सुहागरात पर अंदर से बंद नहीं था दरवाजा, फिर सुबह कमरे का सीन देख दंग रह गए परिवार वाले
शादी की खुशियां, घर में रिश्तेदारों की भीड़ और देर रात तक चलता रहा जश्न... लेकिन अगली सुबह इसी घर में ऐसा मंजर सामने आया, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया. सिद्धार्थनगर के एक गांव में नवविवाहित देशराज चौहान और अनीता चौहान की अपनी पहली ही रात में मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. बताया जा रहा है दोनों की पहली रात यानी सुहागरात थी लेकिन अंदर से दरवाजे की कुंडी नहीं बंद थी. परिजनों के मुताबिक, दूल्हे की मौसी जब सुबह दोनों को जगाने के लिए कमरे के पास पहुंचीं और आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया तो वह खुल गया. अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए. देशराज फंदे से लटक रहा था, जबकि अनीता बिस्तर पर मृत पड़ी थी.
परिवार के मुताबिक, सोमवार को देशराज और अनीता की शादी हुई थी. शादी के बाद घर में रिश्तेदारों और परिचितों के लिए भोजन का इंतजाम किया गया. खाना खाने के बाद परिवार के अधिकांश लोग सोने चले गए. गर्मी के कारण कई लोग छत पर ही सोए थे. रात में किसी तरह के विवाद या शोर की बात परिजनों ने नहीं बताई. सुबह जब घर के लोग उठने लगे तो दूल्हे की मौसी नवदंपति को जगाने के लिए उनके कमरे की ओर गईं. उन्होंने अंदर से आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. मौसी मीनाक्षी के मुताबिक, आवाज देने के बाद जब कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया. दरवाजा खुल गया. इसके बाद अंदर जो दिखाई दिया, उससे परिवार में चीख-पुकार मच गई. मौसी ने बताया कि देशराज फंदे से लटका हुआ था और अनीता बिस्तर पर पड़ी थी. उन्होंने कहा कि रात में उन्हें किसी तरह की लड़ाई, झगड़े या आवाज की जानकारी नहीं हुई. परिवार के लोग छत पर सो रहे थे, जबकि दोनों कमरे में थे.
घटना के बाद अनीता के मायके पक्ष ने भी कमरे के दरवाजे को लेकर सवाल उठाए हैं. अनीता की बहन का कहना है कि जब सुबह घटना की जानकारी मिली तो उन्हें यह बात समझ नहीं आई कि आखिर दोनों की मौत कैसे हुई. उनके मुताबिक, अगर कमरे के अंदर कोई विवाद या संघर्ष हुआ होता तो उसकी आवाज आसपास के लोगों तक पहुंच सकती थी. उन्होंने यह भी कहा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था. अनीता की बहन ने यह भी बताया कि शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी. दोनों के बीच पहले से संबंध थे और परिवारों ने उनकी शादी तय की थी. ऐसे में शादी के कुछ ही घंटों बाद दोनों की मौत ने मायके और ससुराल पक्ष को भी हैरान कर दिया है.
देशराज चौहान और अनीता चौहान एक-दूसरे को पहले से जानते थे. परिवारों की सहमति से दोनों का रिश्ता तय हुआ था. देशराज कुछ समय से बाहर रहकर काम कर रहा था. उसके गांव लौटने के बाद अनीता भी कुछ दिन पहले जनियाजोत स्थित उसके घर आ गई थी. दोनों परिवारों की सहमति के बाद सोमवार को बांसी स्थित टेकधर बाबा मंदिर में विवाह कराया गया. शादी के बाद घर में खुशी का माहौल था. रिश्तेदार पहुंचे थे और भोजन का आयोजन भी किया गया था. दोनों की शादी पहले बाद की तारीख में प्रस्तावित थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते परिवारों की सहमति से शादी पहले कर दी गई.
परिवार के लिए सबसे मुश्किल सवाल यही है कि जिस घर में कुछ घंटे पहले तक शादी की खुशियां थीं, वहां सुबह अचानक मातम कैसे छा गया. परिजनों के मुताबिक, रात में खाना खाने के बाद सभी लोग सोने चले गए थे. किसी ने ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं की थी. सुबह नवदंपति के कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर दोनों की हालत देखकर परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई. बांसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
बांसी क्षेत्र के सीओ शुभेंदु सिंह के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच पुलिस को जनियाजोत गांव में दंपति की मौत की सूचना मिली थी. पुलिस और क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. सीओ के अनुसार, परिवार से पूछताछ के दौरान फिलहाल मौत की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. यानी फिलहाल पुलिस के सामने कई सवाल हैं, लेकिन उनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.
परिवार के सामने एक और सवाल यही है कि रात के दौरान कमरे से किसी तरह की आवाज क्यों नहीं आई. दूल्हे की मौसी का कहना है कि घर के लोग रात में खाना खाने के बाद सो गए थे. कई लोग गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे. परिजनों के मुताबिक, दोनों के बीच रात में किसी विवाद या झगड़े की जानकारी उन्हें नहीं है. शादी के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए थे. सुबह तक सब कुछ सामान्य मानकर परिवार के लोग सोते रहे. अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि रात में वास्तव में कमरे के भीतर क्या हुआ.

