PAK के पूर्व PM को बॉलीवुड में लाना चाहते थे देव आनंद, आमिर संग करते कास्ट, क्यों नहीं हुए राजी?
क्रिकेट पर बॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी हैं, जो सक्सेसफुल भी रहीं. इसकी शुरुआत आमिर खान की लगान से हुई. इससे पहले भी क्रिकेट को बेस प्लॉट लेकर कई फिल्में बनाई गईं, मगर उनकी किस्मत लगान जैसी नहीं थी. एक फिल्म बॉलीवुड के 'एवरग्रीन' हीरो रहे देव आनंद ने भी बनाई थी. साल 1990 में उन्होंने आमिर को ही लेकर फिल्म अव्वल नंबर बनाई, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई. इसे उन्होंने खुद डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था.
देव आनंद की फिल्म अव्वल नंबर में आमिर खान के साथ आदित्य पंचोली थे. आदित्य से पहले दिग्गज कलाकार ने उनका रोल पाकिस्तानी क्रिकेटर और पूर्व प्रधानमंत्री रहे इमरान खान को ऑफर किया था. देव आनंद ने तब क्रिकेटर से एक वादा भी किया था कि वो उनकी फिल्म करने के बाद बॉलीवुड के लेजेंड अमिताभ बच्चन की बराबरी पर आ जाएंगे. इन बातों का जिक्र उन्होंने अपनी आत्मकथा 'रोमांसिंग विद लाइफ' में किया था.
देव आनंद के मुताबिक, फिल्म अव्वल नंबर में आमिर खान की कास्टिंग उनके लिए सबसे आसान थी. कयामत से कयामत तक की सक्सेस के बाद, उन्हें लगता था कि आमिर में काफी टैलेंट है और वो यंग स्टार्स की नई पीढ़ी का हिस्सा बन रहे हैं. इसलिए उन्होंने एक्टर को अपनी फिल्म में एक यंग क्रिकेटर सनी के रूप में कास्ट किया. वहीं, दूसरा किरदार रॉनी के लिए वो पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान खान के पास गए, जो उस समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर चुके थे.
देव आनंद ने लिखा- रॉनी के रोल के लिए उस समय मैं एक ऐसे मशहूर क्रिकेटर की तलाश कर रहा था, जिसका स्टारडम धीरे-धीरे कम हो रहा है. मुझे लगा कि इसके लिए इमरान खान बिल्कुल सही रहेंगे. वो काफी हैंडसम और कैमरे के सामने आकर्षक लगते थे. मुझे लगा कि इमरान और आमिर खान को एक साथ कास्ट करना फिल्म के लिए बहुत बड़ा सरप्राइज होगा.
क्यों इमरान खान को कास्ट करना चाहते थे देव आनंद?
एवरग्रीन स्टार आगे बताते हैं कि इमरान ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपना काफी समय लंदन में बिताना शुरू कर दिया था. इसी दौरान वो मॉडलिंग भी करने लगे थे. देव आनंद उनसे मिलने लंदन पहुंचे और उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का ऑफर दिया. वो उनसे बोले कि वो फिल्म में एक ऐसे क्रिकेटर का किरदार निभाएं, जिसका स्टारडम अब कम हो रहा है. उन्होंने इमरान को भरोसा दिलाया कि ये फिल्म उन्हें एक अलग तरह की शोहरत दिला सकती है.
लेकिन इमरान ये सुनकर चुप हो गए. उन्हें खुद नहीं लगता था कि वो एक अच्छे एक्टर बन सकते हैं. उन्हें कैमरे के सामने एक्टिंग करने को लेकर थोड़ी झिझक भी थी. इमरान को एक्टिंग के लिए मनाने के लिए देव आनंद ने उन्हें और समझाने की कोशिश की. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इमरान ये फिल्म करते हैं तो भारत में उनकी पहचान और भी बड़ी हो जाएगी.
देव आनंद ने इमरान से कहा कि वो दुनिया में पहले से ही बहुत बड़े स्टार हैं और इस फिल्म के बाद भारत में भी उनकी पॉपुलैरिटी काफी बढ़ सकती है. उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि फिल्मों में वो अमिताभ बच्चन जैसे बड़े स्टार्स की बराबरी की पॉपुलैरिटी हासिल कर सकते हैं. एक्टर ने ये भी कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर फिल्म का प्रीमियर पाकिस्तान में इमरान खान को स्टार बनाकर किया जाए.
लेकिन इमरान ने अपनी तरफ की बात भी देव आनंद के सामने रखी. उन्होंने बताया कि उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया-उल-हक चाहते थे कि वो उनकी सरकार में कल्चर मिनिस्टर के तौर पर शामिल हों. देव आनंद ने इसका भी रास्ता निकालते हुए कहा कि इमरान दोनों काम कर सकते हैं. वो राजनीति के साथ फिल्म में भी काम कर सकते हैं.
लेकिन इमरान एक्टिंग को लेकर तैयार नहीं थे. देव आनंद ने उनसे कहा कि वो उनकी लिखी हुई स्क्रिप्ट को थोड़ा समय दें और इस पर सोचें. देव आनंद ने उनसे विदा लेते हुए कहा कि अगर वो इमरान को अपनी फिल्म में कास्ट कर पाए तो उन्हें बहुत खुशी होगी. हालांकि अगले ही दिन इमरान से उन्हें सिर्फ एक शब्द में ना का जवाब मिला. इमरान खान ने देव आनंद की फिल्म में काम करने का ऑफर साफ तौर पर ठुकरा दिया.


