उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर बवाल, ABVP ने किया विरोध, प्रशासन को भेज दी शिकायत
ABVP बेंगलुरु का आरोप है कि इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए उमर खालिद को महान दिखाने की कोशिश की जा रही है. संगठन ने यह भी कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान के कैंपस में इस तरह के कार्यक्रम के लिए मंच उपलब्ध कराया जाना चिंता का विषय है. ABVP की ओर से दिए बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों को शिक्षा, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल को ध्यान में रखकर आयोजित किया जाना चाहिए.
विरोध के दौरान ABVP ने उमर खालिद से जुड़े कई पुराने विवादों और आरोपों का भी जिक्र किया. संगठन ने JNU हिंसा, अफजल गुरु से जुड़ी घटना, CAA-NRC विरोध प्रदर्शन और दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों का हवाला दिया. ABVP का कहना है कि इन घटनाओं को देखते हुए ऐसे व्यक्ति पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. संगठन ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों को ऐसे कार्यक्रमों का मंच नहीं बनना चाहिए, जिन्हें वह राष्ट्र-विरोधी प्रचार मानता है. संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालयों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा और अच्छा अकादमिक वातावरण देना चाहिए.
ABVP के मुताबिक, संगठन ने इस मामले में NLSIU प्रशासन को ईमेल के जरिए अपनी आधिकारिक शिकायत भेज दी है. हालांकि, संगठन का दावा है कि अभी तक प्रशासन की ओर से उसे कोई जवाब नहीं मिला है. ABVP ने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को रद्द किया जाए. संगठन का कहना है कि ऐसा करने से कैंपस में शांति बनी रहेगी और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा.
ABVP बेंगलुरु महानगर के सचिव अभिनंदन मिर्जी ने भी NLSIU प्रशासन के इस फैसले की निंदा की है. संगठन ने साफ किया है कि वह इस स्क्रीनिंग के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज करा चुका है और प्रशासन से इस पर कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है.

