सिर्फ किराए की कमाई नहीं, REIT में कीमत बढ़ने से भी मिल रहा मोटा रिटर्न

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रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) अब केवल नियमित कमाई देने वाले निवेश के बजाय कुल रिटर्न देने वाले निवेश के रूप में तेजी से उभर रहे हैं. हाल की एक सेक्टर रिपोर्ट, ‘REIT Sector Note Aug’26’, के अनुसार भारतीय सूचीबद्ध REITs के पिछले 12 महीनों के रिटर्न में करीब 65-70% हिस्सा ...

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) अब केवल नियमित कमाई देने वाले निवेश के बजाय कुल रिटर्न देने वाले निवेश के रूप में तेजी से उभर रहे हैं. हाल की एक सेक्टर रिपोर्ट, ‘REIT Sector Note Aug’26’, के अनुसार भारतीय सूचीबद्ध REITs के पिछले 12 महीनों के रिटर्न में करीब 65-70% हिस्सा यूनिट की कीमत बढ़ने से आया है, जबकि बाकी रिटर्न निवेशकों को मिलने वाले वितरण से मिला है. 

निवेशकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है. REITs की संरचना इस तरह की गई है कि वे अपनी संपत्तियों से मिलने वाले किराए और संचालन से होने वाली आय का एक हिस्सा नियमित रूप से निवेशकों को बांटते हैं. इसके अलावा, शेयर बाजार में REIT यूनिट की कीमत बढ़ने से निवेशकों को पूंजीगत लाभ भी हो सकता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सूचीबद्ध REITs ने अच्छी आय के साथ-साथ यूनिट की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की है, पिछले 12 महीनों के रिटर्न में लगभग 65-70% हिस्सा कीमत बढ़ने से आया. इस विश्लेषण में Knowledge Realty और Bagmane REIT को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि दोनों की लिस्टिंग हाल ही में हुई है.

हालांकि हाल के रिटर्न में कीमत बढ़ने का योगदान ज्यादा रहा है, लेकिन निवेशकों को मिलने वाला नियमित वितरण अभी भी REITs की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. रिपोर्ट में शामिल पुराने और स्थापित सूचीबद्ध REITs में कई प्लेटफॉर्म की औसत सालाना वितरण यील्ड करीब 6.8%-7.5% रही है.

इसका मतलब है कि निवेशकों को REITs से दो तरह का रिटर्न मिल सकता है. पहला, संपत्तियों से मिलने वाले किराए और अन्य आय से नियमित नकद वितरण और दूसरा, REIT यूनिट की बाजार कीमत बढ़ने से पूंजीगत लाभ.

REIT यूनिट की कीमत क्यों बढ़ सकती है?

REIT की कीमत बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, इनमें किराए से होने वाली आय में बढ़ोतरी, संपत्तियों में ज्यादा ऑक्यूपेंसी, यानी ज्यादा जगहों का किराए पर जाना, संपत्तियों की बढ़ती कीमत और भविष्य में पोर्टफोलियो के विस्तार की उम्मीद शामिल हैं. REITs अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए नई संपत्तियां भी खरीद रहे हैं. इसके लिए वे अपने प्रायोजकों की संपत्तियों के साथ-साथ बाहरी बाजार से भी चुनिंदा संपत्तियां खरीद रहे हैं.

सेक्टर रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में संपत्तियों का विस्तार करने की अच्छी क्षमता है, इसमें प्रायोजकों की संपत्तियां, चुनिंदा अधिग्रहण और अपेक्षाकृत कम कर्ज जैसे कारक मदद कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, रिपोर्ट के अनुसार Nexus Select Trust ने अपनी शुरुआत से अब तक करीब 16% का सालाना पूंजीगत बढ़ोतरी वाला CAGR दर्ज किया है. इसके साथ निवेशकों को लगातार वितरण भी मिला है.

REIT बाजार का आकार भी काफी बढ़ा है, संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, बड़े होते पोर्टफोलियो और निवेशकों में बढ़ती जागरूकता ने इस क्षेत्र को मजबूत किया है.

नियमित आय और पूंजीगत लाभ, दोनों मिलने की संभावना के कारण REITs को अब केवल फिक्स्ड इनकम निवेश के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, इन्हें निवेश पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण निवेश के रूप में भी देखा जाने लगा है.

हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कुल रिटर्न बाजार की स्थिति के साथ बदल सकता है. नियमित वितरण के विपरीत, यूनिट की कीमत में बढ़ोतरी की कोई गारंटी नहीं होती. इसलिए अगस्त 2026 की सेक्टर रिपोर्ट यह बताती है कि REIT का मूल्यांकन करते समय केवल मिलने वाली आय या वितरण को नहीं, बल्कि यूनिट की कीमत में हुए बदलाव को भी देखना चाहिए.

Original Source
https://www.aajtak.in/business/real-estate/story/reit-investment-total-return-price-appreciation-65-70-percent-ntcpsc-dskc-2642961-2026-09-15?utm_source=rss
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