‘आजादी सिर्फ अहिंसा से नहीं मिली’, वीर सावरकर पर बोले रणदीप हुड्डा, मिला नेशनल अवॉर्ड

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रणदीप हुड्डा के लिए आज का दिन बेहद खास है. उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ ने उन्हें 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का सम्मान दिलाया है. इस भव्य सेरेमनी के लिए रणदीप गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने फिल्म को लेकर बात की. इस बार नेशनल अव...

रणदीप हुड्डा के लिए आज का दिन बेहद खास है. उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ ने उन्हें 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का सम्मान दिलाया है. इस भव्य सेरेमनी के लिए रणदीप गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने फिल्म को लेकर बात की. इस बार नेशनल अवॉर्ड्स का आयोजन दिल्ली में नहीं, बल्कि गुजरात में हो रहा है.

अवॉर्ड सेरेमनी से पहले रणदीप ने अपनी फिल्म और वीर सावरकर की कहानी को पर्दे पर लाने की वजह के बारे में खुलकर बात की. गुजरात में रेड कार्पेट पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस कहानी को लोगों तक पहुंचाना उनके लिए बेहद जरूरी था.

‘लोगों को लगता है आजादी सिर्फ अहिंसा से मिली...’

रणदीप ने कहा, “मेरे हिसाब से बहुत जरूरी था, क्योंकि सबको लगता है हिंदुस्तान को आजादी सिर्फ अहिंसा से मिली है. ऐसा कुछ नहीं. एक सशस्त्र क्रांति भी हुई थी.”  उन्होंने आगे कहा कि इस क्रांति से सुभाष चंद्र बोस से लेकर सावरकर तक कई लोग जुड़े हुए थे, लेकिन इस पहलू को उतनी तवज्जो नहीं मिली. रणदीप के मुताबिक, अपनी फिल्म के जरिए वह लोगों को सशस्त्र क्रांति के इस पक्ष से रूबरू कराना चाहते थे.

एक्टर-डायरेक्टर ने सावरकर को इस क्रांतिकारी संघर्ष का ‘इन्फ्लुएंसर’ बताया. उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म का मकसद इसी संघर्ष के उस हिस्से को सामने लाना था, जिस पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई.

‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ रणदीप हुड्डा के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि बतौर डायरेक्टर उनका पहला बड़ा कदम भी थी. अब इसी  फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिलने जा रहा है. ऐसे में उनके लिए यह पल और भी खास हो गया है. सावरकर फिल्म के लिए रणदीप ने बेहद चौंकाने वाला ट्रांसफॉर्मेशन लिया था. उनकी हेल्थ पर भी इसका गहरा असर पड़ा था.

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म चुना गया है. वहीं ‘भंगार’ को बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलेगा.

एक्टिंग कैटेगरी में ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया जाएगा. वहीं यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के सम्मान से नवाजा जाएगा.

इस बार नेशनल अवॉर्ड्स का आयोजन गुजरात में दुनिया की मशहूर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की शानदार पृष्ठभूमि में किया जा रहा है. करीब 75 मिनट चलने वाले इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं.

कार्यक्रम के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बस बे एरिया में जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम तैयार किया जाएगा. यहां करीब 1,000 मेहमानों के बैठने की व्यवस्था होगी. नर्मदा जिला कलेक्टर गंगा सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, मेहमानों के आने-जाने, वेन्यू मैनेजमेंट और दूसरी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है.

इस बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का मंच सिर्फ सितारों की चमक से ही नहीं, बल्कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता से भी जगमगाने वाला है.

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https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/randeep-hooda-on-swatantrya-veer-savarkar-national-award-subhash-chandra-bose-tmova-dskc-2650152-2026-09-22?utm_source=rss
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