'तो जाकर आइसक्रीम बेचिए...', रामायण में मंगल रंग बनाकर ट्रोल हुए ए आर रहमान, हेटर्स पर साधा निशाना

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ए आर रहमान इंडिया के ऑस्कर विनिंग म्यूजिक कंपोजर हैं. इन दिनों फिल्म रामायण में उनके गानों की चर्चा है. रहमान के कई गाने लोगों को पसंद आए हैं. लेकिन उनमें से कुछ की आलोचना भी हुई है. हाल ही में आया मंगल रंग गाना, जिसमें भगवान राम और माता सीता का प्रेम दर्शाया गया उसे सुनकर लोगों ...

ए आर रहमान इंडिया के ऑस्कर विनिंग म्यूजिक कंपोजर हैं. इन दिनों फिल्म रामायण में उनके गानों की चर्चा है. रहमान के कई गाने लोगों को पसंद आए हैं. लेकिन उनमें से कुछ की आलोचना भी हुई है. हाल ही में आया मंगल रंग गाना, जिसमें भगवान राम और माता सीता का प्रेम दर्शाया गया उसे सुनकर लोगों को 'कव्वाली' याद आई. इस बात के लिए ए आर रहमान को जमकर ट्रोल किया गया. 

रामायण एक धार्मिक महाकाव्य है, जिसपर फिल्म बनाई गई है. ऐसे में उसमें कव्वाली जैसा अंदाज पाकर कई लोगों को अच्छा नहीं लगा. अब अपने ऊपर उठे सवालों पर एआर रहमान ने अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि वो खुद अपने काम के सबसे बड़े आलोचक हैं और ऐसा नहीं है कि उन्हें अपना बनाया हर गाना पसंद ही आता है. 

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में म्यूजिक कंपोजर ने कहा- किसी भी गाने को तैयार करने का फैसला एक दिन में नहीं होता. कई बार टीम किसी धुन के साथ महीनों तक रहती है और उस पर काम करती है. इसके पीछे एक पूरी सोच और प्रक्रिया होती है. कई बार आपको किसी चीज को समझने के लिए उसके इतिहास और संस्कृति को भी ध्यान में रखना पड़ता है. कुछ चीजों को समय देना जरूरी होता है. ये बिल्कुल अचार जैसा है. कुछ धुनें ऐसी होती हैं, जो जितनी पुरानी होती हैं, उतनी ही बेहतर लगने लगती हैं. 

उन्होंने आगे कहा कि कई बार लोग किसी गाने का सिर्फ एक हिस्सा देखते हैं, लेकिन उसके पीछे की पूरी सोच नहीं समझ पाते. इसलिए कभी-कभी धैर्य रखना पड़ता है. समय के साथ लोगों को समझ आता है कि आखिर किसी धुन को उस तरह क्यों बनाया गया था. एआर रहमान ने माना कि एक समय के बाद कलाकार को हर किसी की प्रतिक्रिया से प्रभावित होना बंद करना पड़ता है. उन्होंने एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की बात का जिक्र करते हुए कहा- अगर आप सबको खुश करना चाहते हैं, तो जाकर आइसक्रीम बेचिए.

'मंगल रंग' के म्यूजिक में क्या खास है?

रहमान का कहना है कि उन्होंने इस गाने को तैयार करते समय भारतीय शास्त्रीय संगीत के अलग-अलग रागों से प्रेरणा ली थी. उन्होंने बताया कि इस गाने में बिलावल राग के शुद्ध स्वरों का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा इसमें मांड़ राग की झलक भी है, जिसका इस्तेमाल अक्सर भजनों और शादी के गानों में किया जाता है. साथ ही इसमें पहाड़ी राग के कुछ सुर भी शामिल किए गए हैं.

रहमान की कोशिश थी कि गाने में भक्ति संगीत की झलक भी रहे और उनका अपना म्यूजिक स्टाइल भी बरकरार रहे. भले ही गाने को लेकर शुरुआत में आलोचना हुई, लेकिन रिलीज के बाद इसने यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूजिक चार्ट में पहला स्थान हासिल कर लिया. 

Original Source
https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/ar-rahman-reacts-to-ramayana-mangal-rang-song-criticism-qawwali-claims-tmovj-dskc-2686004-2026-11-01?utm_source=rss
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