BRICS से डॉलर को चुनौती? दिल्ली में ईरान ने बताया अमेरिका के खिलाफ अपना पूरा प्लान
ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 'आजतक' से खास बातचीत की. इंडिया टुडे ग्रुप की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका की नीतियों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस इंटरव्यू में कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य यही है कि अमेरिका की ओर से शुरू किए गए उस ट्रेंड का मुकाबला करना है जिसमें वह अपनी मर्जी से किसी भी देश पर प्रतिबंध लगा देता है.
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य इस एकतरफावाद को खत्म करना है. उनके मुताबिक चीन, भारत और रूस जैसे दुनिया के बड़े देशों के साथ इस शिखर सम्मेलन का यही उद्देश्य है.
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर साफ कहा है ब्रिक्स का मकसद अमेरिका की मनमानी और उसके एकतरफा फैसलों का मुकाबला करना है. उन्होंने कहा कि BRICS के सदस्य देश बहुत सारे मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं. उनका कहना है कि इसका मकसद यही है कि सदस्य देश मिलकर निवेश करें और एक-दूसरे का साथ दें.
पेजेश्कियान ने कहा कि मौजूदा समय में अमेरिका ने सभी देशों को अमेरिकी डॉलर पर निर्भर कर रखा है. ऐसे में, लगातार कोशिश की जा रही है कि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम किया जाए और धीरे-धीरे इसे खत्म किया जाए. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आदर्श स्थिति तक पहुंचने में वक्त लगता है. उन्होंने कहा कि BRICS समिट का मकसद यही है कि दुनिया यूनिपोलर यानी एकध्रुवीय न रहे.
यह भी पढ़ें: चाबहार पोर्ट पर PM मोदी से क्या बात हुई? ईरानी राष्ट्रपति ने Exclusive इंटरव्यू में विस्तार से बताया
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने भारत के साथ रिश्तों पर कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं. उन्होंने ईरान और भारत के सालों पुराने सांस्कृतिक जुड़ाव का भी जिक्र किया.
राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह मसूद पेजेश्कियान की भारत यात्रा उनकी पहली BRICS शिखर सम्मेलन यात्रा है. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अगस्त के अधिकांश समय तक चली लड़ाई में थोड़े समय के विराम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर एक-दूसरे के खिलाफ हमले शुरू हो गए हैं.
