Shah Rukh Khan's 61st birthday: कैसे इंडियन रेलवे ने शाहरुख खान को बना दिया बॉलीवुड का 'बादशाह'?

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'जब पहली बार मैं मुंबई आया था तो मैं ट्रेन में आया था और मैं आपको एक किस्सा बताता हूं. मुझे मालूम नहीं था कि जब ट्रेन दिल्ली से चल कर मुंबई आती है तो वो लोकल ट्रेन बन जाती है. दिल्ली में तब लोकल ट्रेनें नहीं चलती थीं. तो हमारी बर्थ में कुछ लोग बैठने को आए तो हमने कहा कि हटो हटो य...

'जब पहली बार मैं मुंबई आया था तो मैं ट्रेन में आया था और मैं आपको एक किस्सा बताता हूं. मुझे मालूम नहीं था कि जब ट्रेन दिल्ली से चल कर मुंबई आती है तो वो लोकल ट्रेन बन जाती है. दिल्ली में तब लोकल ट्रेनें नहीं चलती थीं. तो हमारी बर्थ में कुछ लोग बैठने को आए तो हमने कहा कि हटो हटो ये हमारा बर्थ है हमने इसका पैसा दिया है. तो एक लेडी आईं, तो उनको मैंने कहा आप बैठ जाएं, लेकिन आपके साथ जो हैं वो नहीं बैठ सकते. ये बर्थ मेरा है. उसने खींच कर मुझे एक चांटा मारा, उसने कहा मेरे साथ हैं वो भी इसमें बैठेंगे और ये तुम्हारा बर्थ नहीं है, सब बैठते हैं.' - शाहरुख खान ने अपनी फिल्म 'फैन' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान यह मजेदार किस्सा सुनाया था.

लेकिन उस वक्त शायद ही किसी को यह अंदाजा रहा होगा कि जिस भारतीय रेलवे के साथ उनका यह शुरुआती खट्टा-मीठा अनुभव रहा है, वही रेलवे उनके करियर को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा देगा. दिल्ली के एक आम लड़के से बॉलीवुड का 'बादशाह' और फिर एक ग्लोबल स्टार बनने तक के इस ऐतिहासिक सफर में इंडियन रेलवे ने एक ऐसा साझीदार निभाया है, जिसकी छाप शाहरुख की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में साफ दिखाई देती है. आज जब शाहरुख खान अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो यह देखना वाकई दिलचस्प है कि कैसे पटरियों और ट्रेनों ने उनके फिल्मी करियर को बार-बार ट्रैक पर लाने और संवारने में अहम भूमिका निभाई है.

थिएटर के दिनों से रेलवे का पुराना नाता यह किस्सा बॉलीवुड के किंग बनने से बहुत पहले का है. करीब 80 के दशक की एक ब्लैक एंड व्हाइट पुरानी तस्वीर सामने आई थी, जिसमें युवा शाहरुख अपने थिएटर के दोस्तों के साथ दिल्ली से कोलकाता ट्रेन का सफर करते नजर आ रहे थे. अमर ने इन पुरानी यादों को एक वीडियो में पिरोकर अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया था. उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा था, '35 साल पहले की उस ट्रेन राइड से और भी... दिल्ली से कोलकाता... दिव्या और दीपिका और शाहरुख और संजय और दीपक और ऋतुराज और बेनी और मोहित, और मैं कैमरे के पीछे, और बैरी कहां था.' यही वो शुरुआती दिन थे जब ट्रेन के डिब्बे सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि सपनों के बुनने की जगह हुआ करते थे.

जब शाहरुख ने फिल्मों में कदम रखा, तो भारतीय रेलवे उनके फिल्मी सफर का एक ऐसा अटूट हिस्सा बन गया, जिसने उनके करियर के सबसे यादगार और ऐतिहासिक पलों को हमेशा के लिए अमर कर दिया. आइए नजर डालते हैं उनकी उन फिल्मों पर, जिनमें ट्रेन ने उनके सफर और सफलता की इबारत लिखी.

साल 1994 में रिलीज हुई शाहरुख खान की बतौर एक्टर 5वीं फिल्म रिलीज हुई थी. ये शाहरुख खान के करियर की उनकी सबसे पसंदीदा फिल्मों में शुमार है. इसमें 'दीवाना दिल दीवाना' गाने के दौरान  शाहरुख खान को रेलवे स्टेशन पर जाते हुए देखा जाता है. ये गाना और सीन ऐसे मौके पर आता है, जब सुनील (शाहरुख खान), अपने प्यार एना (सुचित्रा कृष्णमूर्ति) को स्टेशन पिकअप करने जाता है. हालांकि अगर आपने ये फिल्म देखी होगी तो इसका अंत काफी दर्दनाक और इमोशनल होता है. 'कभी हां कभी ना' हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन कल्ट क्लासिक फिल्मों में से एक मानी जाती है.

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) भला राज और सिमरन के उस आइकॉनिक सीन को कौन भूल सकता है? 'जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी'—चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर हाथ बढ़ाने वाला वो अंदाज आज भी रोमांस की परिभाषा है. इसी फिल्म ने शाहरुख को रातों-रात देश का सबसे बड़ा रोमांटिक हीरो बना दिया था. 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ) का ट्रेन सीन सिर्फ हिंदी सिनेमा का एक सीन नहीं है, बल्कि यह भारतीय पॉप-कल्चर का एक ऐसा लैंडमार्क है जिसने प्यार, आजादी और मिलन की परिभाषा बदल दी. 

इस फिल्म में गौर करने वाली बात ये थी कि शाहरुख खान और काजोल की पहली मुलाकात वैसी ही होती है, जैसी इस फिल्म की एंडिंग होती है. यानी चलती हुई ट्रेन के पीछे भागती हुई सिमरन और  हाथ बढ़ाए खड़ा हुआ राज. अनगिनत मौकों पर हर पीढ़ी के कपल ने या दोस्तों ने इस ऑइकॉनिक सीन को ट्रेन के आगे रिक्रिएट किया है. 

छैया-छैया का चला जादू दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का खुमार खत्म नहीं था कि शाहरुख खान ने फिल्म 'दिल से' में जो किया, वो आज तक लोगों के जहन में ताजा है. एक तरफ जहां शाहरुख, ट्रेन का इंतजार कर रही मनीषा कोइराला के प्यार में पड़ जाते हैं और अगले ही पल छैया-छैया गाना आता है. चलती ट्रेन की छत पर, हवा से बातें करते हुए 'छैय्या छैय्या' पर जब शाहरुख ने कदम थिरकाए, तो लगा कि जैसे पूरा देश उनके साथ उस रफ्तार पर झूम उठा हो.

यह गाना Ooty (ऊटी) के पास नीलगिरी माउंटेन रेलवे (Nilgiri Mountain Railway) की चलती ट्रेन की छत पर शूट किया गया था. गुलजार  के लिखे इस सूफी-लोक टच वाले गीत को ए.आर. रहमान ने कंपोज किया था. सुखविंदर सिंह की एनर्जेटिक आवाज और सपना अवस्थी की लोक गायकी ने इस गाने में जान फूंक दी. फिर क्या था. इंडियन रेलवे को शाहरुख खान ने अपनी फिल्म के जरिए ऐसा ट्रिब्यूट दिया कि किंग खान को भारतीय रेलवे के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर लोग जानने लगे. बीबीसी (BBC) द्वारा 2002 में कराए गए एक वर्ल्डवाइड सर्वे में 'छैया छैया' को All-Time के दुनिया के सबसे लोकप्रिय गानों की सूची में 9वां स्थान मिला था. इसने 7000 गानों को पछाड़ ये दर्जा हासिल किया था.

कुछ-कुछ होता है (1998) इसके बाद करण जौहर की पहली डायरेक्शन वाली फिल्म कुछ कुछ होता है, रिलीज हुई. उस वक्त इसने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस फिल्म का सबसे टर्निग पॉइंट रेलवे स्टेशन पर शूट होता है. जहां अंजलि (काजोल), अपने घर वापस जा रही होती है. राहुल (शाहरुख खान) उन्हें काफी मनाने की कोशिश करते हैं. ये उस फिल्म का सबसे इमोशनल पल था. इसके बाद अजंलि ट्रेन से अपनी चुन्नी फेंकती है, और वो टीना (रानी मुखर्जी) को देती है. यहां से पूरी फिल्म की कहानी बदल जाती है. रेलवे स्टेशन पर फिल्माया गया ये वो सीन है, जो आज भी लोगों के दिलों में ताजा है.

वीरा जारा (2004) शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की वीर-जारा एक हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी लड़की की प्रेम कहानी पर आधारित है. इस फिल्म का टर्निंग पॉइंट भी रेलवे स्टेशन होता है. जहां वीर (शाहरुख), जारा (प्रीति) से अपने प्यार का इजहार कर देता है. ये वो पल था, जहां जारा के मंगेतर के सामने शाहरुख खान का डायलॉग आता है- 'मोहब्बत क्या होती है, वो मैं नहीं जानता... लेकिन जारा के लिए दिल से एक दुआ जरूर है. इसकी आंखों में कभी आंसुओं ना आए, ये सदा हस्ती रहे, अब आप इसे मोहब्बत कहे, तो मोहब्बत ही सही.' 

फिल्म की कहानी के मुताबिक भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाला अटारी (Attari) रेलवे स्टेशन दिखाया गया है, जहां से ज़ारा (प्रीति ज़िंटा) को 'समझौता एक्सप्रेस' पकड़कर वापस लाहौर, पाकिस्तान लौटना होता है.

स्वदेस (2004) शाहरुख खान ने अपने करियर में बहुत सारी फिल्में की. लेकिन अगर किसी फिल्म को सबसे टॉप पर रखना हो, तो शाहरुख खान की सबसे बेहतरीन फिल्मों में स्वदेस नंबर 1 रहेगी.  यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, घर वापसी का अहसास था. नासा की चमक छोड़कर जब मोहन भार्गव (शाहरुख) ने ट्रेन की खिड़की के पीछे से उस छोटे से बच्चे को पानी बेचते देखा, तो वह सिर्फ उस बच्चे की तस्वीर नहीं थी- वह इस देश की रूह थी, जिसने शाहरुख के भीतर के एक्टर को और गहरा कर दिया.

फिल्म की कहानी के मुताबिक मोहन, जो नासा में मिनरल वॉटर पीने का आदी था और अपनी मिनरल वॉटर की बोतलें साथ लेकर घूमता था, उस छोटे से बच्चे को देखता है. वह बच्चा इतनी कम उम्र में चंद पैसों के लिए पानी बेच रहा है. उसके बाद जैसे ही पानी की बूंदें शाहरुख के गले से नीचे उतरती हैं, उसे भारत की जमीनी हकीकत, गरीबी, लाचारी और अपने देश के लोगों के दर्द का अहसास एक साथ होता है. ये इतना इमोशनल सीन था कि हर किसी के आंसू निकल जाते हैं.

मैं हूं ना (2004) फराह खान के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैं हूँ ना' (2004) का रेलवे स्टेशन वाला सीन और एंट्री सीक्वेंस बॉलीवुड के सबसे यादगार और स्टाइलिश सीन्स में से एक है. ये सीन भी ऐसे वक्त आता है, जहां मेजर राम प्रसाद शर्मा (शाहरुख खान) एक गुप्त मिशन यानी 'प्रोजेक्ट मिलाप' के तहत दार्जिलिंग के सेंट पॉल कॉलेज के लिए रवाना होते हैं. उनका मकसद जनरल बख्शी की बेटी (अमृता राव) की रक्षा करना और अपने दिवंगत पिता के सपने को पूरा करते हुए भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारना होता है.

हालांकि इस सीन में शाहरुख का विंटर लुक (लंबा कोट, टर्टलनेक स्वेटर और गले में मफलर) उस समय युवाओं के बीच बेहद पॉपुलर हो गया था. इसे बेहद सिनैमेटिक और धमाकेदार तरीके से फिल्माया गया था.

फिल्म रा. वन (2011) साल 2011 में  शाहरुख खान के प्रोडक्शन में बनी 'रा.वन' भारतीय सिनेमा और तकनीक के इतिहास में एक बेहद मील का पत्थर (Milestone) फिल्म मानी जाती है. आज इस फिल्म को आज इस फिल्म को इसकी तकनीकी दूरदर्शिता के लिए विशेष दर्जा दिया जाता है. शाहरुख खान ने इस फिल्म के लिए हॉलीवुड के स्तर की तकनीक भारत में ही विकसित की. ट्रेन सीक्वेंस और क्लाइमेक्स के एक्शन सीन उस दौर के लिए गेम-चेंजर थे.

इस फिल्म का 'Raftaarein' गाना पूरी मुंबई की जान कही जाने वाली लोकल ट्रेन पर ही आधारित है. इसमें दिखाया गया एक्शन और दो डिब्बों के बीच उस खतरनाक ट्रैक पर नीली रोशनी और सनसनाते रोमांच के बीच उनका वो अंदाज आज भी दिल की धड़कनें तेज कर देता है. ये ही नहीं, सोशल मीडिया पर युवा, ट्रेनों के लिए अक्सर इसी गाने का इस्तेमाल करते हैं. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाब तो नहीं हुई लेकिन इसने इंडियन सिनेमा का रुख बदल दिया.

हालांकि ये वो दौर था, जब सलमान खान और आमिर खान एक के बाद एक सुपरहिट फिल्में दे रहे थे. सारे सवाल शाहरुख खान पर उठ रहे थे कि उनके हिस्से कब 150-200 करोड़ वाली फिल्म आएगी? क्या शाहरुख खान का वक्त खत्म हो चुका है? लेकिन इसके बाद शाहरुख फिर एक बार ट्रेन में सवार हो गए.

साल 2013 में चेन्नई एक्सप्रेस रिलीज हुई. सालों बाद एक बार फिर वही डीडीएलजे वाला अंदाज लौटकर आया, लेकिन इस बार साउथ के एक्सप्रेस सफर के साथ. राहुल बनकर जब उन्होंने चलती ट्रेन से दीपिका का हाथ खींचा, तो सिनेमाघरों में तालियों की गड़गड़ाहट थमने का नाम नहीं ले रही थी. 'चेन्नई एक्सप्रेस' ने सफलता के नए झंडे गाड़े और साबित कर दिया कि ट्रेन वाला रोमांस आज भी उनका जादू चला सकता है. ये फिल्म उस दौर की सबसे बड़ी और सुपरहिट फिल्म बनकर उभरी. इस फिल्म शाहरुख खान को फिर बॉलीवुड के बादशाह होने का दर्जा दिया.

इसके बाद शाहरुख खान ने कई फिल्में की. रईस के वक्त तो शाहरुख खान ने फिल्म का प्रमोशन ही ट्रेन के जरिए किया लेकिन वो बात नहीं दिखी. शाहरुख खान एक बड़ी हिट की तलाश में था. दौर बदल चुका था. साउथ फिल्मों का बोलबाला हुआ. फिल्म 200 करोड़ पार कर 1000  करोड़ रुपये के कलेक्शन पर आ गई. शाहरुख खान 2013 से एक बड़ी हिट की तलाश में थे. जो साल 2023 में जाकर पूरी हुई. करीब 10 साल बाद. 

पठान-जवान फिल्म से कमबैक  शाहरुख के कमबैक की बात हो और 'पठान' का नाम न आए, ऐसा कैसे हो सकता है? यह फिल्म उनके करियर की 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाली ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म में सलमान खान के साथ ट्रेन के डिब्बों के ऊपर किया गया वो खतरनाक और धमाकेदार एक्शन सीक्वेंस आज भी सिनेमाघरों में सीटियां बजवाने के लिए काफी है. एक बार फिर शाहरुख खान का साथ ट्रेन ने ही दिया. हालांकि ये ट्रेन सीन विदेशी था, लेकिन वो कहते हैं कनेक्शन भी कमाल  की चीज है, बस हो गया तो हो गया. ये मत पूछो कैसे.

इसके बाद उनकी दूसरी ब्लॉकबस्टर फिल्म जवान भी साल 2023 में रिलीज हुई. इस फिल्म ने करीब 1200 करोड़ रुपये की कमाई की. शाहरुख ने मेट्रो/ट्रेन के हाईजैकिंग वाले जबरदस्त और धमाकेदार सीन के साथ पर्दे पर वापसी की. यहां भी ट्रेन का कनेक्शन उनके लिए काफी लकी साबित हुआ. अब यह उनके करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार है. 

कुल मिलाकर समय के साथ, भारतीय रेलवे शाहरुख खान की फिल्मों की एक ऐसी खास पहचान बन गया है, जिसने रोमांस, ड्रामा, एक्शन और बेहतरीन कहानी कहने के अंदाज में हमेशा एक बड़ा योगदान दिया है. ये ट्रेनें सिर्फ फिल्मी किरदारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का जरिया नहीं थीं, बल्कि इन्होंने भावनाओं, रिश्तों और जिंदगी के हर अहम मोड़ को भी अपने साथ आगे बढ़ाया है. सच कहें तो, जब-जब शाहरुख खान के करियर को एक नई रफ्तार और सफलता की जरूरत पड़ी, तब-तब भारतीय रेल की पटरियों ने उनके सफर को सही ट्रैक पर ला खड़ा किया और उन्हें सचमुच का 'बादशाह' बना दिया.

Original Source
https://www.aajtak.in/entertainment/bollywood-news/story/shah-rukh-khan-61st-birthday-srk-bollywood-king-indian-railway-connection-success-story-tmovg-dskc-2686114-2026-11-02?utm_source=rss
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