मिड टर्म चुनाव में बुरी तरह पिछड़ने पर ट्रंप का पहला रिएक्शन, बोले-मैं मैदान में होता तो बड़े अंतर से जीतते
अमेरिका के मिड टर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के बुरी तरह पिछड़ने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहला रिएक्शन दिया है. ट्रंप ने एक तरफ दावा किया कि अगर वह चुनावी बैलेट पर होते तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीतती. वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने चुनाव के नतीजे स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही है. ट्रंप के इन दोनों बयानों की चर्चा हो रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर पहला रिएक्शन दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कि मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता, तो हम बड़े अंतर से जीतते. उन्होंने अपने बयान में 'इन अ लैंडस्लाइड' यानी भारी अंतर से जीतने की बात कही. पोस्ट के आखिर में ट्रंप ने लिखा कि इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद.
इस बयान में ट्रंप ने सीधे तौर पर चुनावी नतीजों की वजहों पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने यह दावा किया कि अगर उनका नाम भी बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी जीत मिलती.
I wasn’t on the Ballot and if I was, we would have won IN A LANDSLIDE! Thank you for your attention to this matter. President DONALD J. TRUMP ( TS: Nov 3 2026, 10:37 PM ET ) https://t.co/sZG6BGvmsL
वहीं, चुनाव नतीजों में बुरी तरह पिछड़ने पर ट्रंप ने मीडिया से भी बातचीत की. उन्होंने इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह मिडटर्म चुनाव के नतीजे स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उनसे पूछा गया कि क्या वह चुनावी नतीजों को मानेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल उन नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की इच्छा भी जताई. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष जीतता है तो भी, हम उनके साथ काम करने की उम्मीद करेंगे. शायद हम कुछ रास्ता निकाल लेंगे. ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी की संभावित जीत को लेकर दावा किया गया है. वहीं, मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और विपक्षी पार्टी के साथ काम करने की बात कही है.
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं. इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक तिहाई सीटों पर चुनाव होता है. इन नतीजों से तय होता है कि संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का बहुमत रहेगा.
अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेते हैं तो वे कई संसदीय समितियों का नियंत्रण संभाल लेंगे. इन समितियों के जरिए ट्रंप सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए जा सकेंगे. अधिकारी पूछताछ के लिए बुलाए जा सकेंगे. दस्तावेज मांगे जा सकेंगे. जरूरत पड़ने पर समन भी जारी किए जा सकेंगे.
