काला सागर में जहाज पर रूस का ड्रोन अटैक, इंडियन क्रू थे सवार, कैप्टन की मौत!
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि काला सागर में तुर्की के मालिकाना हक वाले एक नागरिक कार्गो जहाज पर रूसी ड्रोन हमले से आग लग गई. इस जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक सवार थे. इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 11 अन्य लोगों को बचा लिया गया.
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "न्यूट्रल क्षेत्र में तुर्की के मालिकाना हक वाले और मक्का ले जा रहे एक नागरिक जहाज़ पर दो रूसी ड्रोनों ने भयानक हमला किया."
उन्होंने कहा, "इस पर अजरबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे. दुर्भाग्य से अभी तक मिली जानकारी के अनुसार जहाज़ के कप्तान की मौत हो गई है. मेरी संवेदनाएं. एक अन्य व्यक्ति के बारे में अभी जानकारी जुटाई जा रही है."
ज़ेलेंस्की ने बताया कि चालक दल के 11 सदस्यों को बचा लिया गया है, जिनमें से एक घायल है.
उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन ने बार-बार हालात को शांत करने और ब्लैक सी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है.
उन्होंने पोस्ट किया, "ग्लोबल फूड सिक्योरिटी को बहाल करने के लिए दबाव की जरूरत है. और जो कोई भी इसमें सच में दिलचस्पी रखता है, उसे मदद करनी चाहिए."
यूरोन्यूज़ रोमानिया के अनुसार मुसीबत में फंसे कार्गो शिप की पहचान 'रोयाद मम्मादोव' के तौर पर हुई है. यह शिप तुर्की की कंपनी MG शिपिंग 5 की है और सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के नीचे चल रही थी.
मैरीटाइम ट्रैफ़िक मॉनिटरिंग सर्विस के अनुसार हमले से लगभग तीन घंटे पहले इसे आखिरी बार देखा गया था जब यह ओडेसा क्षेत्र में यूक्रेन के इस्माइल बंदरगाह से इटली के रावेना की ओर जा रही थी.
सोमवार की यह घटना रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन में पेस्कारुश ऑफ़शोर प्लेटफ़ॉर्म से लगभग 9 नॉटिकल मील की दूरी पर हुई.
रोमानिया के 'फ्री नेविगेटर्स यूनियन' के प्रमुख एड्रियन मिहालसिओयू ने यूरोन्यूज़ रोमानिया को बताया कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक शिप पर हवाई और समुद्री ड्रोन से हमला किया गया था. उन्होंने कहा कि यह एक कमर्शियल शिप थी "जिसका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था."
ब्लैक सी ग्लोबल ट्रेड का एक अहम और संवेदनशील पॉइंट है, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण कमर्शियल शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते हमलों से भारी रुकावट आ रही है.
रविवार को यूक्रेन के सुमी में रूसी हमले में भारतीय मालिकों वाले एक फ़ार्मास्युटिकल वेयरहाउस के 52 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो गई.
रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत ने सिर्फ़ बात करने से आगे बढ़कर हाल के महीनों में कीव और मॉस्को दोनों के साथ बातचीत करके यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने की कोशिशें तेज कर दी हैं.


