अक्टूबर में ही दिसंबर का फुल फील! Cool-Cool हुआ दिल्ली-एनसीआर का मौसम

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
अक्टूबर में मौसम कुछ ऐसा कूल-कूल हो गया है कि लग रहा है जैसे नवंबर गायब हो गया और दिसंबर ने पहले ही दस्तक दे दी. कहीं बारिश से तापमान गिर रहा है तो कहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ रही है. इस बदले मौसम की वजह चक्रवात अर्नब से जुड़ा कमजोर मौसम सिस्टम और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ह...

अक्टूबर में मौसम कुछ ऐसा कूल-कूल हो गया है कि लग रहा है जैसे नवंबर गायब हो गया और दिसंबर ने पहले ही दस्तक दे दी. कहीं बारिश से तापमान गिर रहा है तो कहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ रही है. इस बदले मौसम की वजह चक्रवात अर्नब से जुड़ा कमजोर मौसम सिस्टम और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है.

मौसम विभाग के मुताबिक, 30 अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दिल्ली में गुरुवार को पिछले चार साल का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन दर्ज किया गया. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का अनुमान है.

दिल्ली में गुरुवार को बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा. यह सामान्य से 6 डिग्री कम था. इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

दिल्ली में इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. उस दिन भी बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई थी. इस तरह गुरुवार को पिछले चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा. हालांकि, दिन में तापमान गिरने के बावजूद रात का तापमान बढ़ा रहा.

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था. एक दिन पहले यह 15.7 डिग्री सेल्सियस था. इसकी वजह आसमान में बादल छाए रहना है. गुरुवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश हुई. सफदरजंग में 0.5 मिलीमीटर और पालम में 1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.

वहीं, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के झरोड़ा कलां में 44 मिलीमीटर और पीतमपुरा में 4 मिलीमीटर बारिश हुई. मौसम विभाग के मुताबिक, 30 अक्टूबर को भी दिल्ली में हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर रह सकता है. इसके बाद 31 अक्टूबर से मौसम साफ होने की संभावना है. अगले सप्ताह दिन का तापमान बढ़ सकता है, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने लगेगी.

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के मुताबिक, उत्तर भारत में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं. पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर है. इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. वहीं, चक्रवात अर्नब से जुड़ा डिप्रेशन कमजोर होकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आसपास निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया है. इसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की तरफ आ रही हैं. 

इन सभी वजहों से दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए और बारिश हुई. महेश पलावत के मुताबिक, 31 अक्टूबर से मौसम प्रणालियों का असर कम होने लगेगा. इससे दिन का तापमान फिर बढ़ सकता है. हालांकि, नवंबर के दूसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान में दोबारा गिरावट आने की संभावना है.

IMD के मुताबिक, 30 अक्टूबर को उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है. 

हिमाचल प्रदेश में 2 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. उत्तराखंड में 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका है.

पंजाब में 30 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 30 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है. उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदला हुआ रहेगा. 

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच भी अलग-अलग इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.

यह भी पढ़ें: धरती के नीचे 200 साल से जमा है ऊर्जा, तिब्बत के भूकंप के बाद हिमालय पर कितना बड़ा खतरा?

पूर्वी भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. IMD के मुताबिक, बिहार में 30 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है. उत्तर बिहार में 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है.

झारखंड में 30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी 31 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है. इसके बाद नवंबर की शुरुआत में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है.

ओडिशा में 1 नवंबर से बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 1 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं, 2 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है. 3 नवंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 31 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है.

उत्तर भारत के बाद अब दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. IMD के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश होने का अनुमान है. 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. 

केरल और माहे में 1 नवंबर तक बारिश का असर रह सकता है. इसके बाद 2 और 3 नवंबर को कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. कर्नाटक के तटीय और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 2 से 4 नवंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है. इन इलाकों में कुछ जगहों पर भारी बारिश का भी अलर्ट है.

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बारिश हो सकती है. इसके बाद 2 और 3 नवंबर को कई जगहों पर बारिश बढ़ने का अनुमान है. कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. 4 नवंबर को भी बारिश की संभावना है. तेलंगाना में 30 अक्टूबर और 1 नवंबर तक बारिश हो सकती है. 

इसके अलावा 3 और 4 नवंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है. 1 और 2 नवंबर को यहां तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

चक्रवात अर्नब कमजोर होकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आसपास अच्छी तरह से बने निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया है. इसका बचा हुआ बारिश वाला असर अब उत्तर और पूर्वी भारत की तरफ बढ़ रहा है. इस बीच दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसम सिस्टम विकसित हो रहा है. 

यह भी पढ़ें: पहाड़ पर ग्लेशियर, नीचे उफनती नदियां... नेपाल में बार-बार क्यों मच रही तबाही?

शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके बाद पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की तरफ जाने की संभावना है. यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) और ग्लोबल एनसेंबल फोरकास्ट सिस्टम (GEFS) के शुरुआती अनुमान भी इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की ओर इशारा कर रहे हैं. 

हालांकि, अभी इसके रास्ते और ताकत को लेकर पूरी तरह स्पष्टता नहीं है. तमिलनाडु में फिलहाल बारिश का असर कम रहने का अनुमान है, लेकिन 1 और 2 नवंबर के आसपास चेन्नई समेत उत्तर तटीय तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है. वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 1 से 3 नवंबर के बीच बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ने की आशंका है.

बारिश के बाद दिल्ली के तापमान में गिरावट जरूर आई है, लेकिन हवा की गुणवत्ता में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है. गुरुवार को दिल्ली का AQI 222 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है. इससे एक दिन पहले AQI 229 था. दिल्ली के कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में भी दर्ज की गई. 

कुल मिलाकर अक्टूबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. उत्तर भारत में बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, जबकि पूर्वी और दक्षिण भारत में नवंबर की शुरुआत में बारिश बढ़ने का अनुमान है. दिल्ली में 31 अक्टूबर के बाद मौसम साफ हो सकता है, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह में तापमान फिर गिरने की संभावना है.

Original Source
https://www.aajtak.in/science/story/october-december-like-cold-weather-delhi-rain-snowfall-imd-alert-dskc-2684108-2026-10-30?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World