JDU का बदलेगा नाम? कयासों के बीच अहम पार्टी मीटिंग में पिता नीतीश कुमार संग दिखे निशांत!
पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे और उनके उत्तराधिकारी निशांत कुमार पहली बार जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यक्रम में एक साथ शामिल हुए. 44 वर्ष के निशांत कुमार जो अपने पिता के इस्तीफ़े के बाद बनी BJP के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं, जेडीयू के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पार्टी ऑफ़िस में नीतीश कुमार के साथ मंच साझा किया.
जेडीयू का ये कार्यक्रम पटना में तब आयोजित हुआ जब मीडिया के एक हिस्से में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह बैठक पार्टी का नाम बदलकर 'JD(U)-नीतीश' किया जा सकता है और निशांत कुमार अपने 75 वर्ष के पिता की जगह पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं.
हालांकि जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने साफ़ किया कि अभी नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. वहीं पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी CM विजय कुमार चौधरी ने कहा कि JD(U) का नाम बदलने का प्रस्ताव सिर्फ़ पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठकों में ही लाया जा सकता है.
निशांत कुमार ने पार्टी को संबोधित किया और पार्टी कार्यकर्ताओं नेताओं को अपने पिता की "तीन C क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज़्म के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति से प्रेरणा लेने को कहा.
(1/3) पटना स्थित जद (यू) प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में जद (यू) विधानमंडल दल के सदस्यों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आदरणीय राज्यसभा सांसद श्री @NitishKumar जी… pic.twitter.com/iBGaI43yky
इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनता को "पिछले 20 सालों में NDA सरकार द्वारा किए गए अच्छे कामों" के बारे में बताया जाना चाहिए.
नीतीश कुमार ने दिन भर चलने वाले इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम का उद्घाटन किया. बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने अपने बेटे के राजनीति में आने से कुछ हफ़्ते पहले अप्रैल में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
कार्यक्रम में मौजूद जेडीयू नेताओं कार्यकर्ताओं ने पिता-पुत्र की जोड़ी की तारीफ़ में नारे लगाए. नीतीश कुमार जब दीप प्रज्वलित कर रहे थे तो निशांत भी उनके साथ शामिल हो गए.
JD(U) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च द्वारा आयोजित इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम का मकसद संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को बहसों और चर्चाओं में ज़्यादा असरदार तरीके से हिस्सा लेने में मदद करना था.
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि ओरिएंटेशन प्रोग्राम इस बात का सबूत है कि "हम एक गंभीर और ज़िम्मेदार पार्टी हैं जो अपने कार्यकर्ताओं की स्किल्स को बेहतर बनाने में विश्वास रखती है, जबकि हमारे विरोधी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से तेल में डूबी लाठियां घुमवाई थीं."
यह इशारा RJD की उस 'तेल पिलावन लाठी घुमावन रैली' की ओर था, जो 2003 में तब आयोजित की गई थी जब पार्टी राज्य में सत्ता में थी और संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं. रैली के दौरान पटना की सड़कों पर फैली अराजकता का ज़िक्र NDA अक्सर यह आरोप लगाने के लिए करता है कि बिहार में "जंगल राज" था.
