'परिस्थितियां कभी भी बदल सकती है, नए गठबंधन हो सकते हैं...' सपा-सुभासपा अलायंस की अटकलों पर राजभर का बयान
उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले सियासी कयासों का दौर लगातार जारी है. सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर अपने बयानों से हलचल मचा दी है. समाजवादी पार्टी के उनके विधायकों के संपर्क में होने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि राजनीति में कुछ भी नामुमकिन नहीं है और हालात कभी भी बदल सकते हैं.
राजभर ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 1995 के कुख्यात 'गेस्ट हाउस कांड' के बाद किसी ने ये कभी नहीं सोचा था कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी कभी एक साथ आ सकती हैं. लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के तहत दोनों दल एक साथ आए और मिलकर चुनाव भी लड़े.
उन्होंने कहा कि राजनीति में ये कभी नहीं कहा जा सकता कि कौन सा नेता या दल कब किसके साथ खड़ा हो जाए, क्योंकि यहां हालात तेजी से बदलते हैं और नए समीकरण बनते रहते हैं.
इससे पहले ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चल रही बयानबाजी को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने सवाल उठाया था कि सपा और कांग्रेस के बीच जिस तरह की खींचतान चल रही है, उसे गठबंधन कहा जा सकता है?
राजभर ने तंज कसते हुए इस गठबंधन को 'ठगबंधन' करार दिया था. उनका दावा है कि इन दोनों दलों के बीच असल लड़ाई इस बात की है कि इनमें से बड़ा 'ठग' कौन है.
कांग्रेस नेताओं के बयानों और उस पर सपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया. उन्होंने पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने खुद अपनी पार्टी के नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी करने की खुली छूट दे दी है?
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राजभर ने ये भी पूछा कि क्या अब समाजवादी पार्टी के नेता पूरी तरह 'आत्मनिर्भर' हो गए हैं और पार्टी नेतृत्व के नियंत्रण से बाहर हैं.


