कचरा छांटने वाली महिला बनी मॉडल, पहुंची मिलान फैशन वीक, फिर भी पुराना जॉब नहीं छोड़ा
फैशन की दुनिया में कदम रखने के बाद अक्सर लोग अपनी पुरानी जिंदगी और काम को पीछे छोड़ देते हैं. लेकिन चीन की 20 साल की लेंग मिंगहुई की कहानी कुछ अलग है. वह एक तरफ मिलान फैशन वीक जैसे बड़े मंच पर मॉडलिंग कर रही हैं, तो दूसरी तरफ कचरा उठाने और छांटने का अपना काम भी जारी रखे हुए हैं.
खास बात यह है कि मॉडलिंग में पहचान मिलने के बावजूद वह अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहतीं. उनका कहना है कि उन्हें कचरे के साथ काम करना पसंद है और ईमानदारी से किया गया कोई भी काम छोटा नहीं होता.
लेंग की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुई. चीन के ताइझोउ शहर में वह अपने बॉयफ्रेंड के परिवार के वेस्ट मैनेजमेंट बिजनेस में काम करती थीं. इसी दौरान कचरा छांटते हुए उनका एक वीडियो चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डोयिन पर पोस्ट हुआ. वीडियो में उनकी खूबसूरती और मॉडल जैसी लंबी कद-काठी देखकर लोग हैरान रह गए.
वीडियो वायरल हुआ तो मॉडलिंग की दुनिया से भी उन पर नजर पड़ी. साथी मॉडल और एजेंट लू शियानरेन ने उन्हें मॉडलिंग का मौका दिया. इसके बाद लेंग ने कुछ ही महीनों में चीन और विदेशों के बड़े फैशन शो में रैंप वॉक करना शुरू कर दिया.
मुश्किल हालात में गुजरा बचपन डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, लेंग की जिंदगी हमेशा से इतनी ग्लैमरस नहीं रही. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके माता-पिता अलग हो गए थे. परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी. पैसों की कमी के चलते उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी और गुजारा करने के लिए वेट्रेस का काम करना पड़ा.
इसी दौरान उनकी मुलाकात अपने मौजूदा पार्टनर से हुई. बाद में वह उनके परिवार के कचरा प्रबंधन के कारोबार से जुड़ गईं. यहां उनका काम अलग-अलग तरह के कचरे को छांटना और उसे व्यवस्थित करना था. यही काम करते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ और उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया.
मॉडलिंग का सपना, लेकिन कचरे का काम भी प्यारा मॉडलिंग में नाम कमाने के बाद भी लेंग ने अपना पुराना काम नहीं छोड़ा. उनका कहना है कि उन्हें अपने बॉयफ्रेंड के परिवार के साथ काम करना अच्छा लगता है. इसके अलावा कचरा प्रबंधन का काम उन्हें नियमित कमाई और आर्थिक सुरक्षा भी देता है.
चीनी मीडिया को दिए एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सोच को बेहद सरल शब्दों में बताया. उनके मुताबिक, कचरा इकट्ठा करने का काम उन्हें पेट भरने का जरिया देता है, जबकि मॉडलिंग उनका सपना है. ये दोनों रास्ते एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं.
लेंग का यह भी कहना है कि किसी भी ईमानदार काम को छोटा समझने की जरूरत नहीं है. उनके लिए काम की इज्जत उसके ग्लैमरस होने या न होने से तय नहीं होती.
रैंप पर बेहतर बनने के लिए कर रही हैं मेहनत भले ही लेंग अपने पुराने काम से खुश हैं, लेकिन मॉडलिंग में आगे बढ़ने का सपना भी उन्होंने नहीं छोड़ा है. वह रैंप वॉक, पोज देने और कैमरे के सामने बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लगातार अभ्यास कर रही हैं.
उनके मुताबिक, मॉडलिंग के मौके आसानी से नहीं मिलते. इसलिए हर अवसर के लिए उन्हें दोगुनी मेहनत करनी होगी. वह अपने चलने के अंदाज, सिर घुमाने और पोज देने जैसी छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान दे रही हैं.
लेंग मिंगहुई की कहानी इस बात की मिसाल है कि सपने पूरे करने के लिए अपनी पुरानी पहचान मिटाना जरूरी नहीं. कोई व्यक्ति एक साथ अपनी रोजी-रोटी भी संभाल सकता है और अपने सपनों की दुनिया में भी आगे बढ़ सकता है. उनके लिए कचरा उठाने का काम मजबूरी नहीं, बल्कि ऐसा काम है जिसे वह पसंद करती हैं और जिस पर उन्हें गर्व है.

