Dhanteras 2026: धनतेरस की पूजा में जरूर करें कुबेर जी की आरती, घर में कभी नहीं होगी धन की कमी!
Kuber Ji Ki Aarti: धनतेरस और दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान कुबेर की आराधना भी की जाती है. धार्मिक मान्यताओं में कुबेर देव को धन-संपत्ति का स्वामी और उसकी रक्षा करने वाला देवता माना गया है. उन्हें देवताओं का खजांची भी कहा जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से कुबेर जी की पूजा करने और उनकी आरती करने से घर में सुख-शांति, खुशहाली और धन-धान्य बना रहता है. अगर आप भी धनतेरस या दिवाली के दिन भगवान कुबेर की पूजा करने वाले हैं, तो यहां पढ़िए उनके विशेष मंत्र और पूरी आरती.
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े। दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे। योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे... गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे। दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे... भाँति-भाँति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने। मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे... बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे... मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले। अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे... यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे। कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
1. कुबेर धन प्राप्ति मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
2. कुबेर मंत्र ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
3. कुबेर बीज मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं कुबेराय नमः॥
4. कुबेर गायत्री मंत्र ॐ यक्षराजाय विद्महे वैश्रवणाय धीमहि तन्नो कुबेरः प्रचोदयात्॥
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कुबेर को धन-संपत्ति और वैभव का देवता माना जाता है. मान्यता है कि धनतेरस और दिवाली पर भगवान कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. साथ ही, कुबेर देव की आराधना करने से धन की रक्षा और जीवन में खुशहाली आने की कामना की जाती है. यही वजह है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है.


