RTI से बाहर नहीं रहेगा लॉ एंड ऑर्डर विभाग, विरोध के बाद विजय सरकार का U-टर्न

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार ने कानून-व्यवस्था विभाग को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखने का फैसला वापस ले लिया है. सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी सरकारी आदेश को रद्द कर दिया है. इस आदेश को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे थे.

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार ने कानून-व्यवस्था विभाग को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखने का फैसला वापस ले लिया है. सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी सरकारी आदेश को रद्द कर दिया है. इस आदेश को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे थे.

सरकार की ओर से बताया गया है कि मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश अब लागू नहीं रहेगा. इसी आदेश के जरिए RTI Act, 2005 की धारा 24(4) के तहत Public (Law and Order) Department को RTI से छूट दी गई थी.

दरअसल, विजय सरकार ने कानून-व्यवस्था विभाग को RTI के दायरे से बाहर करने के लिए एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को खुफिया और सुरक्षा संगठन की श्रेणी में रखा गया था. इसके बाद इस विभाग से जुड़ी कई जानकारियां RTI के जरिए हासिल नहीं की जा सकती थीं.

सरकार के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया. कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि RTI का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए, न कि किसी महत्वपूर्ण विभाग को इससे बाहर किया जाना चाहिए. CPM सांसद सु वेंकटेशन ने भी मुख्यमंत्री विजय से इस आदेश को वापस लेने की मांग की थी. DMK ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे.

DMK नेता सरवनन ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध के आंकड़े छिपाने के लिए कानून-व्यवस्था विभाग को RTI के दायरे से बाहर कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर यह विभाग RTI से बाहर हो जाता है तो राज्य में होने वाले अपराधों से जुड़े वास्तविक आंकड़े हासिल करना मुश्किल हो जाएगा.

सरवनन ने नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में 500 हत्याएं होने की बात कही थी. यह विपक्ष की ओर से किया गया दावा है. AIADMK ने भी सरकार के फैसले का विरोध किया था. पार्टी ने आरोप लगाया था कि RTI से छूट देकर सरकार कुछ मामलों से जुड़ी जानकारी को सामने आने से रोकना चाहती है.

वहीं, शिक्षा मंत्री राज मोहन ने इस विवाद के बीच कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी एक 'लक्ष्मण रेखा' होती है. RTI कानून की धारा 24 के तहत कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों को RTI से छूट दी जा सकती है. राज्य सरकार इसी प्रावधान के तहत कुछ संगठनों को इस सूची में शामिल कर सकती है.

हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और फैसले पर उठ रहे सवालों के बाद अब विजय सरकार ने अपना आदेश वापस ले लिया है. यानी कानून-व्यवस्था विभाग को RTI से बाहर रखने के लिए 21 सितंबर को जारी किया गया आदेश अब लागू नहीं रहेगा.  

Original Source
https://www.aajtak.in/india/news/story/tamilnadu-government-revokes-rti-exemption-law-and-order-department-ntcpvp-dskc-2654464-2026-09-27?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in Business