AK-47 बनाने वाली कंपनी अब भारत में बनाएगी एंटी-ड्रोन शॉटगन

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
रूस की प्रसिद्ध हथियार निर्माता कंपनी कलाश्निकोव कंसर्न ने भारत में MP-155 शॉटगन के स्थानीय उत्पादन के लिए एक भारतीय साझेदार के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है. यही कंपनी एके-47 बनाती है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन लुशनिकोव ने इस समझौते की पुष्टि की है. यह समझौता भारत-रूस...

रूस की प्रसिद्ध हथियार निर्माता कंपनी कलाश्निकोव कंसर्न ने भारत में MP-155 शॉटगन के स्थानीय उत्पादन के लिए एक भारतीय साझेदार के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है. यही कंपनी एके-47 बनाती है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन लुशनिकोव ने इस समझौते की पुष्टि की है. यह समझौता भारत-रूस रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

MP-155 मूल रूप से शिकार के लिए डिज़ाइन की गई सेमी-ऑटोमैटिक 12 गेज शॉटगन है, लेकिन आधुनिक युद्धक्षेत्रों में यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोनों के खिलाफ प्रभावी साबित हुई है. MP-155 को इज़ेव्स्क मैकेनिकल प्लांट में विकसित किया गया था. इसका उत्पादन 2012 से शुरू हुआ. यह गैस-संचालित सेमी-ऑटोमैटिक शॉटगन है जो 12/76 और 12/89 कैलिबर के कारतूस चला सकती है. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

इसका वजन लगभग 3.15 से 3.8 किलोग्राम के बीच होता है. इसमें एल्युमिनियम मिश्र धातु का इस्तेमाल होने से यह हल्की और संतुलित है. पारंपरिक शिकार वाले संस्करण के अलावा इसमें टैक्टिकल और एंटी-ड्रोन संस्करण भी उपलब्ध हैं. एंटी-ड्रोन संस्करण में पिकाटिनी रेल, रेड-डॉट साइट, नाइट विजन डिवाइस और विस्तारित मैगजीन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं. विशेष कारतूसों के साथ यह 50 से 100 मीटर की दूरी तक छोटे और तेज ड्रोनों को निशाना बना सकती है. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

आधुनिक युद्धों में एफपीवी और कामिकेज़ ड्रोनों का बढ़ता इस्तेमाल इस हथियार को प्रासंगिक बना रहा है. सैनिक इसे करीबी रेंज में ड्रोन को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि पारंपरिक राइफलें छोटे और तेज लक्ष्य पर कम प्रभावी होती हैं जबकि शॉटगन के छर्रे बड़े क्षेत्र को कवर करते हैं. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

कलाश्निकोव पहले से ही भारत में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए AK-203 असॉल्ट राइफलों का उत्पादन कर रहा है. अमेठी में यह संयंत्र प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ चल रहा है. MP-155 का लाइसेंसिंग समझौता इसी सहयोग का विस्तार है. भारतीय साझेदार का नाम, उत्पादन स्थल, मात्रा और समय-सीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. कंपनी रूसी तकनीकी सहायता के साथ उत्पादन करेगी और धीरे-धीरे स्थानीय सामग्री का हिस्सा बढ़ाया जाएगा. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

यह कदम भारत की आत्मनिर्भरता की नीति के अनुरूप है. भारत ड्रोन खतरे से निपटने के लिए स्वदेशी और विदेशी दोनों विकल्पों पर काम कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल सस्ते तथा प्रभावी एंटी-ड्रोन समाधान तलाश रहे हैं. MP-155 जैसे हथियार न केवल सैन्य बल्कि आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

यूक्रेन संघर्ष समेत कई मोर्चों पर सैनिकों ने साबित किया है कि शॉटगन ड्रोन के खिलाफ व्यावहारिक हथियार है. विशेष छर्रे वाले कारतूस ड्रोन के रोटर या शरीर को नुकसान पहुंचाकर उसे गिरा देते हैं. कलाश्निकोव ने MP-155 को इसी जरूरत के हिसाब से अनुकूलित किया है. कंपनी इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बढ़ावा दे रही है. भारत जैसे देश जहां सीमाओं पर और शहरों में ड्रोन का खतरा बढ़ रहा है, वहां ऐसा हथियार उपयोगी हो सकता है. Photo: © 2026, Kalashnikov Concern JSC

Original Source
https://www.aajtak.in/defence-news/photo/russias-kalashnikov-to-manufacture-mp-155-shotguns-in-india-2688887-2026-11-05?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World