Narak Chaturdashi 2026: 7 या 8 नवंबर छोटी दिवाली कब है? जानें सही तारीख, मुहूर्त और कथा

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है. इसे नरक चौदस, रूप चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि ये तिथि आपको जीवन की हर बाधा से मुक्ति दिला सकती है, क्योंकि इस तिथि पर भगवान योग योगेश्वर श्रीकृष्ण कृपा बरसाते हैं. हालांकि इस ...

दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है. इसे नरक चौदस, रूप चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि ये तिथि आपको जीवन की हर बाधा से मुक्ति दिला सकती है, क्योंकि इस तिथि पर भगवान योग योगेश्वर श्रीकृष्ण कृपा बरसाते हैं. हालांकि इस बार छोटी दीवाली की तारीख को लेकर बहुत कन्फ्यूजन है. कोई 7 नवंबर तो कोई 8 नवंबर को छोटी दिवाली बता रहा है. आइए जानते हैं कि इस बार छोटी दिवाली का त्योहार कब मनाया जाएगा.

नरक चतुर्दशी 2026 तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, नरक चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगी. ऐसे में नरक चतुर्दशी 7 नवंबर दिन शनिवार को मनाई जाएगी. चतुर्दशी के समाप्त होते ही अमावस्या शुरू हो जाती है. इस दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है, जो कि इस बार 8 नवंबर को है.

नरक चतुर्दशी पर्व की महिमा? छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का दिन होता है. इस दिन यमराज की उपासना करने की विधान बताया गया है. सौन्दर्य प्राप्ति के उपाय किए जाते हैं. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की उपासना भी की जाती है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था. कहीं-कहीं पर ये भी माना जाता है कि आज के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था. इस दिन के प्रयोगों से आयु या सेहत की समस्या भी दूर होती है.

नरक चतुर्दशी की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर सृष्टि को उसके प्रकोप से बचाया था. भूदेवी का पुत्र नरकासुर वरदान प्राप्त करके अनंत शक्तिशाली हो गया था. उसकी शक्तियों के आगे देवी-देवता कांपते थे और युद्ध में उससे परास्त होने लगे. एक बार नरकासुर ने देवमाता अदिति के कान की बालियां भी छीन लीं और अपने महल में 16,000 महिलाओं को बंदी बनाकर रख लिया. 

तब भगवान कृष्ण ने सत्यभामा के साथ नरकासुर का अंत किया था. कहा जाता है कि कृष्ण ने युद्ध के बाद सुगंधित तेलों से स्नान किया था और वह शुद्धि की परंपरा आज भी चली आ रही है. कथा कहती है कि इसके बाद लोगों ने अपने घरों में दीये जलाए और उत्सव मनाया. माना जाता है कि तभी से नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाने लगा. ये परंपरा आज तक कायम है.

नरक चतुर्दशी पर क्या सावधानियां रखें? कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर सुबह सूर्योदय से पहले उठें. तिल का तेल और बेसन, हल्दी और जड़ी-बूटियों का उबटन लगाएं. चतुर्दशी तिथि के समय ही स्नान करें. घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का बड़ा सा एकमुखी दीपक जलाएं. इस दिन के पहले ही घर की साफ सफाई खत्म कर लें. इस दिन कम से कम हनुमान चालीसा जरूर पढ़ें. नरक चतुर्दशी के दिन खाने में प्याज-लहसुन से परहेज करें.

Original Source
https://www.aajtak.in/religion/news/story/narak-chaturdashi-2026-date-7-or-8-november-chhoti-diwali-kab-hai-shubh-muhurt-puja-vidhi-tvisu-dskc-2686046-2026-11-02?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World