एक महीने किराया नहीं दें तो क्या मकान मालिक उस पर ब्याज लगा सकता है?

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क्या आप किराए पर रहते हैं या फिर आपने अपना घर किराए पर दे रखा है? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए हैं. जैसे मान लीजिए आप किसी घर में लंबे समय से रह रहे हैं या आपने किराए पर दुकान ले रखी है और आप किसी महीने किराया नहीं दे पाए तो क्या होगा? कई मकान मालिक एक बार किराया मिस होने पर किराए...

क्या आप किराए पर रहते हैं या फिर आपने अपना घर किराए पर दे रखा है? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए हैं. जैसे मान लीजिए आप किसी घर में लंबे समय से रह रहे हैं या आपने किराए पर दुकान ले रखी है और आप किसी महीने किराया नहीं दे पाए तो क्या होगा? कई मकान मालिक एक बार किराया मिस होने पर किराएदारों से ब्याज लेने की बात कहते हैं. तो आज हम आपको बताते हैं कि क्या ऐसा हो सकता है या कोई मकान मालिक सही में किराए पर ब्याज वसूल सकता है? तो समझते हैं क्या है नियम... 

पहले तो आपको बता दें कि हर राज्य के हिसाब से किराएदारों से जुड़े नियम अलग-अलग होते हैं. कुछ राज्यों में किराए पर ब्याज की बात कही गई है जबकि कुछ राज्यों में ये व्यवस्था नहीं है. इसलिए आप अपने राज्य के हिसाब से इस पर बात कर सकते हैं. अब बात ब्याज की.

नियमों के अनुसार, अगर रेंट एग्रीमेंट में ब्याज का जिक्र है तो मकान मालिक की ओर से एक निश्चित वक्त बाद किराए पर ब्याज वसूला जा सकते हैं. इसमें भी कुछ कंडीशन होती हैं, जैसे किराया देने की तारीख कब है और उसके बाद कितना ग्रेस पीरियड है. अगर 15 दिन का ग्रेस पीरियड है तो किराए वाली तारीख से 15 दिन के बाद में ब्याज लगाया जा सकता है. लेकिन, इसका रेंट एग्रीमेंट में जिक्र होना चाहिए, जिसमें इंट्रेस्ट रेट के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए.

लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि कोई भी इंट्रेस्ट रेट के हिसाब से ब्याज वसूल लिया जाए. इसमें ब्याज की रेट 15 फीसदी सलाना तक हो सकती है. अगर निश्चित समय तक किराया ना दे और उसके बाद ग्रेस पीरियड भी निकल जाए तो ब्याज लगाया जा सकता है. ये तो बात हुई जब रेंट एग्रीमेंट में ब्याज के बारे में लिखा हो, लेकिन अगर कुछ नहीं लिखा हो तो क्या ब्याज लगाया जा सकता है?

अगर रेंट एग्रीमेंट में कुछ नहीं लिखा है तो इसके लिए मकान मालिक को कानूनी सहारा लेना होगा और नोटिस देना होगा. नोटिस में ब्याज की जानकारी देनी होगी. या लंबे समय से किराया बाकी है तो कोर्ट के जरिए ब्याज लिया जा सकता है. लेकिन, बिना लिखित जानकारी के मनचाहा ब्याज नहीं वसूला जा सकता. 

Original Source
https://www.aajtak.in/information/story/can-landlord-charge-interest-on-late-rent-payment-tedu-dskc-2687472-2026-11-03?utm_source=rss
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