मुंबई एयरपोर्ट 84 साल पुराना T1 टूटेगा, उड़ानें T-2 या NMIA होंगी शिफ्ट... ये है वजह
अगर आप मुंबई से फ्लाइट लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो टिकट बुक करने के साथ यह देखना भी जरूरी होगा कि आपकी उड़ान किस टर्मिनल से है. मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों के लिए बंद होने जा रहा है. इसे नए सिरे से बनाया जाएगा और इस दौरान यहां से कोई उड़ान नहीं होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, नया टर्मिनल 2029-30 तक तैयार हो सकता है. ऐसे में T1 से होने वाली उड़ानों को दूसरे टर्मिनल या नवी मुंबई एयरपोर्ट पर भेजा जा सकता है.
मुंबई एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल-1 को हटाकर उसकी जगह नया ढांचा बनाया जाएगा. यह बड़े तोड़फोड़ और पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट का हिस्सा है. मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के निर्देश के बाद यह काम किया जा रहा है. पहले इस परियोजना को 2025 के मध्य में शुरू करने की योजना थी, लेकिन उस समय उड़ानों को दूसरी जगह भेजने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध नहीं थे. अब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) के बन जाने के बाद इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है.
T1 से चलने वाली उड़ानों का क्या होगा?
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने संबंधित पक्षों को बताया है कि T1 पर उड़ानें 25 अक्टूबर 2026 से बंद होंगी, जबकि पुनर्निर्माण का काम जनवरी 2027 से शुरू होने की योजना है. T1 से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस के सामने तीन विकल्प होंगे. वे अपनी उड़ानें मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 (T2) पर शिफ्ट कर सकती हैं, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालन शुरू कर सकती हैं या कुछ समय के लिए अपनी सेवाएं रोक सकती हैं.
फिलहाल, माना जा रहा है कि कुछ घरेलू उड़ानों को T2 पर भेजा जा सकता है. वहीं, T2 पर जगह बनाने के लिए वहां से संचालित कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जा सकता है. अकासा एयर ने अपनी उड़ानों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दूसरी एयरलाइंस के साथ भी इस बारे में बातचीत जारी है. हालांकि, किस एयरलाइन की कौन सी उड़ान किस टर्मिनल या एयरपोर्ट से चलेगी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
यात्रियों को किन बातों का रखें ध्यान?
T1 बंद होने के बाद यात्रियों के लिए सबसे अहम होगा कि वे अपनी उड़ान का टर्मिनल और एयरपोर्ट जरूर जांच लें. मुंबई एयरपोर्ट के T2 और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच दूरी होने के कारण, गलत एयरपोर्ट पहुंचने पर परेशानी हो सकती है.
इसलिए यात्रा से पहले एयरलाइन की ओर से भेजे गए संदेश, टिकट पर दर्ज जानकारी और उड़ान की ताजा स्थिति जांचना जरूरी होगा. अगर आपकी उड़ान का टर्मिनल बदला जाता है, तो एयरलाइन से इसकी पुष्टि कर लें. फिलहाल, सभी एयरलाइंस की शिफ्टिंग योजना सामने आने का इंतजार है.
मुंबई एयरपोर्ट के दोनों टर्मिनल मिलकर रोज करीब 950 उड़ानों का संचालन करते हैं. ऐसे में T1 बंद होने के बाद उड़ानों को दूसरी जगह भेजना आसान नहीं होगा. एयरलाइंस को उपलब्ध जगह, उड़ानों के समय और यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखकर व्यवस्था बनानी होगी. वित्त वर्ष 2025-26 में T1 से करीब 1.5 करोड़ यात्रियों ने सफर किया था, जबकि T2 ने लगभग 4 करोड़ यात्रियों को संभाला. इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि T1 बंद होने के बाद बाकी टर्मिनलों और नवी मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव बढ़ सकता है.
MIAL ने कहा है कि नया टर्मिनल चालू होने के बाद एयरलाइंस के मौजूदा स्लॉट राइट्स का सम्मान किया जाएगा. स्लॉट राइट्स का मतलब है कि किसी एयरलाइन को उड़ान के आने या जाने के लिए एक तय समय की अनुमति मिली हुई है. यह मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि मुंबई एयरपोर्ट पर पहले से ही उड़ानों की संख्या काफी ज्यादा है. T1 बंद रहने के दौरान एयरलाइंस को अपने संचालन में बदलाव करना होगा. वहीं, नया टर्मिनल शुरू होने पर मौजूदा स्लॉट व्यवस्था को किस तरह लागू किया जाएगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा.
मौजूदा T1 कॉम्प्लेक्स करीब 84 साल पुराना बताया जाता है. इसे लंबे समय से नए सिरे से बनाने की योजना पर विचार चल रहा था. पुनर्निर्माण का उद्देश्य यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार करना और टर्मिनल की यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ाना है.
यह काम मुंबई के दो एयरपोर्ट वाले मॉडल को मजबूत करने की योजना का भी हिस्सा है. नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ते हवाई यातायात को संभालने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिला है. एयरपोर्ट आर्थिक नियामक प्राधिकरण (AERA) ने भी नवी मुंबई एयरपोर्ट से नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन शुरू किए हैं.


