अमृतसर में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, कुख्यात आरोपी आकाशदीप के पैर में लगी गोली; जेल से साथी को छुड़ाने की थी साजिश
पंजाब के अमृतसर में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान सात आपराधिक मामलों में वांछित आरोपी आकाशदीप उर्फ आकाश गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया है. पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की साजिश रच रहा था.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आकाशदीप कादियां, पुलिस जिला बटाला का रहने वाला है. उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह अदालत से भगोड़ा घोषित किया जा चुका था. पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी.
पुलिस के मुताबिक, आकाशदीप हाल ही में बटाला में हुई मनी एक्सचेंजर की दुकान में लूट की वारदात में भी वांछित था. आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पिस्टल के बल पर दुकान से करीब 2.5 लाख रुपये लूटे थे. इस मामले में उसके अन्य साथियों की पहचान भी कर ली गई है.
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आकाशदीप और उसके साथी जेल में बंद अपराधी अंग्रेज को छुड़ाने की योजना बना रहे थे. पुलिस के अनुसार, अंग्रेज पर भोला मर्डर केस और कोट खालसा मर्डर केस समेत 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं.
पुलिस का दावा है कि साजिश के तहत अदालत में पेशी के दौरान फायरिंग करने या जन्मदिन अथवा ढाबे पर रुकने का बहाना बनाकर पुलिस पार्टी पर हमला करने की योजना थी. इसके जरिए अंग्रेज को पुलिस हिरासत से भगाने की तैयारी की जा रही थी. देखें VIDEO:-
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, खुफिया सूचनाओं और सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्धों के रास्तों पर नजर रखी जा रही थी. इसी दौरान पुलिस टीम ने आकाशदीप को रोकने की कोशिश की. पुलिस का आरोप है कि उसने रुकने के बजाय पुलिस पार्टी पर दो राउंड फायर किए.
पुलिस ने आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की. पुलिस के मुताबिक, टीम ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए. इस दौरान एक गोली आकाशदीप की टांग में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया.
पुलिस ने घटनास्थल से .30 बोर की पिस्टल, दो खाली कारतूस के खोल, तीन जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया है. स्कूटर अमृतसर नंबर का है. पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वाहन चोरी का है या आरोपी ने इसे किसी अन्य तरीके से हासिल किया था.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस गिरोह के चार अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं. पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है.

