'मैं तो ट्रक चलाता था...', पुलिस की पकड़ से दूर डकैत कल्ली गुर्जर का Exclusive इंटरव्यू; उधर मोस्ट वांटेड की तलाश में 200 जवान पस्त

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चंबल घाटी के बीहड़ों में एक बार फिर गोलियों की गूंज और डकैतों की पदचाप सुनाई देने लगी है. जिस कुख्यात डकैत कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर को पकड़ने के लिए मुरैना जिले के करीब 200 पुलिसकर्मियों समेत चार जिलों का संयुक्त पुलिस बल जंगलों में सर्चिंग कर रहा है, वह पुलिस को चकमा देकर चंबल ...

चंबल घाटी के बीहड़ों में एक बार फिर गोलियों की गूंज और डकैतों की पदचाप सुनाई देने लगी है. जिस कुख्यात डकैत कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर को पकड़ने के लिए मुरैना जिले के करीब 200 पुलिसकर्मियों समेत चार जिलों का संयुक्त पुलिस बल जंगलों में सर्चिंग कर रहा है, वह पुलिस को चकमा देकर चंबल नदी पार कर राजस्थान पहुंच गया है. पुलिस की लगातार घेराबंदी और तलाश के बीच कल्ली गुर्जर ने चंबल के बीहड़ों से 'आज तक' को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है.

इस इंटरव्यू ने पुलिस की उस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके तहत कल्ली गुर्जर की तलाश में लगातार जंगलों की खाक छानी जा रही है. एक तरफ पुलिस उसे वांटेड और इनामी डकैत बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कल्ली गुर्जर खुद को निर्दोष बताते हुए दावा कर रहा है कि उसे स्थानीय रंजिश के चलते फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है.

कल्ली गुर्जर ने अपने पिता और भाई के पुलिस का मुखबिर होने, भाई की हत्या के बाद कार्रवाई नहीं होने, अपने खिलाफ कथित फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने और सोशल मीडिया पर उसके नाम से फर्जी आईडी चलाए जाने के आरोप लगाए हैं. उसने यहां तक कहा कि अगर उसके मामलों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया जाए तो वह कानून के सामने ससम्मान सरेंडर करने को तैयार है.

मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगे चंबल के बीहड़ लंबे समय से पुलिस और बागियों के बीच संघर्ष के लिए जाने जाते रहे हैं. इसी इलाके में इस समय मध्य प्रदेश पुलिस की कई टीमें कल्ली गुर्जर की तलाश में लगी हुई हैं.

मुरैना जिले के करीब 200 पुलिसकर्मियों के अलावा चार जिलों का संयुक्त पुलिस बल जंगलों में सर्चिंग कर रहा है. पुलिस की ओर से लगातार दबिश और घेराबंदी की जा रही है. लेकिन इसी बीच कल्ली गुर्जर चंबल नदी पार कर राजस्थान पहुंच गया और बीहड़ के भीतर से आज तक की टीम को इंटरव्यू दे दिया. यानी जिस शख्स की तलाश में पुलिस जंगलों में सर्चिंग कर रही है, वह पुलिस की नजरों से दूर रहकर मीडिया से बातचीत कर रहा है.

'आजतक' से बातचीत में कल्ली गुर्जर ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को खारिज किया. उसका कहना है कि वह कोई पेशेवर अपराधी नहीं था, बल्कि ट्रक चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था.

कल्ली गुर्जर ने कहा कि उसके पिता और भाई पुलिस के मुखबिर थे. उसके मुताबिक, स्थानीय रंजिश के चलते उसके परिवार को निशाना बनाया गया और उसके भाई की हत्या कर दी गई.

उसका दावा है कि भाई की हत्या के बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और इसके बाद उसके तथा उसके भाइयों के खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए गए.

"सभी भाइयों के लिए राम-राम. मैं तो एक साधारण आदमी था, शांति से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था. ट्रक चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहा था. लेकिन मेरे परिवार और भाई को निशाना बनाया गया. पुलिस के मुखबिर बने लोगों ने साजिश रची और मेरे भाई की हत्या कर दी गई. इसके बाद से मेरे ऊपर ताबड़तोड़ फर्जी मामले दर्ज कर दिए गए."

उसका आरोप है कि स्थानीय रंजिश के कारण विरोधी पक्ष और पुलिस ने मिलकर उसे और उसके भाइयों को डकैत घोषित करने की कोशिश की.  

कल्ली गुर्जर ने दावा किया कि उसके खिलाफ दर्ज ज्यादातर मुकदमे फर्जी हैं. उसका कहना है कि अपराध दूसरे लोग कर रहे हैं और उसके नाम से मामले दर्ज किए जा रहे हैं. उसने कहा कि उसे खुद नहीं पता कि उसके नाम से लगातार नए मामले कैसे जुड़ते जा रहे हैं.

डकैत के मुताबिक, उसके नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी भी बनाई जा रही हैं. उसका दावा है कि इन आईडी के जरिए आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं और उसका नाम बदनाम किया जा रहा है.

"साहब, मुझे खुद नहीं पता कि मेरे नाम से रोज नए-नए मुकदमे क्यों और कैसे बढ़ाए जा रहे हैं. मैं खुद देख रहा हूं कि कई लोग मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, मेरे नाम से खेल खेल रहे हैं. अब मैं क्या कर सकता हूं? फर्जी तरीके से सब कुछ चलाया जा रहा है, इसमें मेरा क्या कसूर है?"

कल्ली का कहना है कि उसके नाम से फर्जी आईडी चलाने वालों से उसका कोई संबंध नहीं है और प्रशासन को उसके तथा उसके परिवार के साथ हो रहे कथित अन्याय का संज्ञान लेना चाहिए.

पुलिस की तलाश के बीच कल्ली गुर्जर ने आत्मसमर्पण को लेकर भी अपनी बात रखी है. उसने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, एसपी और डीआईजी से अपने खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

उसका कहना है कि अगर उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाती है और जांच में मुकदमे झूठे पाए जाते हैं, तो वह खुद मध्य प्रदेश पुलिस के सामने ससम्मान आत्मसमर्पण कर देगा.

"मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से, एसपी साहब से, डीआईजी साहब से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि मेरे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए. थानों में जो मेरे निर्दोष परिजनों को बंद किया जा रहा है, जेल भेजा जा रहा है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए."

"अगर मेरे खिलाफ दर्ज मामलों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होती है और जांच में वे मुकदमे झूठे पाए जाते हैं, तो कल्ली गुर्जर खुद मध्य प्रदेश पुलिस के समक्ष ससम्मान आत्मसमर्पण कर देगा. मुझे कानून पर भरोसा है, लेकिन फर्जीवाड़े पर नहीं."

कल्ली गुर्जर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसकी घेराबंदी के नाम पर फर्जी एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है. उसने कहा कि अगर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उसके मामलों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दें तो वह कानून के सामने आने को तैयार है. हालांकि, फर्जी एनकाउंटर को लेकर कल्ली गुर्जर की ओर से लगाए गए इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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दूसरी तरफ पुलिस रिकॉर्ड और सामने आई पुलिस कार्रवाई में कल्ली गुर्जर का नाम कई गंभीर मामलों से जुड़ा हुआ है.

ग्वालियर पुलिस के मुताबिक, तिघरा थाना क्षेत्र के एक मामले में विवाह के विरोध को लेकर एक परिवार के घर पहुंचकर फायरिंग करने और गर्भवती महिला को बंदूक की नोक पर ले जाने की घटना में कल्ली गुर्जर समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे. इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था.

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

कल्ली गुर्जर पर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे और ग्वालियर-शिवपुरी मार्ग पर ट्रकों पर फायरिंग और रंगदारी वसूलने जैसे मामलों का भी जिक्र सामने आया है. यानी एक तरफ कल्ली गुर्जर खुद को ट्रक ड्राइवर बताते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को फर्जी बता रहा है, वहीं पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आता है.

कल्ली गुर्जर की तलाश के बीच सितंबर में मुरैना जिला जेल के उप जेल अधीक्षक को धमकी देने का मामला भी सामने आया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, जेल उप अधीक्षक सुनीत कुमार शर्मा के मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल आया था. कॉल करने वाले ने खुद को कल्ली गुर्जर बताया और जेल में बंद अपने भाई की बैरक बदले जाने को लेकर नाराजगी जताई. आरोप है कि कॉल के दौरान जेल अधिकारी को धमकी दी गई. मामले में जेल अधिकारी ने पुलिस को शिकायत दी और कॉल रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी.

यहां एक अहम बात यह है कि पुलिस ने यह जांच भी शुरू की थी कि फोन करने वाला वास्तव में कल्ली गुर्जर था या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल कर धमकी दी थी. यानी कल्ली गुर्जर के उसी दावे की एक दूसरी कड़ी भी सामने आती है, जिसमें वह कह रहा है कि उसके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.

पुलिस की तलाश से दूर रहने के दौरान कल्ली गुर्जर के सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की बात भी सामने आई है. उसके नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो और वीडियो सामने आने का दावा किया जाता रहा है.

कल्ली गुर्जर ने आज तक से बातचीत में इसके उलट आरोप लगाया कि उसके नाम से फर्जी आईडी चलाई जा रही हैं और दूसरे लोग उसके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं. यानी सोशल मीडिया पर मौजूद गतिविधियों को लेकर भी पुलिस के दावे और कल्ली गुर्जर की सफाई अलग-अलग हैं.

इंटरव्यू के दौरान कल्ली गुर्जर ने हाल ही में हुई एक दूसरी घटना का भी जिक्र किया. उसने दस्यु जगन का नाम लेते हुए कहा कि उसके साथ भी वैसा ही अन्याय किया जा रहा है.

"घाटू श्याम बाबा को साक्षी मानकर कहता हूं कि मेरे साथ जो अन्याय हुआ है, वह किसी से छिपा नहीं है. जैसा दस्यु जगन भाई के साथ गलत हुआ, वैसा ही मेरे साथ दोहराया जा रहा है. जगन भाई को न्याय मिलना चाहिए."

उसने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान पुलिस प्रशासन से भी निष्पक्ष जांच की मांग की.

कल्ली गुर्जर ने कहा कि अगर पुलिस ने निष्पक्ष रवैया नहीं अपनाया और कथित ज्यादती बंद नहीं हुई तो वे मजबूर होकर किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं.

"यह मेरा वादा है, चाहे मुझे कुछ भी हो जाए, अब मुझे किसी का डर नहीं है."

कल्ली गुर्जर ने खुद को श्याम बाबा का भक्त बताते हुए अपने खिलाफ दर्ज मामलों को झूठा बताया. उसका कहना है कि वह ट्रक चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था. बच्चों को पढ़ा रहा था. उसके पिता और भाई पुलिस के मुखबिर थे और भाई की हत्या के बाद उसके परिवार की स्थिति बदल गई.

कल्ली गुर्जर का दावा है कि इसके बाद उसके नाम से लगातार मुकदमे दर्ज होते गए और उसे डकैत के तौर पर पेश किया जाने लगा. उसने श्याम बाबा की सौगंध खाते हुए कहा कि उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं.

कल्ली गुर्जर पर मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इनाम घोषित है. मुरैना में उसके खिलाफ दर्ज मामलों में फरार रहने के चलते इनाम बढ़ाया गया है.

सरायछोला थाना क्षेत्र के करीब दो साल पुराने मामले में लगातार फरार रहने पर पहले घोषित 5 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है.

मुरैना जिले में कल्ली गुर्जर पर घोषित कुल इनाम करीब 25 हजार रुपये बताया गया है. इसके अलावा ग्वालियर में उसके ऊपर 30 हजार रुपये और शिवपुरी में 10 हजार रुपये का इनाम घोषित है.

इस तरह मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों को मिलाकर कल्ली गुर्जर पर घोषित कुल इनामी राशि करीब 65 हजार रुपये तक पहुंच गई है.

चंबल के बीहड़ों में आज तक की टीम के सामने आए कल्ली गुर्जर के इस इंटरव्यू ने कई सवाल खड़े किए हैं.

एक तरफ मध्य प्रदेश पुलिस उसे पकड़ने के लिए जंगलों में सर्चिंग कर रही है. उसके ऊपर अलग-अलग जिलों में इनाम घोषित है. पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम गंभीर मामलों में सामने आता है और उसके खिलाफ कार्रवाई जारी है.

दूसरी तरफ कल्ली गुर्जर खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस और स्थानीय विरोधियों पर उसे फंसाने का आरोप लगा रहा है. वह अपने खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है और दावा कर रहा है कि जांच में अगर मुकदमे झूठे पाए जाते हैं तो वह खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर देगा.

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुलिस की इतनी बड़ी घेराबंदी के बावजूद कल्ली गुर्जर चंबल नदी पार कर राजस्थान कैसे पहुंचा और बीहड़ों के भीतर से आज तक को इंटरव्यू देने में कैसे कामयाब हुआ. अब पुलिस की कार्रवाई और कल्ली गुर्जर के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही साफ होगी.

Original Source
https://www.aajtak.in/madhya-pradesh/story/mp-rajasthan-morena-dholpur-chambal-dacoit-kalli-gurjar-exclusive-aajtak-interview-lcln-strc-2660242-2026-10-03?utm_source=rss
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