'जिसने भी भेजा भारी कीमत चुकाएगा...', नेतन्याहू ने चेताया, ओमानी पायलट से पूछताछ करेगा इजरायल

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जिसने भी फ्लाईदुबई की घटना को अंजाम दिया है उसे इसकी 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी. हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया न ही किसी तरह का सबूत पेश किया. पीएम नेतन्याहू ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, तस्वीर साफ़ होती जा...

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जिसने भी फ्लाईदुबई की घटना को अंजाम दिया है उसे इसकी 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी. हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया न ही किसी तरह का सबूत पेश किया. पीएम नेतन्याहू ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, तस्वीर साफ़ होती जा रही है. 

इजरायली पीएम ने प्लंबर यानीव का जिक्र करते हुए कहा कि, 'उन्होंने और उनके बहादुर साथियों ने 9/11 जैसी बड़ी तबाही को रोका. हमलावर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित था और उसका इरादा विमान को उसमें सवार सभी यात्रियों के साथ क्रैश करने का था. हम अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसे भेजा गया था, और जिसने भी उसे भेजा है उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."

इस बीच इस घटना के बाद 48 घंटे गुजर गए हैं, लेकिन किसी भी देश द्वारा हमलावर ओमानी पायलट के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. मीडिया में बस इस पायलट की कुछ तस्वीरें आई हैं, जिसमें उसका चेहरा स्पष्ट नहीं है. 

सऊदी अरब ने इस पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया है. 

ताजा जानकारी में अब इजरायली अधिकारी इस ओमानी पायलट से पूछताछ करना चाहते हैं. ये जानकारी रॉयटर्स ने दी है. इससे पहले खबर आई थी कि इजरायल इस पायलट के प्रत्यपर्ण की कोशिश करेगा. 

लेकिन अब इजरायली अधिकारी इस पायलट से पूछताछ करने पर विचार कर रहे हैं.

सऊदी अरब ने इस ओमानी को-पायलट को गुरुवार को UAE भेज दिया गया, जहां सूत्रों के मुताबिक इजरायली अधिकारियों के उससे पूछताछ करने की उम्मीद है. 

सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया कि कौन सी इज़राइली एजेंसी या अथॉरिटी ओमानी को पायलट से पूछताछ करेगी. 

जब यह पूछा गया कि क्या इज़रायली अधिकारी को-पायलट से पूछताछ करेंगे, तो इजरायली सरकार के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि इज़रायली जांचकर्ता UAE के नेतृत्व वाली जांच में अमीराती अधिकारियों के साथ शामिल होंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हुआ था और संदिग्ध के मकसद और बैकग्राउंड की जांच की जा सके.

UAE के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर कोई जवाब नहीं दिया कि क्या इजरायली अधिकारी को-पायलट से पूछताछ करेंगे?

घटना पर अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में फ्लाईदुबई के चीफ एग्जीक्यूटिव गैथ अल गैथ ने शुक्रवार को कहा कि कॉकपिट में हुई "सुरक्षा से जुड़ी घटना" के बाद अधिकारी एयरलाइन की मदद से आधिकारिक जांच कर रहे हैं. 

उन्होंने एक लिखित बयान में कहा, "यह जरूरी है कि हम इस प्रक्रिया से तथ्यों का पता चलने दें." उन्होंने माना कि फ़्लाइट FZ1073 में क्या हुआ, इसे लेकर "कई सवाल" हैं.

UAE की सरकारी समाचार एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि अमीराती अधिकारियों ने घटना के हालात और मकसद का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है और यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि "क्या यह घटना किसी आतंकवादी गतिविधि या मकसद से जुड़ी थी, या इसमें पहले से कोई योजना या निर्देश शामिल था."

इस घटना पर अभी तक ओमान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बता दें कि ओमान के साथ इजरायल के आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि ऐसे देशों के पायलटों को इजरायल के लिए उड़ानें ऑपरेट करने की अनुमति नहीं थी. यह स्पष्ट नहीं है कि तेल अवीव की उड़ान के लिए को-पायलट को कैसे नियुक्त किया गया. 

फ़्लाइट ट्रैकर Flightradar24 के डेटा के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल की यात्रा के दौरान सऊदी अरब के ऊपर उड़ान भरते समय विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 16,625 फीट नीचे गिर गया. ये विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था. दुबई से उड़ान भरने के बाद ओमान के को पायलट ने विमान के पायलट और भारतीय नागरिक स्मित मछार को चाकू मार दिया. इस दौरान दोनों के बीच झड़प हुई. कैप्टन स्मित मछार ने किसी तरह कॉकपिट खोलने का बटन दबाया. इसके बाद बाहर से घुसे यात्रियों ने उन्हें घायल अवस्था में रेस्क्यू किया और प्लेन को कंट्रोल किया.   

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/benjamin-netanyahu-flydubai-flight-israel-pm-heavy-price-smit-machchhar-ntcppl-dskc-2659587-2026-10-02?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in Travel