नॉर्थ कोरिया ने नया एयर-डिफेंस सिस्टम और क्रूज मिसाइल टेस्ट किया, बढ़ाई टेंशन
नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है. सरकारी समाचार एजेंसी KCNA ने 5 नवंबर को बताया कि 4 नवंबर को देश ने नया डिजाइन किया गया एयर-डिफेंस मिसाइल सिस्टम टेस्ट किया. साथ ही पूर्वी क्षेत्र की लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल यूनिट ने भी स्ट्राइक ड्रिल की.
यह टेस्ट नॉर्थ कोरिया के मिसाइल प्रशासन द्वारा किया गया. इसमें नए मैटेरियल, इंटेलिजेंट मल्टीपल गाइडेंस मोड, टारगेट लोकेशन और ट्रैकिंग क्षमता की जांच की गई. KCNA के अनुसार टेस्ट सफल रहा और सिस्टम की विश्वसनीयता साबित हुई.
उसी दिन लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइल यूनिट के एक सब-यूनिट ने वर्चुअल एयरपोर्ट लक्ष्य पर हमला करके ड्रिल पूरी की. ये अभ्यास सैन्य हवाई अड्डों को नष्ट करने और आने वाले विमानों को ट्रैक करने की तैयारी के रूप में देखे जा रहे हैं. साउथ कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने पहले ही कई मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगा लिया था.
ये मिसाइलें पूर्वी समुद्र की ओर दागी गईं. लगभग 300 किलोमीटर से कम दूरी तय की. सियोल और वॉशिंगटन अब भी इनके प्रकार का विश्लेषण कर रहे हैं. कुछ आंकड़ों से पता चलता है कि अलग-अलग प्रकार की मिसाइलें हो सकती हैं.
North Korea says it tested air-defence missile, staged cruise missile drill https://t.co/XEFZZOtyXi
यह घटना नवंबर में नॉर्थ कोरिया का चौथा हथियार टेस्ट है. इससे पहले अल्ट्रा-प्रिसिजन रॉकेट लॉन्चर, क्लस्टर बम और डिस्पर्सल वॉरहेड वाले क्रूज मिसाइल के टेस्ट हो चुके हैं. इन लगातार गतिविधियों से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ रहा है. साउथ कोरिया और अमेरिका इन लॉन्च को गंभीरता से ले रहे हैं. नॉर्थ कोरिया इन टेस्टों को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने का हिस्सा बताता है. लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती देते हैं और पड़ोसी देशों को चिंतित करते हैं.
एयर-डिफेंस सिस्टम विकसित करना नॉर्थ कोरिया के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुश्मन के विमानों और मिसाइलों से बचाव बढ़ाता है. क्रूज मिसाइल ड्रिल से हमलावर क्षमता का प्रदर्शन होता है. ये गतिविधियां किम जोंग-उन के नेतृत्व में सैन्य आधुनिकीकरण की रणनीति का हिस्सा हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रतिबंधों के बावजूद नॉर्थ कोरिया के ऐसे कदमों पर नजर रखे हुए है. ये टेस्ट वार्ता की संभावनाओं को और जटिल बना सकते हैं. क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं, लेकिन फिलहाल सैन्य प्रदर्शन जारी रहने की आशंका बनी हुई है.