परमाणु हमले से बचने के लिए क्या करें? ट्रंप की नई धमकियों के बाद ईरान ने जारी की गाइड
ईरान ने अपने नागरिकों के लिए परमाणु हमले से बचने को लेकर एक खास एडवाइजरी जारी की है. इसमें बताया गया है कि परमाणु विस्फोट होने की स्थिति में लोग खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं. ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने इस गाइडलाइन के साथ करीब 8 मिनट का एक वीडियो भी जारी किया. इसमें लोगों को घरों के बेसमेंट में शरण लेने, खिड़कियों से दूर रहने और बाहर की हवा खींचने वाले एयर कंडीशनर बंद करने की सलाह दी गई है.
एडवाइजरी में लोगों से संभावित हमले के बाद कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित जगह पर रहने, पैकेट वाले खाने और बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करने को कहा गया है. साथ ही गाड़ियों के अंदर छिपने से मना किया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेडियोधर्मी कण हवा के जरिए विस्फोट वाली जगह से काफी दूर तक फैल सकते हैं.
ईरान की एडवाइजरी में परमाणु विस्फोट से होने वाले चार बड़े खतरों का जिक्र है. इनमें तेज रोशनी, विस्फोट की लहर, भीषण गर्मी और रेडियोधर्मी पदार्थों का फैलना शामिल है. इस्फहान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के शिक्षा और शोध विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इब्राहिम अदेलजादेह ने लोगों को मजबूत इमारतों में शरण लेने की सलाह दी है. उन्होंने IRNA से कहा कि अगर सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके तो बेसमेंट या इमारत के बीच का ऐसा कमरा बेहतर है, जो खिड़कियों से दूर हो. लोगों को दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के साथ एयर कंडीशनर और वेंटिलेशन सिस्टम भी बंद करने को कहा गया है, ताकि बाहर की हवा इमारत के अंदर न आए.
एडवाइजरी के मुताबिक, परमाणु विस्फोट की तेज चमक को सीधे नहीं देखना चाहिए. अगर कोई खुले में फंस जाए और तुरंत किसी इमारत में नहीं पहुंच सके तो उसे जमीन के करीब लेटकर किसी दीवार या मजबूत चीज के पीछे छिपना चाहिए. सिर और चेहरे को भी ढककर रखना चाहिए. विस्फोट की शुरुआती लहर गुजरने के बाद नजदीकी मजबूत इमारत में चले जाना चाहिए. लोगों को विस्फोट देखने या उसकी तस्वीरें लेने के लिए बाहर खड़े रहने और गाड़ियों को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल करने से भी मना किया गया है.
रेडियोधर्मी धूल से बचने के लिए क्या करें?
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेडियोधर्मी कण हवा के साथ दूर तक जा सकते हैं. इस्फहान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अदेलजादेह ने कहा कि विस्फोट वाली जगह से दूर रहने वाले लोगों को भी सरकारी चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए. अगर हवा रेडियोधर्मी कणों को पूर्व की ओर ले जाती है तो उनका असर पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है.
रेडियोधर्मी धूल के संपर्क में आने की आशंका हो तो बाहरी कपड़ों को सावधानी से उतारकर बंद बैग में रखना चाहिए. इसके बाद त्वचा और बालों को हल्के गुनगुने पानी और साबुन से धोने की सलाह दी गई है. लोगों से पैकेट वाले खाने और बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करने को भी कहा गया है.
वीडियो में रेडिएशन से जुड़ी कुछ दवाओं का भी जिक्र है. इस्फहान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विस के प्रवक्ता अब्बास आबेदी ने बिना डॉक्टर की सलाह आयोडीन की गोलियां लेने से मना किया है. उन्होंने बताया कि कुछ खास हालात में स्टेबल आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि में रेडियोधर्मी आयोडीन के असर को कम कर सकता है, लेकिन यह दूसरे रेडियोधर्मी पदार्थों या विस्फोट से निकलने वाले रेडिएशन से सुरक्षा नहीं देता.
एडवाइजरी में प्रुशियन ब्लू दवा का भी जिक्र है, जिसका इस्तेमाल कुछ मामलों में शरीर के अंदर रेडियोधर्मी सीजियम-137 पहुंचने पर किया जाता है. अधिकारियों ने यह भी चेताया कि परमाणु विस्फोट से पैदा होने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संचार व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में बैटरी से चलने वाले रेडियो के जरिए सरकारी अपडेट सुनने की सलाह दी गई है.
ईरान की यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब उसके परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के संभावित हमले को लेकर चर्चा तेज है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अक्टूबर को कहा था कि वॉशिंगटन नतांज के पास पहाड़ के नीचे बने परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन को निशाना बना सकता है. हालांकि, उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया था. सोमवार को अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने आरोप लगाया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ट्रंप पर कुछ ही दिनों में पिकैक्स माउंटेन पर परमाणु हमला करने का दबाव बना रहे हैं.
ईरान ने इस एडवाइजरी को पैसिव डिफेंस वीक से जुड़ा बताया है. देश एक दशक से ज्यादा समय से यह सप्ताह मना रहा है, लेकिन पहले परमाणु हमले से बचने के लिए इस तरह की गाइड जारी किए जाने की रिपोर्ट नहीं है. जून 2025 में इजरायल और अमेरिका के हमलों के दौरान ईरान ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद रेडिएशन लक्षित जगहों से बाहर नहीं फैला. इस बार जारी गाइड में संभावित परमाणु विस्फोट और उसके बाद रेडियोधर्मी असर से बचने के विस्तृत तरीके बताए गए हैं.

