'यूपी में 50 सीटों से ज्यादा न मांगे कांग्रेस, इतने में खुश रहे...', सीट शेयरिंग पर सपा सांसद की दो टूक
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन नहीं होता तो वह उत्तर प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत पाती. सपा सांसद ने राहुल गांधी को लेकर भी दावा किया कि वह एक समय चुनाव लड़ने से पीछे हटने के लिए तैयार थे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भरोसा दिलाने के बाद ही रायबरेली से चुनाव मैदान में उतरे.
शनिवार को मीडिया बातचीत में शिवपाल सिंह पटेल ने कहा, 'अगर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाती. स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि उनके सबसे बड़े नेता राहुल गांधी अपनी सीट छोड़ने को तैयार थे. वह अमेठी की जगह दूसरी जगह यानी रायबरेली से चुनाव लड़े. वह बहुत डरे हुए थे.'
सपा सांसद ने दावा किया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को भरोसा दिलाया और चुनाव लड़ने के लिए राजी किया. उन्होंने कहा, 'हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें भरोसा दिलाया और चुनाव लड़ने के लिए मनाया. उनसे कहा कि आप चुनाव लड़िए, अगर आप नहीं लड़ेंगे तो हम अपना उम्मीदवार उतार देंगे. इसके बाद ही राहुल गांधी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए. वरना वह उस परंपरागत सीट से चुनाव लड़ने को लेकर बेहद अनिच्छुक थे, जिसे नेहरू परिवार की सीट कहा जाता है.'
शिवपाल सिंह पटेल ने दावा किया कि राहुल गांधी अखिलेश यादव के मनाने के बाद ही रायबरेली से जीत पाए.
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पटेल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को पूरा समर्थन दिया था. गठबंधन में कांग्रेस को जहां भी सीटें मिलीं, वहां समाजवादी पार्टी का एक-एक वोट उसके उम्मीदवारों के पक्ष में गया.
उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी का एक-एक वोट कांग्रेस को मिला. इसी वजह से वे छह सीटें जीत पाए.'
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीतीं और कांग्रेस की तुलना में उसकी स्थिति कहीं मजबूत है. पटेल ने कहा, 'हमने 37 सीटें जीतीं. हम हर लिहाज से कांग्रेस से बहुत आगे हैं. उन्हें 50 से ज्यादा सीटें नहीं मांगनी चाहिए और इतने में खुश रहना चाहिए. कांग्रेस को सहयोग करना चाहिए, न कि तरह-तरह की बेतुकी या नकारात्मक बातें करनी चाहिए.'
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सपा सांसद का यह बयान उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए भविष्य की सीट शेयरिंग के लिहाज से अहम माना जा रहा है. मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस के दो विधायक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के 101 विधायक हैं.
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इनमें अयोध्या वाला फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र भी शामिल था. वहीं उसकी सहयोगी कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं. बीजेपी 33 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि एनडीए को कुल 36 सीटें मिली थीं.
कांग्रेस की ओर से प्रदेश संगठन में ब्राह्मण नेता को प्रदेश अध्यक्ष और मुस्लिम नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के जरिए साधे गए जातीय समीकरण पर भी सपा सांसद ने प्रतिक्रिया दी.
पटेल ने कहा, 'इससे कोई फायदा नहीं होने वाला. दलित मायावती के साथ थे, लेकिन अब वे हमारी तरफ आ गए हैं. उन्हें एहसास हो गया है कि कांग्रेस के शासन में दलितों का कोई खास उत्थान नहीं हुआ और बीजेपी के शासन में भी नहीं हो रहा. जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में सभी को समान अवसर मिलता है. सभी को आगे बढ़ने और उनके बच्चों को शिक्षा हासिल करने का मौका मिलता है.'
उन्होंने कहा कि इसी वजह से पार्टी का नाम 'समाजवादी' रखा गया. पार्टी राम मनोहर लोहिया के आदर्शों पर काम करती है और उसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का कल्याण करना है.
सपा सांसद से जब पूछा गया कि अगर 'बहन' यानी उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा सीटों में ज्यादा हिस्सेदारी की मांग करती हैं तो 'भाई' यानी अखिलेश यादव क्या करेंगे? इस पर पटेल ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में हम बड़े भाई हैं. बल्कि बहुत बड़े भाई हैं. इसलिए उन्हें इस वास्तविकता को ध्यान में रखना चाहिए.'
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में कांग्रेस की स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन जहां भी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा है, वहां उसे नुकसान हुआ है.
पटेल ने दावा किया कि कांग्रेस-सपा गठबंधन जारी रहने पर दोनों पार्टियों को फायदा होगा, लेकिन अगर गठबंधन टूटता है तो समाजवादी पार्टी को कोई खास नुकसान नहीं होगा.
उन्होंने कहा, 'अगर हम गठबंधन में आगे बढ़ते हैं तो निश्चित रूप से फायदा होगा. अगर गठबंधन नहीं भी होता है तो हमें कोई खास नुकसान नहीं होगा, लेकिन उनका आंकड़ा जीरो हो जाएगा.'
सपा सांसद ने आगे कहा, 'मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अगर वे गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ते हैं तो उनकी सीटें जीरो होंगी. जनता समझ जाएगी कि वे केवल वोट काटने के लिए उम्मीदवार उतार रहे हैं. अगर वे वोट कटवा की भूमिका निभाएंगे तो जीरो पर पहुंच जाएंगे.'
शिवपाल सिंह पटेल के बयान पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को इस तरह के बयान देने वाले नेताओं पर लगाम लगानी चाहिए.
अंशु अवस्थी ने कहा, 'समाजवादी पार्टी को ऐसे बयान देने वाले नेताओं को नियंत्रित करना चाहिए. INDIA गठबंधन की वजह से ही वह सांसद बने हैं. उन्हें अपनी सीमा पता होनी चाहिए और इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए.'

