चारधाम यात्रा में हेलिकॉप्टर सफर कितना सुरक्षित? 8 साल में 5 बड़े हादसे, कई लोगों की गई जान
उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलिकॉप्टर हादसों का सिलसिला लगातार चिंता बढ़ा रहा है. साल 2017 से अब तक इस क्षेत्र में कम से कम पांच बड़े हेलिकॉप्टर हादसे हो चुके हैं. इनमें कई पायलट और श्रद्धालुओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है. ताजा हादसा शुक्रवार को हुआ, जब ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें छह लोग सवार थे.
यह हेलिकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून जा रहा था. उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद चमोली जिले के जोशीमठ में पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया. हादसे के वक्त मौसम खराब था और आसमान में बादल छाए हुए थे. बारिश के कारण भी उड़ान की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं.
10 जून 2017: चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ हेलीपैड के पास केस्टरेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. अगस्ता AW119 MK II हेलिकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पहाड़ी ढलान पर गिर गया. इस हादसे में एक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की मौत हो गई थी, जबकि दो पायलट घायल हुए थे. हेलिकॉप्टर में सवार पांच श्रद्धालु सुरक्षित बच गए थे.
18 अक्टूबर 2022: केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा आर्यन एविएशन का बेल 407 हेलिकॉप्टर गरुड़ चट्टी के पास पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह हेलिकॉप्टर यात्रियों को लाने-ले जाने की सेवा में लगा था. हादसे के वक्त मौसम खराब होने और बादलों के नीचे आने की बात सामने आई थी. हेलिकॉप्टर में पायलट समेत सात लोग सवार थे. इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई थी.
8 मई 2025: उत्तरकाशी जिले के गंगनानी के पास एयरो ट्रांस सर्विसेज का बेल 407 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह चारधाम यात्रियों को ले जाने वाली सेवा में लगा था. बताया गया कि पायलट जब हेलिकॉप्टर को हाईवे की ओर नीचे उतारने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका मुख्य रोटर ऊपर से गुजर रही फाइबर ऑप्टिक केबल से टकरा गया. इसके बाद हेलिकॉप्टर खाई में गिर गया. हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ था.
15 जून 2025: केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा आर्यन एविएशन का बेल 407 हेलिकॉप्टर रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. घाटी से बाहर निकलते समय हेलिकॉप्टर खराब मौसम, घने बादलों और कम विजिबिलिटी की चपेट में आ गया था. हेलिकॉप्टर में पायलट, पांच यात्री और एक नवजात समेत कुल सात लोग सवार थे. इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई थी.
चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे इन हादसों ने पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और खराब मौसम में उड़ानों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

