Rama Rama by Rishab Rikhiram Review: शबरी की भक्ति, राम का नाम और सितार की मिठास, दिल छूता है 'रामा-रामा' गाना, फिल्म में होगा शामिल?
सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा अपने गानों से लोगों को दीवाना बनाते आए हैं. अब उन्होंने 'रामायण' की शबरी पर एक भक्ति में रमा हुआ गाना रामा-रामा तैयार किया है, जिसे उन्होंने रिलीज किया. ये गाना वो फिल्म रामायण के दिल्ली में हुए ट्रेलर लॉन्च के दौरान परफॉर्म कर चुके हैं. फैंस की रिक्वेस्ट पर ऋषभ ने इस गाने को रिलीज किया.
रामा रामा गाना एक म्यूजिक वीडियो के तौर पर रिलीज हुआ है. फिल्म में इसका इस्तेमाल होगा या नहीं, ये तो वक्त आने पर पता चलेगा. लेकिन ऋषभ रिखीराम का ये गाना पहली बारी में सुनकर सीधे दिल में उतरा है. सितार की मधुर धुन वैसे भी मन को मोह लेती है. ऊपर से ऋषभ इसे चलाने में माहिर, ऐसे में गाने में चार चांद लगने तय ही थे. वो अपने अंदाज में शबरी की भक्ति को सुनने वालों के सामने पेश कर रहे हैं. ये एक गाना नहीं बल्कि भजन जैसा महसूस होता है. गाने के विजुअल्स भी काफी अच्छे हैं. ऋषभ ने इसे गाया भी काफी अच्छी तरीके से है.
इस गाने में शबरी के बारे में ऋषभ ने भी कुछ लिखा है. उनका कहना है कि इसमें शबरी की अटूट भक्ति और भगवान राम को बेर खिलाने की कहानी से लेकर गोवर्धन की कथा तक को दिखाया गया है. गोवर्धन भगवान राम की सेवा करना चाहते थे और इसके लिए रामसेतु का हिस्सा बनना चाहते थे. लेकिन जब तक वो समुद्र किनारे पहुंचे, तब तक पुल बन चुका था. इस पर भगवान राम ने उनसे वादा किया कि वो अपने अगले जन्म में भगवान कृष्ण के रूप में लौटेंगे और खुद उन्हें उठाएंगे.
भगवान राम का ये वादा ब्रज में पूरा हुआ. भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिनों और सात रातों तक उठाए रखा. इस दौरान उन्होंने इंद्र देव की तेज बारिश से ब्रज के लोगों और उनके मवेशियों की रक्षा की. गोवर्धन के पास मथुरा, उत्तर प्रदेश में पवित्र कुसुम सरोवर स्थित है. मान्यता है कि इस जगह का संबंध राधा और कृष्ण से है. ये खूबसूरत जगह आज भी ब्रज की धरती पर उनके दिव्य प्रेम की याद दिलाती है.
शबरी के अटूट प्रेम से लेकर गोवर्धन की सेवा करने की इच्छा तक, ये कहानियां हमें एक ही बात सिखाती हैं कि भगवान के लिए कोई भी भेंट छोटी नहीं होती. अगर आपके मन में सच्ची श्रद्धा और भक्ति है, तो आपका छोटा-सा चढ़ावा भी उनके लिए अनमोल है.


