एटम वॉर कैसे बचें? प्लान बताकर जासूस ने अमेरिकी सरकार से ले लिए एक-एक KG के 303 गोल्ड बार

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अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के एक पूर्व जासूस डेविड रश के घर से ऐसी चीजें मिली हैं, जिन्हें देखकर जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं. उसके घर से 300 से ज्यादा सोने की बार, करीब 20 लाख डॉलर नकद और 35 महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं. बरामद सोने की कीमत करीब 4 करोड़ डॉलर यानी 300 करोड़ रुप...

अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के एक पूर्व जासूस डेविड रश के घर से ऐसी चीजें मिली हैं, जिन्हें देखकर जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं. उसके घर से 300 से ज्यादा सोने की बार, करीब 20 लाख डॉलर नकद और 35 महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं. बरामद सोने की कीमत करीब 4 करोड़ डॉलर यानी 300 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है. इस मामले में पूर्व CIA अधिकारी डेविड रश पर सरकारी संपत्ति की चोरी का आरोप लगा है. डेविड न्यूक्लियर वार की स्थिति में सरकार के काम करने का प्लान बनाने का दावा कर रहा था.

मामला अमेरिका के वर्जीनिया का है. FBI ने रश के घर की तलाशी ली थी. जांचकर्ताओं को वहां करीब 303 गोल्ड बार मिले. हर गोल्ड बार का वजन लगभग एक किलो बताया गया है. इसके अलावा घर से करीब 20 लाख डॉलर कैश और 35 लग्जरी घड़ियां भी मिलीं, जिनमें कई Rolex घड़ियां थीं. 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर CIA के एक अधिकारी के पास इतना सोना आया कहां से?

जांच के मुताबिक नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच रश ने अमेरिकी सरकार से बड़ी मात्रा में विदेशी करेंसी और दसियों लाख डॉलर का सोना मांगा था. उसने बताया था कि यह पैसा और सोना उसके आधिकारिक काम यानी 'वर्क रिलेटेड एक्सपेंस' के लिए जरूरी है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रश ने 'सरकार की निरंतरता' वाला एक खास ऑपरेशन तैयार किया था, जिसका मकसद न्यूक्लियर वॉर या किसी दूसरी बड़ी आपदा के दौरान सरकारी कामकाज को जारी रखना था.

CIA ने उसे ये संपत्ति उपलब्ध भी करा दी. लेकिन बाद में एजेंसी जब अपने रिकॉर्ड और स्टोरेज की जांच करने पहुंची तो बड़ी मात्रा में सोना और विदेशी मुद्रा गायब मिली.

जांचकर्ताओं के मुताबिक रश ने यह बताने के लिए भी कोई रिकॉर्ड नहीं दिया कि उसे मिला सोना और पैसा कहां इस्तेमाल हुआ. इसके बाद जांच उसके घर तक पहुंची और वहां से भारी मात्रा में सोना बरामद हो गया.

मामला यहीं खत्म नहीं होता. जांच में रश के शैक्षणिक और सैन्य रिकॉर्ड पर भी सवाल उठे हैं. उसने सरकारी नौकरी के आवेदन में दावा किया था कि उसने Clemson University और Rensselaer Polytechnic Institute से डिग्रियां हासिल की हैं. जांचकर्ताओं को इन संस्थानों में उसके पढ़ने का रिकॉर्ड नहीं मिला. उसने खुद को Navy का पायलट भी बताया था, लेकिन उसके पास पायलट लाइसेंस होने का रिकॉर्ड नहीं मिला.

डेविड रश पर आरोप है कि उसने खुद को Navy Reserve का अधिकारी बताकर करीब 77 हजार डॉलर की ऐसी सैन्य छुट्टी की रकम भी ली, जिसका वह हकदार नहीं था.

रश CIA में लंबे समय तक काम कर चुका था और उसके पास टॉप सीक्रेट सिक्योरिटी क्लियरेंस भी था. हालांकि CIA ने उसके काम की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

अब इस मामले में नया मोड़ भी आया है. सितंबर 2026 में अभियोजन पक्ष और रश के वकीलों ने संभावित प्ली डील के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है. प्ली डील का मतलब है कि CIA जासूस अपने ऊपर लगाए गए कुछ आरोप स्वीकार कर सकता है. इस पर उसकी बातचीत चल रही है.  

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/david-rush-ex-cia-officer-arrested-atom-war-plan-gold-bars-ntcppl-dskc-2642157-2026-09-13?utm_source=rss
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