घर में नहीं मिलता आराम, तो होटल में सुकून तलाश रहीं महिलाएं, जानें क्या है ट्रेंड
घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अक्सर खुद के लिए समय नहीं निकाल पातीं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक उनके पास कामों की लंबी लिस्ट होती है. ऑफिस जाना, घर संभालना, बच्चों की देखभाल करना और परिवार की जरूरतें पूरी करना. ऐसे में कई बार उन्हें आराम करने का मौका भी नहीं मिलता. अब चीन में ऐसी ही परेशानियों से जूझ रही कामकाजी महिलाएं एक अनोखा तरीका अपना रही हैं. वे कुछ घंटे अकेले बिताने और सुकून की नींद लेने के लिए होटल के कमरे बुक कर रही हैं.
खास बात यह है कि ये महिलाएं किसी घूमने-फिरने या छुट्टियां मनाने के लिए होटल नहीं जातीं, बल्कि घर और बच्चों की जिम्मेदारियों से थोड़ी देर दूर रहना चाहती हैं. वे होटल के कमरे में अकेले रहकर सोती हैं, टीवी देखती हैं, किताबें पढ़ती हैं और अपनी पसंद का खाना खाती हैं. चीन में महिलाओं के बीच यह ट्रेंड चर्चा का विषय बन रहा है.
घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी से परेशान महिलाएं साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में बड़ी संख्या में मिडिल एज यानी अधेड़ उम्र की कामकाजी महिलाएं कुछ घंटे अकेले बिताने के लिए होटल पहुंच रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी है.
दरअसल, कई महिलाओं को ऑफिस में काम करने के बाद घर लौटते ही दूसरी शिफ्ट शुरू करनी पड़ती है. इसमें खाना बनाना, घर की सफाई करना, बच्चों को संभालना और परिवार के दूसरे काम शामिल हैं. यानी ऑफिस की ड्यूटी खत्म होने के बाद भी उनका काम खत्म नहीं होता. कई महिलाओं को घर में ऐसा कोई कोना भी नहीं मिलता, जहां वे बिना किसी परेशानी के कुछ देर आराम कर सकें. इसी वजह से वे होटल में कमरा बुक करके खुद को थोड़ा समय दे रही हैं.
रिपोर्ट में चीन की एक 34 साल की महिला का जिक्र किया गया है. वह अपने पति, सास-ससुर और छोटी बेटी के साथ रहती है. उसकी बेटी किंडरगार्टन यानी शुरुआती स्कूल में पढ़ती है. महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडनोट (RedNote) पर बताया कि घर में उसे अपने लिए बिल्कुल समय नहीं मिल पाता था. परिवार के साथ रहते हुए उसकी निजी जिंदगी जैसे खत्म हो गई थी. आखिरकार एक दिन उसने ऑफिस से घर लौटते समय एक होटल का कमरा बुक कर लिया. उसने परिवार को बताया कि उसे ऑफिस में ओवरटाइम करना है. इसके बाद वह होटल पहुंच गई. वहां उसने करीब 4 घंटे अकेले बिताए. इस दौरान उसने आराम से नहाया, खाना खाया, किताब पढ़ी और टीवी देखा. सबसे बड़ी बात यह थी कि इस दौरान उसे किसी ने आवाज नहीं लगाई और न ही कोई घरेलू काम करने के लिए कहा.
महिला ने बताया कि चार घंटे की इस आजादी के लिए उसने 100 युआन (करीब 15 डॉलर) से कुछ ज्यादा खर्च किए. उसके मुताबिक, यह पैसा बिल्कुल भी बर्बाद नहीं हुआ. उसे ऐसा लगा जैसे वह खुद के साथ डेट पर आई हो. उसकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर करीब 20 हजार लाइक्स मिले. इसके बाद दूसरी महिलाओं ने भी अपने ऐसे अनुभव साझा करने शुरू कर दिए.
कोई तेज गाने सुनती है तो कोई पसंद का खाना खा रही होटल में अकेले समय बिताने वाली महिलाओं की पसंद भी अलग-अलग है. चीन के चांगशा शहर में रहने वाली एक महिला हर गुरुवार को अपने ऑफिस के पास कुछ घंटों के लिए होटल का कमरा बुक करती है. वहां जाकर वह तेज आवाज में रॉक म्यूजिक सुनती है और लुओसिफेन (Luosifen) नाम की चाइनीज नूडल डिश खाती है. दरअसल, उसके परिवार के लोगों को ये दोनों चीजें पसंद नहीं हैं. इसलिए वह घर पर अपनी पसंद के मुताबिक इनका आनंद नहीं ले पाती.
वहीं, हांगझोऊ शहर की एक दूसरी महिला को बिजनेस ट्रिप का इंतजार रहता है. इसकी वजह काम नहीं, बल्कि वहां मिलने वाला अकेले समय है. वह बताती है कि यात्रा के दौरान वह बिना किसी रोक-टोक के घूम सकती है, फेस मास्क लगाकर टीवी शो देख सकती है और अपनी मर्जी से समय बिता सकती है. उसे सबसे ज्यादा सुकून इस बात से मिलता है कि वहां कोई बार-बार उसे 'मम्मी' कहकर नहीं बुलाता.
घर की जिम्मेदारी में महिलाओं को नहीं मिलता आराम इस चलन के पीछे सिर्फ कुछ घंटे अकेले रहने की इच्छा नहीं है, बल्कि घर में महिलाओं पर पड़ने वाली जिम्मेदारियों का बड़ा अंतर भी है. रिपोर्ट में 2025 के एक अध्ययन का हवाला दिया गया है. यह अध्ययन चीन के जॉब प्लेटफॉर्म झाओपिन (Zhaopin) के रिसर्च इंस्टीट्यूट ने किया था. इसके मुताबिक, चीन में एक तिहाई से ज्यादा कामकाजी मांएं रोजाना दो घंटे से अधिक समय घर के कामों में बिताती हैं. यह समय कामकाजी पुरुषों की तुलना में काफी ज्यादा है.
कई महिलाओं का कहना है कि घर के दूसरे सदस्य बच्चों की देखभाल में मदद करते हैं, लेकिन बच्चे जरूरत पड़ने पर सबसे पहले मां को ही बुलाते हैं. ऐसे में मां के लिए कुछ देर अकेले बैठना या बिना किसी परेशानी के सोना भी मुश्किल हो जाता है. कुछ महिलाएं तो परिवार को बताए बिना होटल चली जाती हैं. उन्हें डर रहता है कि अगर उन्होंने अपने लिए समय मांगा तो परिवार के लोग नाराज हो सकते हैं या उनकी बात को गलत समझ सकते हैं. एक महिला ने बताया कि उसका पति बालकनी या बाथरूम में अकेले समय बिता सकता है, लेकिन उसके लिए घर में खुलकर रोना भी मुश्किल है. उसे डर रहता है कि कहीं बच्चा उसे देख न ले.
'मां और पत्नी होने से पहले हम इंसान हैं' सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर कई लोग महिलाओं का समर्थन कर रहे हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि महिलाओं को भी अपनी जिंदगी में आराम और निजी समय की जरूरत होती है. एक यूजर ने लिखा कि कुछ महिलाओं के लिए ऑफिस ही आराम करने की जगह बन गया है, जबकि घर लौटने के बाद उनके सामने कामों की एक नई लिस्ट होती है. वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि महिलाएं मां, पत्नी या कर्मचारी होने से पहले इंसान हैं. उन्हें भी अपनी पसंद से जिंदगी जीने और कुछ समय खुद के लिए निकालने का हक है.

