इंस्टाग्राम ग्रुप की लड़ाई में डबल मर्डर! दोस्तों ने किया मटन काटने वाले छुरे से दो किशोरों का कत्ल, पुलिस ने बताई कहानी
गुजरात के सूरत में सोशल मीडिया ग्रुप पर शुरू हुई कहासुनी ने दो किशोरों की जान ले ली. अठवा लाइंस थानाइलाके की नानपुरा मटन मार्केट के पास सोमवार देर रात दो नाबालिगों की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई. दोनों किशोर आपस में दोस्त थे. पुलिस के मुताबिक, विवाद इंस्टाग्राम पर बने 'सलमान खान' नाम के ग्रुप में वीडियो पोस्ट करने को लेकर शुरू हुआ था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से वारदात में शामिल तीन नाबालिगों को करीब आधे घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया.
दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों का आरोप है कि विवाद ऑनलाइन गेम फ्री फायर खेलने के दौरान शुरू हुआ था. हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में गेम से जुड़ा कोई संबंध सामने नहीं आया है.
सूरत पुलिस के एसीपी वीआर मल्होत्रा के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर 'सलमान खान' नाम से एक ग्रुप बना हुआ था. इसमें सभी किशोर जुड़े हुए थे. ग्रुप में एक लड़के ने तीन-चार वीडियो पोस्ट किए थे. इस पर दूसरे लड़के ने आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी.
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मामला सुलझाने के लिए वे नानपुरा में फातिमा कब्रिस्तान के पास इकट्ठा हुए थे. एसीपी के मुताबिक, वहां दोनों मृतक किशोरों ने आरोपी को थप्पड़ मारे और हाथापाई हुई. इससे गुस्साए आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में दोनों किशोरों की मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी और मृतक एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और पहले से एक-दूसरे को जानते थे. घटना सोमवार देर रात करीब पौने बारह से 12 बजे के बीच हुई.
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि दोनों किशोरों के बीच फ्री फायर गेम खेलने के दौरान विवाद हुआ था. एक किशोर के पिता मोहम्मद साबिर शेख मोहम्मद शेख ने बताया कि उनके बेटे और उसके दोस्त के बीच गेम को लेकर कहासुनी हुई थी. इसके बाद एक पक्ष ने रात में मिलने की बात कही.
साबिर के मुताबिक, उनका बेटा और उसका दोस्त विवाद सुलझाने के इरादे से वहां पहुंचे थे. उन्हें लगा था कि बातचीत से मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन वहां उन पर हमला कर दिया गया. उन्होंने बताया कि उनके बेटे की उम्र 16 साल, एक महीना और 19 दिन थी, जबकि दूसरे किशोर अजमल की उम्र 17 साल थी. उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है.
मृतक अजमल की बहन फहीमा ने भी कहा कि उसके भाई और दोस्त को बातचीत के लिए बुलाया गया था. घर से बाहर निकलने के बाद कुछ लड़कों ने दोनों पर हमला कर दिया. फहीमा के मुताबिक, उनके भाई की उम्र 16 साल थी और वह काम करके परिवार का खर्च चलाता था. उनके पिता जेल में हैं.
एक अन्य परिजन यासमीन ने भी फ्री फायर गेम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. उनका आरोप है कि गेम खेलने के दौरान बच्चों के बीच विवाद बढ़ रहे हैं.
एसीपी वीआर मल्होत्रा ने साफ किया कि पुलिस की शुरुआती जांच में फ्री फायर गेम से विवाद का कोई संबंध सामने नहीं आया है. उनके मुताबिक, विवाद इंस्टाग्राम ग्रुप में वीडियो पोस्ट करने और उसके बाद हुई गाली-गलौज से शुरू हुआ था.
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बैठक हुई थी, लेकिन वहां हाथापाई के बाद आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया. पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
एसीपी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही अठवा लाइंस पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. मृतक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से वारदात में शामिल तीन नाबालिगों को घटना के करीब आधे घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया गया.
दोनों किशोरों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए नई सिविल अस्पताल भेजे गए. पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
इस घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. परिजनों के मुताबिक, एक किशोर के पिता जेल में हैं और मां भी उसके साथ नहीं रहती थीं. वहीं, दूसरे किशोर के पिता दिव्यांग बताए गए हैं.
दोनों परिवारों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस की जांच में इंस्टाग्राम ग्रुप पर वीडियो पोस्ट करने को लेकर हुआ विवाद सामने आया है, जबकि गेम से जुड़े विवाद का दावा परिजनों की ओर से किया गया है. हत्या की पूरी वजह और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का खुलासा आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में होगा.


