Jai Jai Ram Song: ‘राम को शब्दों में बांधा नहीं जा सकता’, रामायण में गूंजा कुमार विश्वास का जय जय राम गाना, हुए भावुक
रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म ‘रामायण’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट पहले से ही आसमान पर है. अब फिल्म के म्यूजिकल कैंपेन ने भी जोरदार दस्तक दे दी है. एआर रहमान के संगीत, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज और डॉ. कुमार विश्वास की कलम से सजा पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज हो चुका है. गाने के सामने आते ही इसकी चर्चा फिल्मी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक होने लगी है.
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही इस मेगा फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण और सनी देओल भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे. फिल्म का बजट और स्केल पहले ही इसे बॉलीवुड के सबसे चर्चित प्रोजेक्ट्स में शामिल कर चुका है. ऐसे में ‘जय जय राम’ के साथ मेकर्स ने फिल्म की भक्ति और संगीत वाली दुनिया की पहली झलक भी दिखा दी है.
गाने के बोल लिखने वाले डॉ. कुमार विश्वास ने ‘जय जय राम’ को सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के रिश्ते की अभिव्यक्ति बताया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- ‘जय जय राम’ तीन सरल शब्द हैं, लेकिन इनके भीतर एक संपूर्ण प्रार्थना समाहित है. इसे लिखते समय मेरा प्रयास श्रीराम का वर्णन करना नहीं था, क्योंकि श्रीराम को शब्दों में बांधा ही नहीं जा सकता. मेरा प्रयास उस संबंध को अभिव्यक्त करना था, जो प्रत्येक भक्त अपने राम के साथ अनुभव करता है.
कुमार विश्वास ने आगे कहा कि उनके लिए श्रीराम सिर्फ भगवान नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और आत्मबल देने वाले आदर्श भी हैं. उन्होंने कहा- यह संबंध भक्त और भगवान के बीच, विशेषकर श्रीराम के विषय में एक मार्गदर्शक और आत्मबल को बढ़ाने की शक्ति देने वाले एक आदर्श के रूप में रहता है.
‘Jai Jai Ram’ are three simple words, yet within them lies a complete prayer. While writing the song, my endeavour was not to describe Shri Ram, because his meaning cannot be contained in words, but to express the relationship every devotee shares with him: as our guide, our…
‘जय जय राम’ की खासियत इसकी सरल भाषा भी है. कुमार विश्वास के मुताबिक, गाने को जानबूझकर आसान और सीधा रखा गया है, ताकि यह हर किसी के दिल तक पहुंच सके. उन्होंने कहा- गीत की भाषा को जानबूझकर सहज और सीधा रखा गया है, क्योंकि सच्ची भक्ति को किसी विशेष शब्द संयोजन की आवश्यकता नहीं होती. मैं चाहता हूं कि लोग इस गीत को केवल सुनें नहीं, बल्कि इसके भीतर अपनी स्वयं की प्रार्थना भी खोज सकें.
कुमार विश्वास के मुताबिक गाने का मकसद सिर्फ श्रीराम की महिमा का बखान करना नहीं, बल्कि सुनने वाले को अपने और राम के बीच के रिश्ते से जोड़ना है.
कुमार विश्वास का फिल्मों के संगीत से जुड़ना कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले वह ‘मिशन रानीगंज’ के फेमस सॉन्ग ‘जीतेंगे’ के गीतकार के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं. अब ‘रामायण’ जैसे बड़े ग्लोबल प्रोजेक्ट से उनका जुड़ना उनके फिल्मी सफर को और बड़ा बना रहा है.
खबर है कि ‘रामायण’ के बाद भी कुमार विश्वास की फिल्मी डिमांड बढ़ती जा रही है. बताया जा रहा है कि वह इन दिनों बॉलीवुड की दो और बड़ी फिल्मों के लिए गीत और संवाद लेखन पर काम कर रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में बड़े पर्दे पर कुमार विश्वास की कलम से निकले शब्दों का जादू कई और फिल्मों में देखने को मिल सकता है.
फिलहाल ‘जय जय राम’ ने ‘रामायण’ के म्यूजिकल सफर की शुरुआत कर दी है. अब देखना होगा कि एआर रहमान का संगीत, अरिजीत-श्रेया की आवाज और कुमार विश्वास की लेखनी मिलकर फिल्म के बाकी गानों के लिए दर्शकों की उम्मीदों को कितना ऊपर ले जाती है.

