'बाहर ईरान, भीतर कट्टरपंथी इस्लाम...', नेतन्याहू ने इजरायल को किस खतरे से आगाह किया?

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
इजरायल में नई सरकार किसकी बनेगी, इसे लेकर सियासी हलचल तेज है. चुनाव में किसी भी दल को साफ बहुमत नहीं मिला है. इसी बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इजरायल को बाहर से ईरान और उसके सहयोगियों से खतरा है, जबकि देश के भीतर कट्टरपंथी इस...

इजरायल में नई सरकार किसकी बनेगी, इसे लेकर सियासी हलचल तेज है. चुनाव में किसी भी दल को साफ बहुमत नहीं मिला है. इसी बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इजरायल को बाहर से ईरान और उसके सहयोगियों से खतरा है, जबकि देश के भीतर कट्टरपंथी इस्लाम चुनौती बन रहा है. नेतन्याहू ने विपक्ष पर ऐसी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश का आरोप लगाया, जिन्हें वह आतंकवाद का समर्थक बताते हैं.

नेतन्याहू ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह बात कही. उन्होंने कट्टरपंथी इस्लाम को यूरोप के कई देशों के लिए भी बड़ी चुनौती बताया. उनके मुताबिक, यह चुनौती इजरायल को भी प्रभावित कर सकती है. उन्होंने कहा कि ईरान और उसके सहयोगियों के जरिए खतरा बाहर से आता है, जबकि इस्लामवादी पार्टियों के जरिए देश के भीतर से चुनौती मिल रही है.

नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता ऐसी पार्टियों के सहारे सरकार बनाना चाहते हैं, जो हमास का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा कि इन दलों की सरकार में भागीदारी से इजरायल की यहूदी पहचान कमजोर हो सकती है. इससे देश की अपनी रक्षा करने की क्षमता पर भी असर पड़ेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि इन पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हमास की नुखबा यूनिट के उन सदस्यों के समर्थन में बयान दिए हैं, जो इजरायल की जेलों में बंद हैं. नेतन्याहू ने सवाल उठाया कि ऐसी पार्टियों के समर्थन पर निर्भर सरकार देश की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना कैसे करेगी.

विपक्ष की कोशिशों पर सवाल उठाने के साथ ही नेतन्याहू ने एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस सरकार का नेतृत्व उनकी लिकुड पार्टी करे. इसमें राष्ट्रीय गठबंधन के सभी घटकों के साथ वे जियोनिस्ट पार्टियां भी शामिल हों, जो सरकार में आने को तैयार हैं. इसके अलावा, नेतन्याहू ने वामपंथी गठबंधन के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे उन पार्टियों के समर्थन से अल्पमत सरकार बनाना चाहते हैं, जिन्हें वह आतंकवाद का समर्थक मानते हैं.  ऐसा करके विपक्ष राष्ट्रीय हितों से ऊपर राजनीतिक फायदे को रख रहा है.

नेतन्याहू ने इजरायल के हालिया चुनाव में विदेशी दखल की आशंका भी जताई. उन्होंने दावा किया कि कुछ विदेशी देशों ने चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए बड़ी रकम खर्च की हो सकती है. उन्होंने इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की. इससे पहले इजरायल की घरेलू खुफिया एजेंसी शिन बेट ने केंद्रीय चुनाव समिति को कथित तौर पर बताया था कि चुनाव अभियान के दौरान विदेशी फंडिंग और प्रभाव डालने की कोशिशों से जुड़ी जानकारी मिली है.

इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट जीत नहीं मिली. ऐसे में अगली सरकार बनाने के लिए दलों के बीच बातचीत जरूरी हो गई है. राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने बुधवार, 4 नवंबर को पार्टी नेताओं और प्रतिनिधियों से मुलाकात शुरू की.

दो दिन तक चलने वाली इन बैठकों में राष्ट्रपति उन दलों की राय जान रहे हैं, जिन्हें संसद में सीटें मिली हैं. उनसे पूछा जा रहा है कि वे किस नेता को सरकार बनाने की जिम्मेदारी देने की सिफारिश करते हैं. इसके बाद सरकार बनाने का मौका पाने वाले नेता को बहुमत जुटाने के लिए दूसरे दलों से बातचीत करनी होगी. इस प्रक्रिया में कई हफ्ते लग सकते हैं.

Original Source
https://www.aajtak.in/world/story/israel-election-netanyahu-warns-iran-extremist-islam-threat-opposition-gov-ntc-dhrj-dskc-2688542-2026-11-05?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World