Mithu Mukherjee Death: बांग्ला एक्ट्रेस मिथु मुखर्जी का निधन, कैंसर से हारी जंग
बांग्ला सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस मिथु मुखर्जी अब हमारे बीच नहीं रहीं. 71 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. वे पिछले कुछ समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है.
1970 के दशक में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली मिथु मुखर्जी का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है.
मिथु मुखर्जी पिछले लंबे समय से मुंबई में ही रह रही थीं और वहीं उनका इलाज चल रहा था. कैंसर से एक लंबी और कठिन लड़ाई लड़ने के बाद रविवार रात उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके जाने के बाद से ही बंगाली और हिंदी सिनेमा से जुड़े कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख व्यक्त किया है.
🕊️ AICWA Pays Tribute to Legendary Actress Mithu Mukherjee 21 September 2026 Mithu Mukherjee was a celebrated Bengali and Hindi film actress who made her cinematic debut with Shesh Parba and went on to become a familiar and respected face of Indian cinema during the 1970s and… pic.twitter.com/lt9N9AfsAr
करियर की शुरुआत की बात करें तो मिथु मुखर्जी ने साल 1972 में चिट्टा बोस की फिल्म 'शेष पर्बा' से अपने एक्टिंग करियर का आगाज किया था. लेकिन उन्हें असली पहचान और अपार लोकप्रियता दिनेन गुप्ता की फिल्म 'मर्जीना अब्दुल्ला' से मिली, जिसमें उन्होंने मुख्य किरदार मर्जीना को बेहद खूबसूरती से निभाया था.
बांग्ला सिनेमा में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद मिथु मुखर्जी ने हिंदी सिनेमा का रुख किया. उन्होंने साल 1976 में दुलल गुहा की फिल्म 'खान दोस्त' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उनके साथ शत्रुघ्न सिन्हा मुख्य भूमिका में थे. इसके बाद 1977 में वे विनोद मेहरा के साथ फिल्म 'सफेद झूठ' में नज़र आईं.
हालांकि, ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर वैसा कमाल नहीं दिखा पाईं जैसी उम्मीद थी. इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 1978 में 'दिल्लगी' और 'दो लड़के दोनों कड़के' जैसी फिल्मों में काम कर दर्शकों का मनोरंजन किया.
