Narak Chaturdashi 2026: आज नरक चतुर्दशी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना परिवार पर आ सकता है संकट!
Narak Chaturdashi 2026: दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी का हिंदू धर्म में खास महत्व है. इसे छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. साल 2026 में यह पर्व आज यानी 7 नवंबर, शनिवार को मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, अभ्यंग स्नान और दीपदान करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इनका असर घर की सुख-शांति और खुशहाली पर पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी पर किन 5 कामों को करने से बचना चाहिए.
नरक चतुर्दशी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने की परंपरा है. इसे अभ्यंग स्नान कहा जाता है. इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करना शुभ माना जाता है. इसलिए सुबह देर तक सोने से बचें. स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और भगवान का ध्यान करें.
दिवाली के त्योहार में साफ-सफाई का खास महत्व होता है. नरक चतुर्दशी पर भी घर को साफ रखना चाहिए. मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में मां लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए घर के कोनों, पूजा स्थल और मुख्य दरवाजे की अच्छी तरह सफाई करें. बेकार सामान और कूड़ा जमा करके न रखें.
छोटी दिवाली के दिन अपने व्यवहार का भी ध्यान रखना चाहिए. किसी से झगड़ा करना, अपशब्द बोलना या दूसरों का अपमान करना अच्छा नहीं माना जाता. कोशिश करें कि परिवार और आसपास के लोगों के साथ प्यार से रहें. इस दिन मन में किसी के लिए बुरी भावना रखने से भी बचना चाहिए.
नरक चतुर्दशी पर दीपदान की परंपरा है. इस दिन शाम को यमराज के नाम से दीपक जलाया जाता है. इसे यम दीपदान कहते हैं. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. इसलिए शाम के समय घर के बाहर दीपक जरूर जलाएं. 5. घर में अंधेरा न रखें
छोटी दिवाली रोशनी और खुशियों का पर्व है. इस दिन घर को दीपकों और रोशनी से सजाने की परंपरा है. कोशिश करें कि घर के मुख्य दरवाजे और पूजा स्थल के आसपास अंधेरा न रहे. शाम के समय दीपक जलाकर घर को रोशन करें.
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था. नरकासुर ने हजारों कन्याओं को बंदी बना रखा था. उसका अंत करके श्रीकृष्ण ने उन्हें आजाद कराया था. इसी खुशी में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है.


