीन चर्च नेताओं समेत चार लोग मारे गए थे, जिसके बाद दोनों समुदायों ने 48 लोगों को बंधक बना लिया था. बाद में सभी बंधकों को छोड़ दिया गया, लेकिन छह नागा लोगों के शव क्षत विक्षत हालत में मिले. अब तक इस नागा कुकी संघर्ष में 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
टांगखुल नागा लॉन्ग (टीएनएल) संगठन ने शुक्रवार सुबह 7 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे तक 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है. संगठन ने इस हमले के लिए केएनए-बी और कुकी नार्को आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है.

