तुकाराम मुंढे का NYT भी हुआ मुरीद... फ्रंट पेज पर छापी फोटो, लिखा- 'रॉकस्टार'
महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर तुकाराम मुंढे अपने सख्त फैसलों और ताबड़तोड़ छापेमारी से छा गए हैं. उनकी चर्चा अब विदेशों तक पहुंच गई है. अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने उन्हें अपने फ्रंट पेज पर जगह दी है.
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अपने मेन पेज पर तुकाराम मुंढे की तस्वीर और रिपोर्ट छापी है. अखबार की हेडलाइन है- 'भारत में, एक फूड इंस्पेक्टर एक रॉक स्टार है.' इसके साथ सब-हेडिंग में लिखा गया है- 'डाइनर्स उनकी पूजा करते हैं और रेस्टोरेंट मालिक उनसे डरते हैं.'
अपनी डिजिटल रिपोर्ट में अखबार ने उन्हें 'फूड सेफ्टी सेलिब्रिटी' बताया है. रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि कैसे उनके अचानक निरीक्षणों ने उन्हें आम जनता के बीच पॉपुलर बना दिया है और खाने की साफ-सफाई को मुख्य मुद्दा बना दिया है.
Good governance is not about making headlines. It is about making a difference. Food safety is ultimately about protecting people, upholding standards and building public trust. When enforcement is fair, fearless and consistent, institutions earn credibility and citizens begin to believe that the system works. The New York Times captures one such story from Maharashtra. #TukaramMundhe #GoodGovernance #PublicTrust #FoodSafety #PublicService #NYTimes
तुकाराम मुंढे को अक्सर 'IAS सिंघम' भी कहा जाता है. इस साल की शुरुआत में जब से उन्होंने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर की कमान संभाली है, तब से उनका महकमा लगातार एक्शन में है. उन्होंने रेस्टोरेंट्स, फूड शॉप्स, वेयरहाउस और क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर्स पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं. इन रेड्स के दायरे में राज्य के कई बड़े और नामी फूड ब्रांड्स आ चुके हैं.
इंटरनेशनल न्यूजपेपर में छपी इस रिपोर्ट पर तुकाराम मुंढे का भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव लाना है. उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा का असल मकसद लोगों की जिंदगी बचाना, नियमों का पालन करना और जनता का भरोसा कायम रखना है.
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मुंढे ने कहा, 'जब कानून का पालन निष्पक्ष, निडर और लगातार होता है, तब संस्थाओं की साख बढ़ती है और नागरिकों को सिस्टम पर भरोसा होने लगता है.' उन्होंने आगे कहा कि 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने महाराष्ट्र से जुड़ी इसी तरह की एक सच्ची कहानी को दुनिया के सामने रखा है.


