फॉल्स सीलिंग करवाना फायदे का सौदा या बन सकता है मुसीबत? घर में लगवाने से पहले जान लें ये बातें
आजकल नए घर या फ्लैट में फॉल्स सीलिंग लगवाना काफी आम हो गया है. कमरे की साधारण छत को खूबसूरत बनाने के साथ इसमें अलग-अलग तरह की लाइटिंग भी लगाई जा सकती है. यही वजह है कि लिविंग रूम से लेकर बेडरूम तक फॉल्स सीलिंग का इस्तेमाल बढ़ रहा है. लेकिन क्या फॉल्स सीलिंग सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए होती है? ऐसा नहीं है. इसके कुछ दूसरे फायदे भी हैं. हालांकि, इसे लगवाने से पहले इसके नुकसान जानना भी जरूरी है. क्योंकि गलत डिजाइन या गलत मटेरियल चुनने पर बाद में परेशानी हो सकती है.
क्या होती है फॉल्स सीलिंग? फॉल्स सीलिंग असली छत के नीचे बनाई जाने वाली एक दूसरी छत होती है. इसे मुख्य छत से कुछ दूरी पर लगाया जाता है. इस खाली जगह में बिजली के तार, एसी की पाइप और दूसरी वायरिंग छिपाई जा सकती है. इसे बनाने के लिए धातु या लकड़ी का फ्रेम लगाया जाता है. इसके ऊपर जिप्सम बोर्ड, पीओपी, पीवीसी या दूसरे मटेरियल लगाए जाते हैं. इसके बाद जरूरत के हिसाब से पेंट और लाइटिंग की जाती है.
फॉल्स सीलिंग लगवाने के क्या फायदे हैं? फॉल्स सीलिंग लगवाने के कई फायदे हैं. कमरे की खूबसूरती बढ़ जाती है. फॉल्स सीलिंग का सबसे बड़ा फायदा इसका लुक है. साधारण छत भी डिजाइन वाली फॉल्स सीलिंग के बाद काफी आकर्षक दिखाई देने लगती है. इसमें अलग-अलग आकार और डिजाइन बनाए जा सकते हैं. अगर कमरे की छत पर बिजली के तार या एसी की पाइप दिखाई दे रही है तो फॉल्स सीलिंग के अंदर इन्हें छिपाया जा सकता है. इससे छत साफ और सुंदर दिखाई देती है.
शानदार लाइटिंग कर सकते हैं फॉल्स सीलिंग में एलईडी, स्पॉट लाइट और दूसरी तरह की लाइट आसानी से लगाई जा सकती हैं. छत के अंदर लाइट लगाने से कमरे को अलग तरह का लुक मिलता है. छत और फॉल्स सीलिंग के बीच खाली जगह एक तरह की परत का काम करती है. इससे कमरे में गर्मी के असर को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही कुछ मामलों में कमरे की आवाज और गूंज भी कम हो सकती है.
फॉल्स सीलिंग के नुकसान भी जान लें फॉल्स सीलिंग करवाने से पहले इसके कुछ नुकसान भी समझना जरूरी है. फॉल्स सीलिंग लगाने के लिए असली छत के नीचे जगह छोड़नी पड़ती है. आमतौर पर डिजाइन के हिसाब से करीब 5 से 8 इंच तक जगह कम हो सकती है. अगर कमरा पहले से छोटा या नीची छत वाला है तो इससे कमरा और छोटा महसूस हो सकता है.
खराबी होने पर मरम्मत मुश्किल फॉल्स सीलिंग के ऊपर पाइप या वायरिंग में कोई समस्या आ जाए तो उसे तुरंत देख पाना मुश्किल होता है. कई बार मरम्मत के लिए सीलिंग का कुछ हिस्सा खोलना या काटना पड़ सकता है. सिर्फ बोर्ड का खर्च नहीं होता. फ्रेम, मटेरियल, लाइटिंग और मजदूरी का खर्च भी जुड़ता है. डिजाइन जितना ज्यादा जटिल होगा, लागत उतनी बढ़ सकती है.
नमी से हो सकता है नुकसान अगर छत से पानी रिस रहा है या कमरे में ज्यादा नमी रहती है तो फॉल्स सीलिंग खराब हो सकती है. जिप्सम या पीओपी में नमी आने पर बोर्ड खराब होने, झुकने या टूटने की समस्या हो सकती है. इसलिए पहले छत की लीकेज ठीक कराना जरूरी है.
कौन-सी फॉल्स सीलिंग अच्छी होती है? फॉल्स सीलिंग के लिए अलग-अलग मटेरियल इस्तेमाल किए जाते हैं.
जिप्सम बोर्ड: इसकी फिनिश काफी साफ और चिकनी आती है. यह फॉल्स सीलिंग में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मटेरियल में से एक है.
पीओपी: अगर आप छत पर गोल, घुमावदार या अलग डिजाइन बनवाना चाहते हैं तो पीओपी का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए अच्छे कारीगर की जरूरत होती है.
पीवीसी: यह नमी वाली जगहों के लिए उपयोगी हो सकता है. इसलिए रसोई, बाथरूम या बालकनी जैसी जगहों पर इसका इस्तेमाल किया जाता है.
लकड़ी और लैमिनेट: इससे कमरे को प्रीमियम और प्राकृतिक लुक मिल सकता है, लेकिन इसकी लागत ज्यादा हो सकती है.
फॉल्स सीलिंग करवाते समय इन बातों का रखें ध्यान फॉल्स सीलिंग लगवाने से पहले कमरे की ऊंचाई जरूर देखें. अगर छत पहले से नीची है तो बहुत ज्यादा नीचे आने वाला डिजाइन न चुनें. इसके अलावा छत में किसी तरह की सीलन या पानी का रिसाव है तो पहले उसे ठीक करवाएं. वरना नई सीलिंग जल्दी खराब हो सकती है. फॉल्स सीलिंग के अंदर बिजली के तार और दूसरी चीजें डालते समय उनकी सही फिटिंग और सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए. पंखा भी फॉल्स सीलिंग के बोर्ड पर नहीं, बल्कि मुख्य कंक्रीट छत से मजबूत तरीके से लगाया जाना चाहिए.
तो क्या घर में फॉल्स सीलिंग करवानी चाहिए? फॉल्स सीलिंग घर को सुंदर बनाने, तार-पाइप छिपाने और बेहतर लाइटिंग के लिए उपयोगी हो सकती है. लेकिन इसे लगवाने से पहले कमरे की ऊंचाई, बजट और छत की स्थिति जरूर देखनी चाहिए. अगर कमरे की छत पर्याप्त ऊंची है और सही मटेरियल और डिजाइन चुना जाए तो फॉल्स सीलिंग लंबे समय तक अच्छी दिख सकती है. वहीं, नमी वाली छत या बहुत कम ऊंचाई वाले कमरे में बिना सोचे-समझे फॉल्स सीलिंग करवाना बाद में परेशानी पैदा कर सकता है.


