मन्नत पूरी नहीं हुई तो पुजारी को बनाया बंधक, घरवालों से मांगे एक लाख... नोएडा की अजीबोगरीब कहानी

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कुछ लोगों ने घर में अनुष्ठान कराया था... मन्नत मांगी थी... उम्मीद थी कि मनोकामना पूरी होगी. लेकिन जब मन्नत पूरी नहीं हुई, तो कुछ लोगों ने इसका जिम्मेदार उसी पुजारी को मान लिया, जिसने अनुष्ठान कराया था. फिर पुजारी को आरोपियों ने दोबारा बुलाया और उन्हें बंधक बना लिया. इसके बाद घरवा...

कुछ लोगों ने घर में अनुष्ठान कराया था... मन्नत मांगी थी... उम्मीद थी कि मनोकामना पूरी होगी. लेकिन जब मन्नत पूरी नहीं हुई, तो कुछ लोगों ने इसका जिम्मेदार उसी पुजारी को मान लिया, जिसने अनुष्ठान कराया था. फिर पुजारी को आरोपियों ने दोबारा बुलाया और उन्हें बंधक बना लिया. इसके बाद घरवालों को फोन कर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी.

ये मामला नोएडा से जुड़ा है. हालांकि पुजारी को कथित तौर पर जौनपुर में बंधक बनाया गया था. नोएडा पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इसी के साथ पुजारी को बरामद कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अनिल कुमार तिवारी नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव में रहते हैं और पूजा-पाठ व अनुष्ठान कराते हैं. 5 सितंबर 2026 को अनिल पूजा कराने के लिए जौनपुर गए थे. लेकिन इसके बाद उनके साथ जो हुआ, वह एक अलग ही कहानी बन गया.

पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने अनिल तिवारी को कथित तौर पर बंधक बना लिया. जब परिवार को उनकी जानकारी नहीं मिली तो चिंता बढ़ गई. फिर उनके बेटे के पास पैसों की मांग पहुंची. मांग थी एक लाख रुपये की.

पुलिस की शुरुआती जांच में इस पूरे मामले के पीछे जो वजह सामने आई, वह काफी अजीब है. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने कुछ समय पहले अनिल कुमार तिवारी से अनुष्ठान कराया था. लेकिन आरोपियों की कथित मनोकामना पूरी नहीं हुई. अब आरोप है कि इसके बाद उन्होंने पूजा-पाठ में खर्च हुए पैसे वापस लेने का फैसला किया.

पुलिस के मुताबिक, इसी बहाने अनिल को दोबारा जौनपुर बुलाया गया. और फिर उन्हें बंधक बना लिया गया. इसके बाद उनके परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई. अनिल के परिजनों ने उनके लापता होने की सूचना नोएडा के सेक्टर-113 थाना पुलिस को दी.

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इसके बाद पुलिस ने अनिल तिवारी की तलाश शुरू कर दी. पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया. पुलिस के मुताबिक, 11 और 12 सितंबर की रात आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली.

इसके बाद मुखिया मार्केट के पास एक कच्चे रास्ते पर टीम पहुंची. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इनकी पहचान आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कब्जे से अनिल कुमार तिवारी को बरामद कर लिया गया. आरोपी पैसे लेने के लिए आए थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. आशीष यादव उर्फ बाबा के पास से तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले. वहीं प्रवेश यादव उर्फ गोरे के पास से एक चाकू बरामद हुआ है. दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

इस मामले में पुलिस की शुरुआती जांच ने एक अजीब वजह जरूर सामने रखी है. मन्नत पूरी नहीं हुई थी. लेकिन क्या सिर्फ यही वजह थी? क्या आरोपियों ने सच में अनुष्ठान में खर्च हुए पैसे वापस लेने के लिए बंधक बनाया? या फिर इस पूरी कहानी के पीछे कोई दूसरा विवाद भी था? पुलिस अब इसकी जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा कोई और शामिल था या नहीं. फिलहाल नोएडा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुजारी को बरामद कर लिया है.

Original Source
https://www.aajtak.in/uttar-pradesh/story/noida-priest-held-hostage-wish-not-fulfilled-one-lakh-ransom-strange-story-lcla-strc-2641987-2026-09-13?utm_source=rss
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