'सरदार पटेल के बिना आज के भारत की कल्पना भी मुश्किल', एकता दिवस कार्यक्रम में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड हुई. परेड में कुल 15 झांकियां शामिल रहीं, जबकि करीब 5,000 कलाकारों ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर स्थित वामन वृक्ष वाटिका का दौरा किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यहां मौजूद बोनसाई के संग्रह, थीम आधारित गार्डन और शांत वातावरण की तारीफ की.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वामन वृक्ष वाटिका में बोनसाई की खूबसूरत कलेक्शन देखने को मिली. उन्होंने कहा कि यह जगह प्रकृति की खूबसूरती और रचनात्मकता को करीब से समझने का शानदार अवसर देती है. उन्होंने यह भी बताया कि यहां पर्यटकों के लिए 'Make Your Own Bonsai' का अनुभव भी उपलब्ध है, जो इस जगह को और खास बनाता है. राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर एकता नगर में खास तैयारियां की गई थीं. परेड के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और झांकियों के जरिए एकता और विविधता का संदेश दिया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस महान देश का नागरिक होना गर्व की बात है और मन कृतज्ञता से भर जाता है. यह कृतज्ञता सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिए है, जिन्होंने आजादी के बाद 550 से ज्यादा रियासतों को एक किया. उन्होंने फौलादी इरादों के साथ पूरे देश को एकता के धागे में पिरोया.
किसी भी देश के लिए आजादी जरूरी होती है. आजाद देश अपने भविष्य के फैसले खुद लेता है. आजादी को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है. गणतंत्र संविधान की मर्यादा में रहकर फैसले आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाता है. संविधान हमें जनता के प्रति जवाबदेह रखता है और एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की ताकत देती है. इसलिए स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस तीनों अहम हैं.
यहां एक बार फिर भारत की एकता के विराट दर्शन हुए. इस साल की राष्ट्रीय एकता परेड पुलिस और सुरक्षा बलों के शौर्य और साहस को समर्पित रही. देश की विरासत और आकांक्षा भी परेड के जरिए सामने आई. यह आयोजन अब सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं, जन भागीदारी से जन गौरव का उत्सव बन गया है. मोदी ने सभी देशवासियों को एकता दिवस की बधाई दी और पटेल को श्रद्धा से नमन किया.
पीएम मोदी ने कहा कि पटेल भारत के इतिहास की महान शख्सियत हैं, जिनके बिना आज के भारत की कल्पना मुश्किल है. उन्होंने भारत के मौजूदा स्वरूप को गढ़ा और विभाजन के बाद भी हिमालय से हिंद महासागर तक देश को सुरक्षित रखा. यह इसलिए हो सका क्योंकि वे भारत के चरित्र और चेतना को जानते थे. वे समझते थे कि विविधता बाधा नहीं, एकता का असली आधार है.
हम हजारों साल से इसी तरह जीते आए हैं और इसी ताकत से तरक्की के शिखर छुए हैं. पटेल ने देश की जमीन नहीं, भावनात्मक एकता भी जोड़ी. सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण से सांस्कृतिक पुनरुत्थान शुरू हुआ, जिसे इस साल 75 वर्ष पूरे हुए. इसी गौरव ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की प्रेरणा दी. आर्थिक प्रगति और काशी विश्वनाथ से राम मंदिर तक का पुनरुद्धार उसी दिशा में है जो पटेल ने दिखाई.
