Indane Gas: LPG गैस एजेंसी खोलना है? जानिए कितने पैसे लगेंगे, कौन ले सकता है डीलरशिप
अगर आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और इंडेन की गैस एजेंसी लेने की सोच रहे हैं, तो आपको इसकी प्रक्रिया के बारे में जरूर पता होना चाहिए. गैस एजेंसी लेने के लिए कंपनी कुछ जरूरी नियम तय करती है. सबसे पहले कंपनी यह देखती है कि किस इलाके में नई गैस एजेंसी की जरूरत है. इसके बाद विज्ञापन जारी किया जाता है और योग्य लोगों से आवेदन मांगे जाते हैं. आवेदन करने वाले लोगों में से नियमों के अनुसार लॉटरी के जरिए एजेंसी के लिए चयन किया जाता है. सरकारी तेल कंपनियां विज्ञापन निकालती हैं और योग्य लोगों से आवेदन मांगती हैं. इसके बाद नियमों के मुताबिक उम्मीदवार का चयन किया जाता है.
गैस एजेंसी हर जगह नहीं खोली जा सकती सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आप अपनी मर्जी से किसी भी जगह गैस एजेंसी नहीं खोल सकते। इसके लिए तेल कंपनियां अपने स्तर पर यह पता लगाती हैं कि किसी इलाके में नई एलपीजी एजेंसी की जरूरत है या नहीं. इसके लिए कंपनी की फील्ड टीम इलाके का सर्वे करती है. अगर किसी क्षेत्र में गैस कनेक्शन की संख्या, आबादी और दूसरी जरूरतों को देखते हुए नई एजेंसी की संभावना होती है, तो उस जगह को कंपनी के मार्केटिंग प्लान में शामिल किया जाता है. इसके बाद संबंधित जगह के लिए विज्ञापन जारी किया जाता है. इसी विज्ञापन के जरिए लोगों को एजेंसी के लिए आवेदन करने का मौका मिलता है.
किन कंपनियों की एजेंसी के लिए होता है सेलेक्शन? देश में एलपीजी वितरण का काम कई सरकारी तेल कंपनियां करती हैं. इनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की इंडेन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की एचपी गैस शामिल हैं. इन कंपनियों की एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए अलग-अलग जगहों पर विज्ञापन जारी किए जा सकते हैं.
सिफारिश से नहीं, ड्रॉ से होता है सेलेक्शन गैस एजेंसी लेने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि चयन किसी व्यक्ति की सिफारिश या पहचान के आधार पर नहीं किया जाता. जब किसी जगह के लिए विज्ञापन जारी होता है और कई योग्य लोग आवेदन करते हैं, तो तय नियमों के अनुसार योग्य आवेदकों के बीच लॉटरी यानी ड्रॉ कराया जाता है. इसी प्रक्रिया के जरिए डिस्ट्रीब्यूटर का चयन किया जाता है. इसका मतलब है कि सिर्फ आवेदन कर देने से गैस एजेंसी मिलना तय नहीं होता. पहले उम्मीदवार को निर्धारित पात्रता और दूसरी शर्तें पूरी करनी होती हैं. इसके बाद चयन प्रक्रिया में उसका नाम शामिल होता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करना होता है? शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है. इसके लिए एलपीजी वितरक चयन पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है. आवेदक को पोर्टल पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर आवेदन पूरा करना होता है और निर्धारित आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करना होता है. आवेदन करते समय हर तरह के प्रमाणपत्र या एफिडेविट तुरंत जमा करने की जरूरत नहीं होती. आवेदन के दौरान मुख्य रूप से अपनी फोटो और हस्ताक्षर की सॉफ्ट कॉपी अपलोड करनी होती है.
हालांकि, आगे की प्रक्रिया में कंपनी की ओर से मांगे जाने पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं. इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित विज्ञापन में दी गई शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.
गोदाम और जमीन के नियम भी जरूरी गैस एजेंसी के लिए सिर्फ आवेदन करना ही काफी नहीं है. डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए गोदाम, शोरूम और जमीन से जुड़ी कुछ निर्धारित शर्तें भी होती हैं. इन नियमों में जमीन की स्थिति, गोदाम की जरूरत और संबंधित क्षेत्र के हिसाब से दूसरी शर्तें शामिल हो सकती हैं. इसलिए जिस जगह के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसके विज्ञापन में दी गई पूरी गाइडलाइन देखना जरूरी है.
दुर्गम इलाकों में अलग है आवेदन का तरीका बहुत दुर्गम इलाकों के लिए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप की प्रक्रिया सामान्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से अलग हो सकती है. ऐसे क्षेत्रों में DKV (दुर्गम क्षेत्रीय वितरक) के लिए आवेदन प्रक्रिया मैनुअल यानी ऑफलाइन रखी जा सकती है. ऐसे आवेदकों को निर्धारित फॉर्म भरकर संबंधित रीजनल ऑफिस में जमा करना होता है. किस ऑफिस में फॉर्म जमा करना है, इसकी जानकारी संबंधित विज्ञापन में दी जाती है.
आवेदन करने से पहले विज्ञापन जरूर पढ़ें अगर आप इंडेन या किसी दूसरी सरकारी एलपीजी कंपनी की गैस एजेंसी लेना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी है कि आप आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करें. विज्ञापन में उस जगह की पात्रता, जमीन और गोदाम से जुड़ी शर्तें, आवेदन शुल्क, आवेदन की आखिरी तारीख और चयन प्रक्रिया जैसी जरूरी जानकारी दी जाती है.


